बलौदा बाजार
50 हजार एकड़ की खेती संकट में, किसानों ने मरम्मत की मांग उठाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बलौदाबाजार,8 अप्रैल। गंगरेल बांध से कनकी से लवन तक बनाई गई 54 किलोमीटर लंबी लवन शाखा नहर की स्थिति को लेकर क्षेत्र के किसानों ने चिंता जताई है। यह नहर लगभग 13 वर्ष पहले बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य आसपास के गांवों की कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना था।
जानकारी के अनुसार, इस नहर से 70 से 80 गांवों के करीब 50 हजार एकड़ से अधिक कृषि क्षेत्र प्रभावित होता है। किसानों का कहना है कि नहर के कई हिस्सों में लाइनिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी है और कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा है।
बताया गया है कि वर्ष 2013 से 2018 के बीच नहर निर्माण कार्य को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर ठेकेदारों को दिया गया था। सीतापार, सोनारदेवी और गबोद गांव के पास लगभग 4 किलोमीटर का कार्य अब भी अधूरा है। संबंधित ठेकेदार द्वारा मामला न्यायालय में ले जाने के कारण यह कार्य लंबित बताया जा रहा है।
स्थानीय किसानों ने नहर की स्थिति को लेकर विभिन्न समस्याएं बताई हैं। ग्रामीण कुंदन साहू, गुलाब यादव और टेकराम कुर्रे सहित अन्य लोगों ने कहा कि नहर में कई जगह गड्ढे, दरारें और गाद जमा होने से पानी का प्रवाह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने नियमित सफाई और मरम्मत की आवश्यकता बताई।
किसानों के अनुसार, नहर के बने हुए हिस्सों में भी कुछ भाग क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे पानी का रिसाव होता है। कई स्थानों पर कचरा जमा होने की भी बात कही गई है।
कनकी से लवन तक नहर के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग समस्याएं सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर लाइनिंग उखडऩे, बीच में गाद जमा होने और अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने की स्थिति बताई गई है।
इस संबंध में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता वी.के. सिरमौर ने बताया कि अधूरे कार्य के लिए नया एस्टीमेट तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मामला न्यायालय में होने के कारण कुछ कार्य प्रभावित है तथा रखरखाव के लिए संसाधनों की कमी भी एक कारण है।
किसानों ने प्रशासन से नहर की मरम्मत और अधूरे कार्य को पूरा करने की मांग की है, ताकि आगामी सिंचाई सत्र में उन्हें सुविधा मिल सके।


