बलौदा बाजार

निजी स्कूलों में यूनिफॉर्म और किताबों की खरीद को लेकर अभिभावकों की शिकायतें, जांच के निर्देश
29-Apr-2026 4:50 PM
निजी स्कूलों में यूनिफॉर्म और किताबों की खरीद को लेकर अभिभावकों की शिकायतें, जांच के निर्देश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 29 अप्रैल। पहली से दसवीं तक शिक्षा के अधिकार के तहत सरकार द्वारा बच्चों को निशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं, जिसमें निजी स्कूल भी शामिल हैं। नियमों के अनुसार स्कूल बच्चों या अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या प्रकाशक से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।

इसके बावजूद जिले के कुछ निजी स्कूलों के संबंध में अभिभावकों ने आरोप लगाए हैं कि उन्हें महंगी किताबें और यूनिफॉर्म निर्धारित दुकानों से खरीदने के लिए कहा जा रहा है। अभिभावकों का कहना है कि वे विरोध नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें बच्चों के स्कूल से निकाले जाने का डर रहता है। अभिभावकों के अनुसार, पहली कक्षा की किताबों का सेट लगभग 3200 रुपये और छठवीं कक्षा का सेट करीब 4700 रुपये में खरीदा जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि इस वर्ष शिक्षण सामग्री का खर्च पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ा है। प्री-प्राइमरी कक्षाओं में प्रति छात्र खर्च 1000 से 1500 रुपये तक बढऩे और मिडिल स्कूल में यह बढ़ोतरी लगभग 4000 रुपये तक होने की बात अभिभावकों ने कही है। स्टेशनरी सामग्री के दाम बढऩे और कॉपियों के पन्नों की संख्या घटने की शिकायतें भी सामने आई हैं। अभिभावकों का यह भी कहना है कि स्कूलों द्वारा उन्हें सत्र शुरू होने से पहले ही यह बताया गया कि किताबें और यूनिफॉर्म कहाँ से खरीदनी है, जिससे उनकी खरीद सीमित दुकानों तक ही रह जाती है।

जिले में कुल 185 स्कूल संचालित हैं, जिनमें से 175 स्कूल छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध बताए गए हैं, जबकि 7 सीबीएसई और 1 आईसीएसई बोर्ड से संबंधित हैं। कुछ अभिभावकों ने स्कूलों और विक्रेताओं के बीच साठगांठ होने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य की जाती हैं और इससे प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है।

निजी स्कूल अभिभावक संघ के अध्यक्ष रमेश आहूजा ने कहा कि स्कूलों को अभिभावकों की आर्थिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए और शिक्षा को व्यवसाय नहीं बनाया जाना चाहिए।

जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, मामले में जांच शुरू कर दी गई है। बीईओ और जांच दलों को स्कूलों एवं संबंधित दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने अभिभावकों से लिखित शिकायत देने की अपील की है ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे ने बताया कि विभाग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच टीम गठित की है। उन्होंने कहा कि अब तक किसी अभिभावक द्वारा लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, और अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।


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