बलौदा बाजार

मध्यान्ह भोजन के दौरान स्कूल परिसर में आवारा कुत्ता!
18-Feb-2026 4:00 PM
 मध्यान्ह भोजन के दौरान स्कूल परिसर में आवारा कुत्ता!

अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 18 फरवरी। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के बलौदाबाजार विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, लाहौद में मध्यान्ह भोजन के समय एक आवारा कुत्ते के बच्चों के बीच घूमने का वीडियो सामने आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

अभिभावकों द्वारा बनाए गए वीडियो में बच्चे पंक्तिबद्ध बैठकर मध्यान्ह भोजन करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता बच्चों के बीच से गुजरते और आसपास मंडराते हुए नजर आता है। वीडियो में पशु को रोकने या बाहर निकालने की तत्काल कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ दिन पूर्व पलारी विकासखंड के लच्छनपुर स्कूल में कथित रूप से कुत्तों के जूठे भोजन परोसे जाने का मामला चर्चा में रहा था।

स्कूल प्रबंधन का पक्ष

विद्यालय के प्राचार्य केशव प्रसाद साहू ने कहा कि स्कूल में एक शिक्षक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा विभागीय निर्देशों का पालन किया जा रहा है। उनके अनुसार, प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।

वहीं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. संजय गुहे ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि यदि लापरवाही पाई जाती है तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और निर्देशों का पुन: पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

विभागीय निर्देश

लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य है, जिसकी जिम्मेदारी स्कूल परिसर में आवारा पशुओं की आवाजाही पर निगरानी रखना है। न्यायालयों द्वारा भी स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

 

अभिभावकों की प्रतिक्रिया

वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों ने चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि मध्यान्ह भोजन योजना बच्चों के पोषण और कल्याण के लिए है, ऐसे में भोजन के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय परिसर में पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए ठोस इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मामले में विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।


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