खेल

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Date : 21-Sep-2019

नई दिल्ली, 21 सितंबर। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 सीरीज खेली जा रही है। इस सीरीज का आखिरी मैच बेंगलुरु में रविवार को होना है। इससे पहले भारत दौरे पर टेस्ट सीरीज खेलने आ रहे दक्षिण अफ्रीका टीम के कप्तान फाफ डुप्लेसिस की फ्लाइट शुक्रवार को छूट गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट दुबई चार घंटे देरी से पहुंची, जहां से उन्हें भारत के लिए उड़ान भरनी थी।
इस बात को लेकर खुद दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीम के कप्तान डुप्लेसिस ने ट्वीट किया है। फाफ डुप्लेसिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा है, आखिरकार चार घंटे की देरी के बाद दुबई की फ्लाइट में बैठ गया हूं। अब मैं अपनी भारत के लिए अगली फ्लाइट नहीं पकड़ पाऊंगा, क्योंकि उसे उड़ान भरने में सिर्फ 10 घंटे बचे हैं।
हैरान करने वाली बात ये भी है कि ब्रिटिश एयरवेज की इस फ्लाइट में फाफ डुप्लेसिस का बैट और क्रिकेट किट बैग भी रह गया। इस बात को लेकर फाफ डुप्लेसिस ने लिखा है, जब भी जीवन में मुश्किलें आएं तो उनका भी लाभ उठाएं। मेरा क्रिकेट बैग नहीं आया है। दरअसल इस बारे में मैं स्माइल कर सकता हूं, लेकिन वाह ब्रिटिश एयरवेज मेरे सबसे घटिया फ्लाइट अनुभव के लिए जिसमें मेरे साथ सब गलत हुआ। अब मैं आशा कर रहा हूं किमेरे बैट वापस आ जाएं।   
भारतीय टीम मोहाली में दूसरा टी-20 मैच जीतने के बाद गुरुवार को बेंगलुरु पहुंच गई, जहां शुक्रवार को कोच रवि शास्त्री के निर्देशन में टीम ने पसीना बहाया। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरा टी-20 एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में रविवार को खेला जाएगा। भारतीय टीम ने तीन मैचों की सीरीज में पहले ही 1-0 की बढ़त बनाई हुई है।
गौरतलब है कि दोनों टीमों के बीच धर्मशाला का टी-20 मुकाबला बारिश की वजह से धुल गया था। टी-20 सीरीज खत्म होने के बाद दो अक्टूबर से तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। पहला टेस्ट विशाखापत्तनम में खेला जाना है। ये टेस्ट सीरीज भी आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है, जिसमें साउथ अफ्रीका की टीम आगाज करेगी। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इस टूर्नामेंट की शुरुआत की थी। (जागरण)

 


Date : 21-Sep-2019

नूर-सुल्तान (कजाकिस्तान), 21 सितंबर । भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया ने शुक्रवार को वल्र्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप के 65 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। बजरंग ने ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में मंगोलिया के तुल्गा ओचिर को 8-7 से मात दी। बजरंग शुरुआत में 6-0 से पीछे थे, लेकिन बाद में वापसी करते हुए पदक जीत ले गए। रवि कुमार दहिया ने भी कांस्य पदक अपने नाम किया। रवि ने 57 किलोग्राम भारवर्ग में ईरान के रेजा अहमदाली को कड़े मुकाबले में 6-3 से हराया।
सेमीफाइनल मुकाबले में हार से निराश होने वाले बजरंग पूनिया ने मंगोलिया के तुल्गा ओचिर को 8-7 से मात दी। सेमीफाइनल में बजरंग 9-9 के स्कोर के बाद भी हार गए थे और इसके बाद उन्होंने अंपायरिंग पर अपना गुस्सा जताया था। इसे लेकर बजरंग के गुरु और भारत के लिए ओलंपिक पदक जीत चुके योगेश्वर दत्त ने भी नाराजगी जाहिर की थी।
ब्रॉन्ज मेडल मैच की शुरुआत में बजरंग हालांकि पीछे थे। ओचिर ने उन्हें बाहर ढकेल दो अंक लिए और फिर चेस्ट थ्रो के जरिए चार अंक ले बजंरग पर 6-0 की बढ़त ले ली। बजरंग ने हालांकि दो अंक ले स्कोर 6-2 कर लिया।
इसके बाद बजरंग ने लगातार अंक लेकर अपने अंकों की संख्या आठ कर ली। यहां मंगोलिया के खिलाड़ी ने एक अंक लिया लेकिन बजरंग ने अपनी बढ़त को कायम रखा और कांस्य अपने नाम किया।
यह बजरंग का वर्ल्ड चैम्पियशिप में तीसरा पदक है। उन्होंने 2013 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, लेकिन तब बजरंग 60 किलोग्राम भारवर्ग में खेलते थे। 65 किलोग्राम भारवर्ग में बजरंग ने अपना पहला पदक पिछले साल जीता था जो रजत पदक था।
रवि ने भी भारत को दिलाया कांस्य
पहली बार विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में हिस्सा ले रहे भारत के पहलवान रवि कुमार दहिया ने कांस्य पदक जीता। रवि ने ईरान के रेजा अहमदाली के खिलाफ कड़े मुकाबले में 6-3 से जीत हासिल की।
रवि ने संयम के साथ खेलते हुए मौका का इंतजार कर अंक हासिल किए। उन्होंने रेजा पर पलटवार करते हुए उन्हें पलट दो अंक अपने खाते में डाले। रेजा ने कुछ देर बाद एक अंक ले अपना खाता खोला।
यहां रवि को खतरा था कि रेजा बराबरी न कर ले जाए, लेकिन रवि ने फिर पुराना दांव खेलते हुए स्कोर 4-1 कर लिया। ईरानी पहलवान हालांकि रवि को कड़ी चुनौती दे रहा था। रेजा ने दो अंक लेते हुए रवि को फिर परेशान किया। इस बीच रेजा को चोट भी लगी।
मैच में कुछ ही सेंकेंड का समय बचा था। रवि ने मैच खत्म होने से कुछ देर पहले टेक डाउन से दो अंक ले स्कोर 6-3 कर लिया और अपनी बढ़त को कायम रखते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।(आज तक)

 


Date : 21-Sep-2019

नई दिल्ली, 21 सितंबर । भारत के अमित पंघल ने इतिहास रचते हुए बॉक्सिंग वल्र्ड चैम्पियनशिप के फाइनल में जगह बना ली है। अमित पंघल वर्ल्ड चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज हैं। भारत के अमित पंघल मुक्केबाजी वर्ल्ड चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंच गए हैं। अमित ने शुक्रवार को 52 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के साकेन बिबिसोनोव को 3-2 से हराया।
शनिवार को होने वाले फाइनल में अमित का सामना रियो ओलंपिक में स्वर्ण जीतने वाले शाखोबिदीन जोइरोव से होगा। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके अमित पंघल ने 52 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के साकेन बिबिसोनोव को 3-2 से हराया।
अमित बॉक्सिंग वल्र्ड चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज हैं। अब तक पांच भारतीय पुरुष मुक्केबाजों ने वर्ल्ड चैम्पियनशिप में कांस्य जीता है। विजेंद्र सिंह ने 2009 में यह कारनामा किया था जबकि विकास कृष्णन ने 2011 और शिवा थापा ने 2015 में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया था।
इसके अलावा गौरव विधूड़ी ने 2017 में सेमीफाइनल में पहुंचकर कांस्य जीता था लेकिन वह भारतीयों के पदक का रंग नहीं बदल सके थे। इस साल मनीष कौशिक ने भी सेमीफाइनल का सफर तय किया लेकिन शुक्रवार को ही क्यूबा के मौजूदा वल्र्ड चैम्पियनशिप एंडी क्रूज के हाथों 63 किग्रा के सेमीफाइनल में हार गए।
अमित पंघल ने कहा कि वह अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने के लिए अपना पूरा दमखम लगा देंगे। मैच के बाद अमित ने कहा, जितना सोचकर आया था, उससे कहीं अधिक जोर लगाना पड़ा। मेरे साथियों ने मेरा काफी सपोर्ट किया है और इसके लिए मैं सबका धन्यवाद करना चाहूंगा। हमारी मुक्केबाजी के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। मैं पूरी कोशिश करुंगा कि अपने देश के लिए गोल्ड जीत सकूं।(आज तक)
 


Date : 21-Sep-2019

नई दिल्ली, 21 सितंबर । दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार का अगले साल टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए क्वालीफाई करने का सपना टूट गया है। सुशील शुक्रवार को वल्र्ड रेसलिंग चैम्पियनशिप से बाहर हो गए और ओलंपिक का टिकट नहीं कटा पाए। भारतीय खिलाड़ी को 74 किग्रा वर्ग के पहले दौर में अजरबैजान के खादजिमुराद गधजियेव के खिलाफ 9-11 से हार झेलनी पड़ी थी।
इसके बाद उम्मीद थी कि अगर गधजियेव फाइनल में पहुंचते हैं, तो सुशील को रेपचेज खेलने का लौका मिलेगा, लेकिन अजरबैजान के खिलाड़ी को अमेरिका के जॉर्डन बुरोग्स ने क्वार्टर फाइनल में 8-1 के बड़े अंतर से मात दी। सुशील ने 2008 में बीजिंग और 2012 में लंदन ओलंपिक में पदक जीते थे।
इसके अलावा, किरण मोर और प्रवीण राणा भी प्रतियोगिता से बाहर हो गए हैं। मोर को 70 किग्रा वर्ग के पहले दौर के मैच में उज्बेकिस्तान के इख्तियार नवरुजोव ने 7-0 के बड़े अंतर से हराया था। रूस के डेविड बेएव ने क्वार्टर फाइनल में नवरुजोव को 11-5 से करारी शिकस्त दी और भारतीय खिलाड़ी रेपचेज में पहुंचने का सपना तोड़ दिया।
प्रवीण को 92 किग्रा वर्ग के दूसरे दौर में यूक्रेन के लिउबोमेयर सगालीकुक ने 8-0 के बड़े अंतर से मात दी थी। सगालीकुक को क्वार्टर फाइनल में ईरान के अलीरेजा कारिमिमाचियानी ने 12-2 से करारी शिकस्त दी।(आज तक)

 


Date : 20-Sep-2019

नयी दिल्ली, 20 सितंबर। हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को मनप्रीत सिंह की कप्तानी में 20 सदस्यीय पुरूष टीम की घोषणा कर दी जो 26 सितंबर से 3 अक्टूबर तक एंटवर्प में चलने वाले बेल्जियम दौरे पर रवाना होगी। 
भारतीय टीम आगामी दौरे में बेल्जियम के खिलाफ तीन मैच तथा स्पेन के खिलाफ दो मैच खेलेगी। टीम में मनप्रीत के साथ उपकप्तानी की जिम्मेदारी हरमनप्रीत सिंह को दी गई है। वहीं ललित कुमार उपाध्याय वर्ष 2018 में पुरूष विश्वकप के बाद राष्ट्रीय टीम में वापसी कर रही हैं जबकि ओलंपिक टेस्ट इवेंट से बाहर रहे रूपिंदर पाल सिंह भी बेल्जियम दौरे पर टीम का हिस्सा होंगे।
ओलंपिक टेस्ट इवेंट में विश्राम के चलते टीम से बाहर रहे गोलकीपर पी आर श्रीजेश भी टीम से जुड़ेंगे जबकि कृष्ण बी पाठक अन्य गोलकीपर होंगे। टीम के मुख्य कोच ग्राहम रीड ने चयन को लेकर कहा कि सभी खिलाड़यिों का बढिय़ा तालमेल है। उन्होंने कहा,‘‘ हमें खुशी है कि ललित वापसी कर रहे हैं जबकि रूपिंदर की वापसी भी हुई है जिन्होंने विश्वकप के बाद अपने खेल में काफी बदलाव किया है।’’
 उन्होंने कहा कि खिलाड़ी बेल्जियम दौरे पर जाने से पहले अपने खेल में आखिरी बदलाव करना चाहती है। आस्ट्रेलिया के रीड ने कहा,‘‘ ओलंपिक क्वालिफायर से पूर्व बेल्जियम का दौरा हमारी तैयारियों की सटीक शुरूआत होगा। यदि हम मेहमान टीम के घर में अच्छा करते हैं तो हमारा रूस के खिलाफ क्वालिफायर मैच में मनोबल काफी बढ़ेगा। हम स्पेन से भी कड़ी चुनौती की उम्मीद कर रहे हैं।’’
टीम इस प्रकार है-
गोलकीपर- पी आर श्रीजेश, कृष्ण बी पाठक।
डिफेंडर- हरमनप्रीत सिंह (उपकप्तान), सुरेंद्र कुमार, बीरेंद्र लाकड़ा, वरूण कुमार, अमित रोहिदास, गुरिंदर सिंह, खादंगबम कोठाजीत सिंह, रूपिंदर पाल सिंह।
मिडफील्डर-मनप्रीत सिंह (कप्तान), हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, नीलकांता शर्मा।
फारवर्ड-मनदीप सिंह, एसवी सुनील, ललित कुमार उपाध्याय, रमनदीप सिंह, सिमरनजीत सिंह, आकाशदीप सिंह। (वार्ता)

 


Date : 20-Sep-2019

नई दिल्ली, 20 सितंबर । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ट्रेनर शंकर बासु को गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग के अगले सत्र के लिए रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का अनुकूलन कोच नियुक्त किया गया। बासु ने भारत की राष्ट्रीय टीम के साथ सफल कार्यकाल के बाद आरसीबी में वापसी की है। 
ब्रिटेन में इस साल आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत की हार के साथ उनका अनुबंध खत्म हो गया था। राष्ट्रीय टीम से 2015 में जुडऩे से पहले बासु आरसीबी के साथ जुड़े थे और उन्हें भारत के सर्वश्रेष्ठ ट्रेनर में से एक माना जाता है। बासु के अलावा पूर्व भारतीय क्रिकेटर श्रीधरन श्रीराम को भी इस आईपीएल फ्रेंचाइजी का बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी कोच नियुक्त किया गया।
भारत के लिए आठ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले श्रीराम ने आईपीएल 2019 से पहले दिल्ली कैपिटल्स से नाता तोड़ लिया था और किंग्स इलेवन पंजाब से जुड़ गए थे। आरसीबी ने ऑस्ट्रेलिया के एडम ग्रिफिथ को गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है जबकि दक्षिण अफ्रीका के इवान स्पीचली को फिजियोथेरेपिस्ट बनाया गया है। मालोलन रंगराजन बेंगलोर की फ्रेंचाइजी के लिए प्रतिभा तलाशने का काम करेंगे जबकि मेजर सौम्यदीप पाइन टीम मैनेजर होंगे। आरसीबी ने इससे पहले न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन को अपना क्रिकेट संचालन निदेशक नियुक्त किया था। जबकि ऑस्ट्रेलिया के साइमन कैटिच को मुख्य कोच बनाया था।(लिव हिन्दुस्तान)

 


Date : 20-Sep-2019

नई दिल्ली, 20 सितंबर । टीम इंडिया के पूर्व स्टार खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है अब टीम मैनेजमेंट को एस एस धोनी के अलावा दूसरे विकल्प तलाशने चाहिए। सुनील गावस्कर ने ये बात एक चैनल से बातचीत के दौरान कही।
गावस्कर ने कहा, कोई भी नहीं जानता कि एमएसडी के दिमाग में क्या है। केवल वही बता सकते हैं कि वह भारतीय क्रिकेट के साथ अपने भविष्य के बारे में क्या सोचते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वह अब 38 वर्ष हो गए हैं। भारत को आगे देखना चाहिए क्योंकि अगले टी 20 विश्व कप तक वह 39 साल के हो जाएंगे। सुनील गावस्कर ने आगे कहा, हर किसी का अपना निजी जीवन होता है। मैं भी धोनी पर पूरा विश्वास करता हूं और दूसरे लाखों प्रशंसकों की तरह मैं भी मानता हूं कि उन्हें बिना किसी दबाव के बाहर जाना चाहिए। उन्हें अपनी शर्तों पर बाहर जाना चाहिए।
सुनील गावस्कर का बयान ऐसे वक्त में आया है जब एम एस धोनी के संन्यास को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल बीते विश्व कप में धोनी की स्लो बैटिंग को लेकर कई बार उनकी आलोचना हुई और माना जाने लगा कि विश्व कप खत्म होते ही वह अतंरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे लेकिन उन्होंने अभी तक कोई बयान नहीं दिया।
हाल में ही जब वेस्टइंडीज के खिलाफ और अभी चल रहे साउथ अफ्रीका सीरीज से भी वह बाहर रहे। हालांकि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने धोनी के संन्यास की बात को खारिज करते हुए कहा था कि उम्र महज एक आकड़ा है। कोहली ने कहा था, आप चाहे मानें या नहीं अनुभव हमेशा से मायने रखता है। कई खिलाडिय़ों ने अतीत में इस बात को साबित किया है कि उम्र महज एक आंकड़ा भर है। यहां तक की धोनी ने भी अपने करियर में इस बात को कई बार साबित किया है।(एबीपी)

 


Date : 20-Sep-2019

नई दिल्ली, 20 सितंबर। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत अपने शॉट चयन को लेकर आलोचकों के निशाने पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मोहाली टी-20 मैच में पंत ऐसी गेंद पर अपना विकेट गंवाकर चलते बने, जिसे वे कहीं भी खेल सकते थे। दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी की जगह टीम में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज शामिल किए गए। ऋषभ पंत क्रीज पर जमने के बाद अपना विकेट तोहफे में देने वाले खिलाड़ी के तौर पर पहचान बनाते जा रहे हैं। अब मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद के ताजा बयान ने भी ऋषभ पंत की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रसाद ने साफ कर दिया है कि ऐसे अन्य विकेटकीपर बल्लेबाज तैयार किए जा रहे हैं, जो टीम इंडिया में यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि हम ऋषभ पंत के वर्कलोड पर नजर रखे हुए हैं। निश्चित रूप से हम सभी तीनों फॉर्मेट में पंत की जगह लेने वाले खिलाडिय़ों को तैयार कर रहे हैं। हमारे पास केएस भरत हैं जिन्होंने इंडिया ए के लिए लंबे प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन किया है। सीमित ओवर प्रारूप में हमारे पास इशान किशन और संजू सैमसन हैं। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि चयन समिति को ऋषभ पंत में पूरा विश्वास है और वह टीम में विकेटकीपर के लिए पहली पसंद हैं।
पंत के साथ धैर्य रखना होगा
एमएसके प्रसाद ने कहा कि हमने पहले ही ये बात साफ कर दी थी कि हमें ऋषभ पंत के साथ धैर्य रखने की जरूरत है। खासकर ये देखते हुए कि उनमें कितनी प्रतिभा है। हालांकि पंत मौजूदा दौर में बेखौफ बनाम लापरवाह की जंग में फंसे नजर आ रहे हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के नए बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौड़ ने भी उन्हें सलाह दी है कि वे इस अंतर को समझें और उसी के हिसाब से बल्लेबाजी करें। राठौड़ ने कहा है कि पंत को और अनुशासन सीखना होगा और बेखौफ और लापरवाह बल्लेबाजी के अंतर को समझकर अपने खेल को आगे बढ़ाना होगा। यहां तक कि कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली भी पंत को संकेतों में चेतावनी दे चुके हैं। (न्यूज 18)

 


Date : 20-Sep-2019

नई दिल्ली, 20 सितंबर। दिग्गज क्रिकेटर भारत के पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने एशेज सीरीज में लाजवाब बल्लेबाजी करने वाले ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ की बल्लेबाज की समीक्षा की है और उनकी सफलता का राज बताया है। स्मिथ ने एशेज सीरीज के चार मैचों में 774 रन बनाए जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 211 रहा।
सचिन ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए बताया। पहले टेस्ट में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने स्मिथ को स्लिप पर आउट करने की कोशिश की। उनके पास तीन स्लिप और एक गली थी। स्मिथ ने जो किया वो यह था कि वह ऑफ स्टम्प पर शफल हो कर आए जिससे उनका ऑफ स्टम्प कवर हो गया और लेग स्टम्प खुल गया। वह गेंद को छोड़ रहे थे और गेंदों का चयन बड़ी चतुराई से कर रहे थे।
सचिन ने बताया। जब भी उनके लिए लेग स्लिप लगाई गई तब उन्होंने लेग स्टम्प नहीं छोड़ा क्योंकि वह जानते थे कि गेंदबाज इस एरिया को निशाना बना रहे हैं और अगर उन्होंने शफल किया तो गेंद को जमीन पर रखना उनके लिए मुश्किल हो जाएगा। लेकिन अगर आप अपने बाएं पैर से लेग स्टम्प को कवर करते हैं तो आप हमेशा गेंद के ऊपर रहेंगे।'
इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने स्मिथ को शॉर्ट पिच गेंदों से परेशान जरूर किया था लेकिन तेंदुलकर के मुताबिक स्मिथ ने उनके खिलाफ गेंद छोडऩे की अच्छी रणनीति अपनाई।
तेंदुलकर ने कहा। चौथे और पांचवें टेस्ट में वह गेंद को अच्छे से छोड़ रहे थे। उनका सिर आगे जा रहा था और जब आर्चर शॉर्ट पिच गेंदों से उनके शरीर पर वार कर रहे थे तब वह अच्छे से गेंद को छोड़ रहे थे। स्मिथ ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 स्थान भी दोबारा हासिल कर लिया है। (आज तक)

 


Date : 20-Sep-2019

छत्तीसगढ़ संवाददाता
राजिम, 20 सितंबर।
नेशनल इंटर डिस्ट्रिक्ट एथलेटिक्स मीट तिरुपति आंध्र प्रदेश में जिले के 13 खिलाड़ी भाग लेंगे। इसके लिए 2 दिन की चयन प्रतियोगिता ग्राम पांडुका के खेल मैदान में 28  एवं 29 सितंबर को दोपहर 1 बजे से रखी गई है। 
एथलेटिक्स संघ के जिला अध्यक्ष शरद पारकर ने बताया कि 100, 200, 400, 6 00 एवं 1000 मीटर दौड़, 100 मीटर बाधा दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक खेल का आयोजन होना है। भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन एवं छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स एसोसिएशन के निर्देश पर सब जूनियर एथलेटिक्स चयन प्रतियोगिता में 14 एवं 16  से कम आयु के बालक-बालिका भाग लेंगे। खिलाडिय़ों को जन्म प्रमाण-पत्र एवं मार्कशीट लाना अनिवार्य है।

 


Date : 19-Sep-2019

छत्तीसगढ़ संवाददाता
राजनांदगांव, 18 सितंबर।
शासकीय कमलादेवी राठी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय राजनंादगांव में गत् 16 सितंबर को परिक्षेत्र स्तरीय टेबल टेनिस (म./पु.) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें पुरूष वर्ग में तीन टीम शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव, शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय, राजनांदगांव एवं शासकीय नेहरू महाविद्यालय डोंगरगढ़ ने भाग लिया। महिला वर्ग में शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव, शासकीय नेहरू महाविद्यालय डोंगरगढ़ एवं शासकीय कमलादेवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव ने भाग लिया।

प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह बघेल ने छात्र-छात्राओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया एवं खेलों की महत्ता पर प्रकाश डालते कहा कि टेबल टेनिस जैसे खेलों में भाग लेने से एकाग्रता बढ़ती है एवं नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। प्रतियोगिता में पर्यवेक्षक अजय श्रीवास्तव ने छात्रा-छात्राओं को प्रतियोगिता में भाग लेने शुभकामनाएं दी। उक्त प्रतियोगिता में महिला वर्ग में विजेता शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव एवं उपविजेता शासकीय नेहरू महाविद्यालय डोंगरगढ़ तथा पुरूष वर्ग में विजेता शासकीय नेहरू महाविद्यालय डोंगरगढ़ एवं उपविजेता शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव रही। 
उक्त प्रतियोगिता में क्रीड़ाधिकारी अरूण चौधरी, डॉ. मुन्ना लाल नंदेेश्वर, परेश वर्मा, एसएन वानखेड़े एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थी। उक्त प्रतियोगिता से चयनित छात्र-छात्राएं 23 सितंबर को श्री शंकराचार्य महाविद्यालय भिलाई में आयोजित होने वाले राज्य स्ततरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे। उक्त जानकारी महाविद्यालय की क्रीड़ाधिकारी डॉ. नीता एस. नायर ने दी।

 


Date : 19-Sep-2019

मोहाली, 19 सितंबर । भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की ट्वंटी20 सीरीज खेली जा रही है। भारत ने सीरीज का दूसरा मैच सात विकेट से जीतकर 1-0 की बढ़त बना ली है। इस मैच के बाद कप्तान विराट कोहली ने टीम के युवा क्रिकेटरों को एक खास मेसेज भी दिया। गौरतलब है कि अगले साल ऑस्ट्रेलिया में आईसीसी वर्ल्ड ट्वंटी20 खेला जाना है। जिसको देखते हुए टीम इंडिया भी युवा क्रिकेटरों को टीम में मौका दे रही है।
युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की जगह वॉशिंगटन सुंदर और कुणाल पांड्या को आजमाया जा रहा है, इसके अलावा तेज गेंदबाजों में दीपक चाहर और नवदीप सैनी को भी ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने का मौका मिल रहा है। विराट ने मैच के बाद कहा, ये खिलाड़ी अलग-अलग परिस्थितियों में जितना अपने खेल को निखारेंगे उनके लिए भविष्य में चीजें काफी आसान हो जाएंगी। हमारे लिए ये एक सकारात्मक संकेत है और उनके पास अपनी प्रतिभा साबित करने के लिए कई मुकाबले हैं। वे सही दिशा में जा रहे हैं। दीपक चाहर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 22 रन देकर दो अहम विकेट लिए। नवदीप सैनी ने भी एक विकेट लिया, हालांकि उन्होंने रन 8.50 के इकॉनमी रेट से लुटाए। ऋषभ पंत ने इस मैच में एक बार फिर निराश किया और महज चार रन बनाकर आउट हुए। दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 149 रन बनाए, जवाब में भारत ने 19 ओवर में तीन विकेट गंवाकर 151 रन बनाकर मैच जीत लिया। कप्तान विराट कोहली ने नॉटआउट 72 रनों की पारी खेली और मैन ऑफ द मैच चुने गए।(लाइव हिन्दुस्तान)

 


Date : 19-Sep-2019

साउथ अफ्रीका के नवनियुक्त टी20 कप्तान क्विंटन डि कॉक ने कहा कि अगर हम भारत के शुरुआती तीन विकेट जल्दी निकालने में कामयाब हो जाते तो इस मैच का पलड़ा हमारे पक्ष में होता। 
मैच के बाद डि कॉक ने अपनी टीम के खेल की समीक्षा करते बताया, 'हमने अच्छी शुरुआत की थी। लेकिन हमारी पारी के अंत में उन्होंने शानदार बोलिंग की। भारतीय गेंदबाजों ने हमसे बेहतर इस पिच को भांपा।' डिकॉक ने कहा कि अगर हम भारत के शीर्ष तीन खिलाडिय़ों को आउट कर लेते तो मैच हमारे नाम होता। अफ्रीकी कप्तान ने स्लॉग ओवरों में टीम की बैटिंग पर भी चिंता जताई और कहा कि उम्मीद है कि अगले मैच में हम इस पहलू को भी हल कर लेंगे। 
अपनी इस टीम में कई युवा खिलाडिय़ों को लेकर खेल रहे डि कॉक ने कहा, हमारी टीम में खेल रहे कुछ नए लडक़ों पर थोड़ा दबाव है और मुझे लगता है कि उन्होंने विश्व स्तरीय विपक्षी टीम के खिलाफ शानदार खेल दिखाया है। डि कॉक ने अपने प्रमुख तेजगेंदबाज कगिसो रबाडा की तारीफ करते हुए कहा, केजी (रबाडा) ने शुरुआत से विकेट की तलाश की लेकिन दुर्भाग्य से इस पिच पर तेज गति की गेंदें बैट पर आसानी से आ रही थीं। इस गति में पेस को कम कर बोलिंग करना बेहतर दिख रहा था। 

 


Date : 19-Sep-2019

मोहाली, 19 सितंबर। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की सीरीज का दूसरा टी20 इंटरनेशनल मैच बुधवार को मोहाली में खेला गया। मैच के दौरान दो बार ऐसा हुआ जब क्रिकेट फैन सुरक्षा घेरा तोडक़र मैदान में घुस गए। सिक्योरिटी ने इसके बाद जबरन उन्हें मैदान से बाहर निकाला।
भारत ने टॉस जीता था और पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था। दक्षिण अफ्रीकी पारी के दौरान एक फैन टीम इंडिया की जर्सी में मैदान पर घुस गया। रविंद्र जडेजा उस फैन को देखकर हंसते हुए भी नजर आए। फिर मैदान पर घुसे फैन को सिक्योरिटी ने बाहर निकाला। उसे बाहर निकालने के लिए सिक्योरिटी को थोड़ी जबर्दस्ती भी करनी पड़ी।
फिर एक और बार जब विराट कोहली बल्लेबाजी कर रहे थे, तब भी एक फैन मैदान में घुस आया। वो फैन विराट कोहली से हाथ मिलाने के लिए मैदान में घुसा था। उसे भी सिक्योरिटी ने जबरन मैदान से बाहर निकाला।  (लाइव हिन्दुस्तान)

 


Date : 19-Sep-2019

नई दिल्ली, 19 सितंबर । साउथ अफ्रीका के खिलाफ मोहाली में खेले गए दूसरे टी-20 मैच में युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत नंबर 4 पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरे और सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए।
विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिए यह मुकाबला महत्वपूर्ण था, क्योंकि पिछले कुछ मैचों में वह मौकों का फायदा उठाने में नाकाम रहे हैं और उन पर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
ऋषभ पंत को लेकर टीम प्रबंधन ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह विकेटकीपर बल्लेबाज अपनी गलतियों को लगातार नहीं दोहरा सकता और अगर ऐसा किया तो खामियाजा भुगतना होगा।
मोहाली में एक बार फिर ऋषभ पंत गैर जिम्मेदाराना शॉट खेल कर आउट हो गए। टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भी कहा था कि ऋषभ पंत अगर वेस्टइंडीज दौरे के दौरान की गईं गलतियों को दोहराते रहेंगे, तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
वेस्टइंडीज दौरे पर तीन मैचों की टी-20 सीरीज में ऋषभ पंत के बल्ले से 69 रन आए थे, तो वहीं तीन मैचों की वनडे सीरीज में भी वह सिर्फ 20 रन ही बना पाए।
बता दें कि ऋषभ पंत की सबसे बड़ी कमजोरी उनका शॉट सेलेक्शन माना जाता है। पंत आते ही बड़े और लंबे शॉट लगाने के बारे में सोचते हैं। अपने खराब शॉट्स के चलते ऋषभ पंत बड़ी पारियां नहीं खेल पाए। ऋषभ पंत कई बार बेहूदा शॉट खेलकर अपना विकेट गंवाते आ रहे हैं। कई बार उनके साथ ऐसा हो चुका है। महेंद्र सिंह धोनी का उत्तराधिकारी कहे जा रहे पंत इंग्लैंड और वेल्स में खेले गए वर्ल्ड कप में भी ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहे थे।(आजतक)

 


Date : 19-Sep-2019

साउथैंप्टन, 19 सितंबर। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज काइल एबॉट काउंटी चैंपियनशप डिवीजन 2019 में अपनी घातक गेंदबाजी से तहलका मचाए हुए हैं। एबॉट ने 63 साल बाद काउंटी डिवीजन में इतिहास रच दिया। हैंपशर काउंटी क्रिकेट क्लब की ओर से खेल रहे काइल एबॉट ने समरसेट काउंटी क्रिकेट क्लब के खिलाफ हुए मैच में कुल 17 विकेट चटकाए। एबॉट ने पहली पारी में समरसेट 9 खिलाडिय़ों को पवेलियन भेजा, जबकि दूसरी पारी में विपक्षी टीम के 8 बल्लेबाज उनकी गेंदबाजी के शिकार बने। 
जिम लेकर ने एक मैच 
में लिए थे 19 विकेट
उन्होंने इस मैच में 86 रन देकर 17 विकेट चटकाए। काइल एबॉट से पहले साल 1956 में इंग्लैंड के जिम लेकर ने ओल्ड ट्रैफर्ड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 90 रन देकर 19 विकेट चटकाए थे। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में 37 रन पर 9 विकेट झटके थे, उसके बाद दूसरी पारी में 53 रन देकर कंगारू टीम के पूरे 10 खिलाडिय़ों को आउट किया था। इंग्लैंड ने यह मैच 170 रनों से अपने नाम किया था। किसी एक टेस्ट मैच में यह आज तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। 
मैच में साउथैंप्टन ने 
136 रन से दर्ज की जीत
साउथैंप्टन में खेले गए इस मैच में हैंपशर ने 136 रन से जीत दर्ज की। काइली एबॉट ने पहली पारी में समरसेट के बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने भारतीय टीम के बल्लेबाज मुरली विजय समेत समरसेट के 9खिलाडिय़ों को पवेलियन भेजा। यह 1996 के बाद से हैंपशर की ओर से किसी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। हैंपशर के लिए 1996 में कार्डिगन कोनोर ने 38 रन देकर 9 विकेट लिए ?थे। पहली पारी में हैंपशर की टीम 196 रन ही बना सकी थी, जिसके जवाब में समरसेट की टीम 142 रन पर सिमट गई। एबॉट के अलावा फिडेल एडवर्ड्स ने एक विकेट लिया।
काइल एबॉट ने गेंद के अलावा बल्ले से भी दिया योगदान
हैंपशर को पहली पारी के आधार पर 54 रनों की लीड मिली थी। हैंपशर ने अपनी दूसरी पारी में 226 रन बनाए। काइल एबॉट ने बल्ले से भी योगदान दिया और 9वें विकेट के लिए कप्तान जेम्स विंसी के साथ 119 रन की साझेदारी की। इनमें एबॉट का योगदान 25 रन का रहा, जबकि जेम्स ने 142 रन बनाए। इसके बाद एबॉट ने गेंद से फिर तबाही मचाते हुए समरसेट की दूसरी पारी में 8 विकेट झटक पूरी टीम को 144 रनों पर ढेर कर दिया।(लाइव हिन्दुस्तान)


Date : 18-Sep-2019

नई दिल्ली, 18 सितंबर । चोट से उबरने के बाद चीन ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में लौटी सायना नेहवाल को पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा है। सायना का मुकाबला पहले दौर में थाईलैंड की बुसानन ओंगबामरुंगफान से था। इस मैच में उन्हें बुसासनन ने 10-21, 17-21 मात दी। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल चीन ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट के महिला एकल के पहले दौर में थाईलैंड की बुसानन ओंगबामरुंगफान के खिलाफ हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय खिलाड़ी को दुनिया की 19वें नंबर की खिलाड़ी बुसानन के खिलाफ 45 मिनट तक चले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

दुनिया की पूर्व नंबर एक खिलाड़ी सायना की थाईलैंड की खिलाड़ी के खिलाफ यह लगातार दूसरी हार है। चोटों से उबरने के बाद वापसी कर रही 29 साल की सायना फॉर्म हासिल करने के लिए जूझ रही हैं। भारतीय खिलाड़ी ने सत्र की शुरुआत इंडोनेशिया ओपन में जीत के साथ की लेकिन इसके बाद वह बाकी सत्र में बीडब्ल्यूएफ सर्किट पर किसी प्रतियोगिता के फाइनल में जगह नहीं बना सकी।

बता दें कि 19वीं सीड की बुसानन ओंगबामरुंगफान ने 8वीं सीड की सायाना पर मैच के शुरुआत से ही अपनी पकड़ बनाए रखी। अगर सायना इस राउंड को पार कर लेती तो क्वार्टर फाइनल में उनकी भिड़ंत दुनिया की पूर्व नंबर एक चीनी ताइपे की ताइ जू यिंग से हो सकती थी।

इससे पहले ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सायना नेहवाल बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के प्री क्वॉर्टर फाइनल में डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट से हारकर बाहर हो गई थीं।(लाइव हिन्दुस्तान)

 


Date : 18-Sep-2019

नई दिल्ली, 18 सितंबर । पूर्व भारतीय बल्लेबाज दिनेश मोंगिया ने 17 सितंबर 2019 क्रिकेट के सभी प्रारुपों से संन्यास ले लिया हैं। 2001 में भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने वाले इस खिलाड़ी ने भारत के लिए अपना आखिरी मैच 12 मई 2007 को बांग्लादेश के खिलाफ खेला था। उन्होंने आखिरी इंटरनेशनल मैच खेलने के तकरीबन 12 साल बाद क्रिकेट के सभी प्रारुपों को अलविदा कह दिया है। मोंगिया के क्रिकेट करियर पर उसी समय विराम लग गया था, जब उन्होंने बोर्ड द्वारा बैन आईसीएल लीग में हिस्सा लिया था।

दिनेश मोंगिया को इसलिए भी याद किया जाता है कि उन्हें दक्षिण अफ्रीका में हुए 2003 के विश्व कप में वीवीएस लक्ष्मण की जगह टीम में चुना गया था। फाइनल में हारने के बाद टीम इंडिया रनर अप रही थी। पंजाब के मोंगिया ने 1995-96 में घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया था। बाए हाथ के इस बल्लेबाज ने इंग्लिश काउंटी में अपनी स्पिन का भी शानदार प्रदर्शन किया था।

2004 में लंकाशर ने उन्हें स्टुअर्ट लॉ की जगह अनुबंधित किया था। वह लैशिंग 11 की तरफ से भी खेले। मोंगिया ने 121 एफसी मैचों में 8028 रन बनाए। उनका औसत 48.95 का रहा। उनका अधिकत स्कोर 308 नाबाद रहा। उन्होंने 27 शतक और 28 अर्द्धशतक लगाए।

उन्होंने लिस्ट ए के 198 मैचों में 10 शतकों और 26 अर्द्धशतकों के साथ 5535 रन बनाए। 2001 में पुणे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने डेब्यू किया। जिंबाब्वे के खिलाफ उन्होंने 147 गेंदों पर नाबाद 159 रनों की पारी खेली।  2003 के वर्ल्ड कप में, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी तकनीकी खामियां उजागर हो गई। 2005 में उन्हें ड्रॉप कर दिया गया। 2007 में उन्होंने अपना आखिरी मैच बांग्लादेश के खिलाफ खेला। 2006 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकमात्र टी-20 खेला। उन्होंने 57 वनडे में 1230 रन एक अर्द्धशतक के साथ बनाए।

एकमात्र खेले टी-20 में उन्होंने 38 रन बनाए। उनका रिश्ता इंडियन क्रिकेट लीग से भी रहा। बाद में वह पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन चयनकर्ता बन गए। बीसीसीआई अब उन्हें कोचिंग अनुबंध देने के विषय में सोच रहा है।(लाइव हिन्दुस्तान)


Date : 18-Sep-2019

छत्तीसगढ़ संवाददाता

कुम्हारी, 18 सितंबर। दो दिवसीय 19 वीं राज्य स्तरीय जुडो प्रतियोगिता का समापन रविवार को संम्पन्न हुआ। इस चेम्पियनशिप में दुर्ग जिला ओवरआल विजेता रहा। वहीं कोंडागांव की टीम उपविजेता रही।

ज्ञात हो कि राज्य स्तरीय चेम्पियनशिप के आधार पर ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश की टीम चयनित होगी। राज्य स्तरीय इस प्रतियोगिता का आयोजन कुम्हारी के सामुदायिक मंगल भवन में शनिवार एवं रविवार को किया गया। प्रतियोगिता के दूसरे व अंतिम दिन रविवार को विजेताओं एवं उप विजेताओं की घोषणा की गई। जिसमें सब जूनियर वर्ग में दुर्ग जिला ओवरआल विजेता रहा। वहीं कोंडागांव की टीम इस वर्ग में उपविजेता रही। रायपुर जिला की टीम द्वितीय स्थान पर रही। प्रतियोगिता के अंत मे समापन के साथ ही पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम भी समन हुआ। विजेताओं को स्वर्ण कांस्य एवं रजत  पदक से सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में 22 जिलों के 26 टीमों के खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया।

समापन कार्यक्रम में अतिथि के रूप में स्मिता बघेल, मनीष बंछोर, देवाशीष सेन, नगरपालिकाध्यक्ष स्वप्निल उपाध्याय, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारी बशीर अहमद खान, शीश बंसल, राजीव मेनन, अरुण द्विवेदी, शंभू सोनी, कुम्हारी ब्लॉक कोंग्रेस कमेटी अध्यक्ष जोगी साहू, एवं विभिन्न जिला जूडो संघ के पदाधिकारियों में असीम मेनन, अब्दुल मोईन, राजकुमार जैसवाल, सुरेश राव, एस. बख्शी, भुवन नागे, अशोक पटेल निर्णायक के तौर पर। एवं एस. आर. सोनी, पी किशोर , किरण शर्मा, शेख सरीफ, विजय नाग, राहुल शर्मा, सुरेश राव, सुदर्शन, देवेश राऊत, सूरज , देवकी देवांगन, एस वर्मा, ज्योति रानी साहू एवं अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन के. रवि द्वारा किया गया।


Date : 18-Sep-2019

कोण्डागांव, 18 सितंबर। आईटीबीपी के उप महानिरीक्षक सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय (भुवनेश्वर), कोण्डागाव और आईटीबीपी 41वीं वाहिनी सेनानी के दिशा-निर्देशन में कोण्डागांव के स्थानीय बालक और बालिकाओं को विभिन्न खेलों जैसे जूड़ों, तीरदांजी, हॉकी, कराते आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी कड़ी में 11 से 15 सितंबर तक वेमेनारा (छत्तीसगढ़) में आयोजित राज्य स्तरीय आर्चरी प्रतियोगिता में बालिका वर्ग में कोण्डागांव की मायावती सलाम, चंचला पोयाम, माधुरी नेताम और निर्मला ठाकुर ने स्वर्ण पदक हासिल किया। बालक वर्ग में निलम कोर्राम, वुधवन्त माण्डवी, योगेश माझी, जगन्नाथ ने कांस्य पदक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। उनकी इस उपलब्धि पर, आईटीबीपी 41वीं वाहिनी सेनानी राणा युद्धवीर सिंह ने प्रशिक्षक त्रिलोचन मोहंता सहित सभी पदक विजेता प्रतिभगियों की प्रसंशा की साथ ही भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।


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