बलौदा बाजार
प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज की हुई बैठक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भाटापारा, 20 मई। प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज की प्रदेश कार्यकारिणी और बलौदाबाजार जिला पदाधिकारियों की बैठक महंत नयन दास महिलांग स्मृति स्थल पर आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा जी की पूजा-अर्चना के साथ हुई।
बैठक में धर्म परिवर्तन को एक प्रमुख समस्या बताया गया। समाज को संगठित करने, मतांतरण रोकने और मतांतरित लोगों की घर वापसी के लिए प्रयास करने पर जोर दिया गया। समाज की रीति-नीति में समय के अनुकूल बदलाव लाने के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें मृत्यु भोज और कफन से संबंधित परंपराओं में प्रतिबंध शामिल है। इन प्रस्तावों को गांव-गांव तक लागू करने का निर्णय लिया गया। गुरु घासीदास जयंती 18 दिसंबर को पूरे प्रदेश में सादगीपूर्ण तरीके से मनाने का निर्णय लिया गया।
प्रदेश अध्यक्ष एल.एल. कोसले ने जानकारी दी कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक संगठन का विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 20 जिलों में संस्था सक्रिय है। महिला प्रकोष्ठ, युवा प्रकोष्ठ, विधि प्रकोष्ठ और साहित्य प्रकोष्ठ के माध्यम से सामाजिक एकीकरण के प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एल.एल. कोसले, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, प्रदेश महासचिव मोहन बंजारे, दिनेश बंजारे, श्याम जी टांडे, गुलाब टंडन, यादराम हिरवानी, श्यामलाल सितारे, गणेश प्रसाद बघेल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला अध्यक्ष गिरवर निराला और बलौदाबाजार जिला अध्यक्ष दीपक घृतलहरे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
जिला और ब्लॉक अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित सामाजिक गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की और ग्रामीण स्तर पर समितियां गठित कर समाज के सुधार प्रस्तावों को लागू करने का संकल्प लिया।


