बलौदा बाजार

बलौदाबाजार में आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए SWAT टीम का गठन
15-Feb-2026 8:12 PM
बलौदाबाजार में आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए SWAT टीम का गठन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 15 फरवरी। बलौदाबाजार जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने विशेष SWAT (स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिक्स) टीम का गठन किया है। यह टीम आपात एवं संवेदनशील परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार की गई है।

13 फरवरी को पुलिस लाइन बलौदाबाजार में स्ङ्ख्रञ्ज टीम के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में संपन्न हुआ। अधिकारियों के अनुसार उद्देश्य यह है कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में पुलिस की प्रतिक्रिया संगठित और समयबद्ध हो।

स्ङ्ख्रञ्ज टीम का गठन

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पारंपरिक पुलिस व्यवस्था के साथ एक ऐसी विशेष इकाई की आवश्यकता महसूस की गई, जो अचानक उत्पन्न परिस्थितियों में तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर सके।

टीम में थाना एवं चौकियों में पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता, मानसिक सतर्कता और आपात स्थितियों में निर्णय क्षमता को आधार बनाया गया।

बलवा ड्रिल का अभ्यास

प्रशिक्षण के दौरान पुलिस बल को विभिन्न समूहों में विभाजित कर अभ्यास कराया गया। इनमें बलवा नियंत्रण दल, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट टीम, मेडिकल टीम, अश्रु गैस टीम और राइफल पार्टी शामिल थीं।

काल्पनिक स्थिति बनाकर समन्वित कार्रवाई का अभ्यास किया गया, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में समुचित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण में हैंड स्टन ग्रेनेड, डाई मार्कर और शॉर्ट रेंज सेल (अश्रु गैस) जैसे उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इन उपकरणों के प्रयोग के दौरान सुरक्षा मानकों, परिस्थितियों और कानूनी प्रावधानों का पालन आवश्यक है।

उपद्रवियों की पहचान, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा उपायों से संबंधित व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया।

कानूनी प्रावधान और मानवाधिकार

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान पुलिस को कानूनी प्रक्रिया और मानवाधिकारों का पालन करना अनिवार्य है। बल प्रयोग को अंतिम विकल्प के रूप में और नियमानुसार अपनाने पर जोर दिया गया।

वीडियोग्राफी, दस्तावेजीकरण और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पर भी जानकारी दी गई।

 मेडिकल सहायता और भविष्य की योजना

अभ्यास में मेडिकल टीम की भूमिका को भी शामिल किया गया। किसी भी कार्रवाई के दौरान घायल पुलिसकर्मी या नागरिक को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर बल दिया गया।

पुलिस विभाग के अनुसार इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि टीम को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप तैयार रखा जा सके।


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