बलौदा बाजार

ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और बिजली की बचत करने कर्मियों के लिए रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने निर्देश
28-Jan-2026 3:01 PM
ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और बिजली की बचत करने कर्मियों के लिए रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने निर्देश

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बलौदाबाजार, 28 जनवरी। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसरों में रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कंपनी के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना और सौर ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करना है।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों के पास व्यक्तिगत विद्युत कनेक्शन नहीं है या जिनके आवास में तकनीकी कारणों से सोलर पैनल स्थापित करना संभव नहीं है, उन्हें हाफ बिजली बिल योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, ऐसे मामलों में छूट देने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। बिजली अधिकारी-कर्मचारी संघ द्वारा कंपनी को अवगत कराया गया था कि बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी किराए के मकानों में निवासरत हैं। कई कर्मचारियों के नाम पर विद्युत मीटर नहीं है, जबकि कुछ निजी आवासों की छत तकनीकी रूप से सोलर पैनल स्थापित करने के लिए उपयुक्त नहीं है। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने कुछ श्रेणियों में कर्मचारियों को अनिवार्यता से छूट देने का प्रावधान किया है।

कंपनी द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, छूट के लिए कर्मचारियों को निर्धारित प्रारूप में घोषणा पत्र भरकर अपने कार्यालय में जमा करना होगा। सक्षम अधिकारी आवेदन की जांच के बाद यह निर्णय लेंगे कि संबंधित कर्मचारी को 50 प्रतिशत छूट दी जा सकती है या नहीं।

दिशा-निर्देशों में कर्मचारियों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। पहली श्रेणी में वे कर्मचारी शामिल हैं जो कंपनी के आवास या फ्लैट में रहते हैं और जिनके या उनके पति/पत्नी के नाम छत्तीसगढ़ में कोई निजी आवास नहीं है। दूसरी श्रेणी में वे कर्मचारी शामिल हैं जो किराए के मकान में रहते हैं और जिनके या उनके जीवनसाथी के नाम पर राज्य में कोई आवास दर्ज नहीं है।

 

इसके अतिरिक्त, तीसरी श्रेणी में वे कर्मचारी शामिल हैं जो संयुक्त परिवार में निवासरत हैं और जिनके या उनके पति/पत्नी के नाम पर विद्युत कनेक्शन नहीं है। कंपनी के अनुसार, तकनीकी और संरचनात्मक कारणों को भी छूट का आधार माना गया है। यदि किसी आवास की छत सोलर पैनल का भार वहन करने में सक्षम नहीं है या बहुमंजिला भवन एवं अपार्टमेंट में साझा छत होने के कारण सोलर प्लांट स्थापित करना संभव नहीं है, तो ऐसे मामलों में अनिवार्यता से राहत दी जा सकती है।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिना घोषणा पत्र जमा किए किसी भी कर्मचारी को छूट नहीं दी जाएगी। इस संबंध में कार्यपालन यंत्री ए.के. ठाकुर ने बताया कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर घोषणा पत्र जमा करना आवश्यक है। घोषणा पत्रों की जांच के बाद ही छूट के मामलों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

कंपनी प्रबंधन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।


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