खेल

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Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई । क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े गेंदबाज ने 9 साल पहले आज ही (22 जुलाई) को) टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था। जी हां! बात हो रही है श्रीलंकाई दिग्गज ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन की। मुरलीधरन ऐसे भाग्यशाली खिलाड़ी रहे जो अपने करियर की आखिरी गेंद पर विकेट हासिल 800 विकेट पूरे करने का कारनामा किया। इस चमत्कारी आंकड़े को अब तक कोई नहीं छू पाया है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने भी मुरलीधरन को याद किया है, हालांकि आईसीसी से एक गलती हो गई। उसने ट्वीट के साथ जो तस्वीर शेयर की, वह मुरलीधरन की नहीं- रंगना हेराथ की है। बाद में गलती का पता चलने पर आईसीसी ने उस पोस्ट को ही डिलीट कर दिया।
जब 2010 में मुरलीधरन ने भारत के खिलाफ सीरीज के शुरुआती टेस्ट मैच (गॉल) से पहले संन्यास लेने की घोषणा की, तो उनके पास 792 विकेट थे। टेस्ट मैच के तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक मुरलीधरन के खाते में सिर्फ एक विकेट (सचिन तेंदुलकर का) आया था।(आजतक)

 


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई । भारत-ए टीम इन दिनों वेस्टइंडीज के दौरे पर है। वेस्टइंडीज-ए के खिलाफ पांच मैचों की अनाधिकारिक वनडे सीरीज को भारत-ए ने 4-1 से अपने नाम कर लिया है। भारत ने आखिरी वनडे मैच आठ विकेट से जीता और इसके साथ ही सीरीज पर कब्जा कर लिया। आखिरी मैच में 69 रनों की पारी खेलने शुभमन गिल को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया है। शुभमन गिल को हालांकि वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में जगह नहीं मिली, लेकिन फैन्स का मानना है कि ये क्रिकेटर 2023 विश्व कप में टीम इंडिया के लिए नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने उतरेगा।
भारत-ए से मनीष पांडे, कुणाल पांड्या, दीपक चाहर, राहुल चाहर, श्रेयस अय्यर, नवदीप सैनी और खलील अहमद को भारतीय टीम में जगह मिली है। सबको इस बात पर आश्चर्य है कि शुभमन गिल को टीम इंडिया में जगह क्यों नहीं मिली। शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज-ए के खिलाफ चार मैचों में 69, 77, 62, 10 रनों की पारी खेली, इससे पहले श्रीलंका-ए के खिलाफ उन्होंने नॉटआउट 109 रन भी बनाए थे।
आखिरी वनडे में वेस्टइंडीज-ए ने 47.4 ओवर में सारे विकेट गंवाकर 236 रन बनाए, जवाब में भारत-ए ने 33 ओवर में महज दो विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ऋतुराज गायकवाड़ ने 99 और श्रेयस अय्यर ने नॉटआउट 61 रनों की पारी खेली। शुभमन ने 40 गेंद पर आठ चौके और तीन छक्के की मदद से 69 रन बनाए। (लाइव हिन्दुस्तान)

 

 


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई ।  मैच गंवाने के बाद सिंधु ने कहा, जहां मुझे पॉइंट्स बनाने चाहिए थे, वहां मैंने गलतियां कीं। मेरे ख्याल से यह अलग खेल था। रैलियां काफी फास्ट रहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि खिलाडिय़ों में बहुत अंतर नहीं है। टॉप-10 एक ही लेवल की खिलाड़ी हैं। मैच में जो अच्छा खेलता है उसी की जीत होती है। यह मेरा दिन नहीं था। 

रियो ओलिंपिक से अब तक 11 फाइनल हार 
पीवी सिंधु ने रियो ओलिंपिक-2016 के फाइनल में कैरोलिना मारिन से गोल्ड गंवाने के बावजूद इतिहास रचा था। वह ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बनी थीं। तब से अब तक सिंधु ने 16 खिताबी मुकाबले खेले हैं, लेकिन 5 में ही जीत दर्ज कर सकी हैं, जबकि 11 बार उन्हें फाइनल में हार मिली है। (नवभारत टाईम्स)

 

 


Date : 22-Jul-2019

मुंबई, 22 जुलाई। वेस्ट इंडीज दौरे के लिए जब टीम इंडिया का ऐलान हुआ तो उसमें वही बातें हुईं, जिनकी पहले से उम्मीद थी। धोनी का सिलेक्शन नहीं हुआ। वह आराम कर रहे हैं, जबकि युवा ऋषभ पंत को तीनों फॉर्मेट के लिए चुना गया है। सिलेक्टर्स का प्लान है कि जल्द से जल्द धोनी का रिप्लेसमेंट मिल जाए। शायद चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद के मन में टी-20 वर्ल्ड कप है, जो अगले वर्ष होना है। इसलिए ही पंत को वनडे, टी-20 और टेस्ट में शामिल किया गया है। प्रसाद ने रविवार को धोनी और पंत के भविष्य के प्लान पर भी चर्चा की थी। 
बेहद विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो धोनी ने एमएसके प्रसाद से सिलेक्शन से पहले ही कहा कि अब वह भविष्य के प्लान का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन अभी संन्यास भी नहीं ले रहे हैं। सिलेक्शन कमिटी को अपने प्लान के साथ आगे बढऩा चाहिए। इसलिए ही प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब वह भविष्य के बारे में सोच रहे हैं और पंत को निखारना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, धोनी जैसे महान खिलाड़ी को पता है कि कब रिटायर होना है। वैसे भी रिटायरमेंट लेना व्यक्तिगत फैसला है। बेशक धोनी ने अपना अंतिम वर्ल्ड कप मैच खेल लिया है और जब वह रिटायर होंगे तब ऋषभ पंत विकेटकीपिंग की कमान पूरी तरह संभाल लेंगे। धोनी ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए खुद को अनुपलब्ध बताया है लेकिन उन्हें लेकर हमने कुछ योजनाएं बनाईं हैं।
क्यों देना चाहते हैं पंत को अधिक मौके?- उन्होंने आगे कहा, जब तक धोनी हैं तब तक पंत को ज्यादा से ज्यादा मौके देने की सोची है ताकि वह ग्रूम हो सके। हमने वर्ल्ड कप तक एक रोडमैप तैयार किया था और हमारी आगे की योजनाएं भी तैयार हैं। हम फिलहाल, पंत जैस खिलाडिय़ों के कौशल को निखारना चाहते हैं। पंत तीनों फॉर्मेट में फिट हैं। उनके वर्कलोड को मैनेज करना होगा। भारतीय टीम के वेस्ट इंडीज दौरे की शुरुआत 3 अगस्त से होगी। टीम इस दौरे पर तीन टी20 इंटरनैशनल, 3 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच और दो टेस्ट मैच खेलेगी। 
धोनी का प्लान उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड कप-2019 के बाद से ही धोनी के संन्यास के बारे में अटकलबाजी हो रही है। सिलेक्शन से ठीक एक दिन पहले बीसीसीआई के एक आला अधिकारी ने कहा था, धोनी ने स्वयं को वेस्ट इंडीज दौरे के लिए अनुपलब्ध बताया है क्योंकि वह अगले दो महीने पैरामिलिट्री रेजिमेंट के साथ ट्रेनिंग करेंगे।  (नवभारत टाईम्स)

 

 


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई । आईपीएल-2019 का एक मैच था रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और चेन्नै सुपर किंग्स के बीच। सीएसके लक्ष्य का पीछा कर रही थी और उसे जीत के लिए महज 71 रन रनों का लक्ष्य मिला था। ओपनर शेन वॉटसन मैदान पर उतरे। एक खतरनाक बाउंसर, जिसकी रफ्तार 151 किमी प्रतिघंटा थी, वॉटसन के हेल्मेट पर लगी। दरअसल, ऑस्ट्रेलियाई दिग्गल को गेंद समझ ही नहीं आई थी और वह पूरी तरह स्तब्ध रह गए थे। वह गेंद करने वाले गेंदबाज थे नवदीप सैनी, जिनका वेस्ट इंडीज दौरे के लिए वनडे और टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में चयन हुआ है। 
रणजी ट्रोफी में सैनी दिल्ली के लिए खेलते हैं, लेकिन वह हरियाणा के करनाल से हैं और बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि एक वक्त ऐसा भी था जब सैनी को करनाल में लोकल टूर्नमेंट में खेलने के 200 रुपये प्रति मैच मिलते थे। रोचक बात यह है कि 2013 तक सैनी लेदर बॉल नहीं, बल्कि टेनिस बॉल क्रिकेट खेला करते थे।
यूं आए दिल्ली रणजी टीम में 
दिल्ली के पूर्व मीडियम पेसर सुमित नरवाल ने करनाल प्रीमियर लीग के दौरान सैनी को देखा तो वह उनकी गति काफी आकर्षित हुए। सैनी का अगला पड़ाव दिल्ली टीम का नेट सेशन रहा। यहां उन्होंने पूर्व इंटरनैशनल क्रिकेटर गौतम गंभीर को अपनी बोलिंग से आकर्षित किया। गंभीर ने उन्हें दो जोड़ी जूते दिए और नेट पर लगातार आने को कहा। यही दिल्ली क्रिकेट से सैनी की पहचान शुरू हुई। 
उन्हें दिल्ली क्रिकेट टीम में लाने का अहम रोल गौतम गंभीर का रहा। पूर्व रणजी कप्तान ने चयनकर्ताओं को सैनी को रणजी टीम में लेने का सुझाव दिया। 2013-24 सीजन में सैनी टीम में चुन भी लिए गए। यहां से उन्होंने पीछे मुडक़र नहीं देखा। 2017-18 सीजन में दिल्ली को फाइनल तक पहुंचने में सैनी का अहम रोल रहा। वह 8 मैचों में 34 विकेट लेकर टीम के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज भी रहे। 
गंभीर ने कहा था- एक दिन 
भारत के लिए खेलोगे 
सैनी को 2018 में जब अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट के लिए पहली बार इंटरनैशनल टीम में शामिल किया गया तो उन्होंने गंभीर को अपना मेंटॉर बताते हुए तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि मैं जब भी गंभीर के बारे में बात करता हूं तो खुद को भावुक पाता हूं। जब मैंने दिल्ली के लिए कुछ मैच खेले तो उन्होंने ही कहा था कि अगर मैं ऐसे ही अच्छा प्रदर्शन और मेहनत करता रहा तो जल्द ही टीम इंडिया के लिए खेलूंगा। उन्होंने मुझे पहचाना, जिसका अंदाजा मुझे भी नहीं था। जब मैं उनकी बातों को सोचता हूं तो खुश होता हूं। (नवभारत टाईम्स) 

 


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई । यूरोप में एक महीने के भीतर लगातार पांचवां गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय धावक हिमा दास की एंडोर्समेंट फीस तीन हफ्तों के भीतर दोगुनी हो गई। हिमा का एक्सक्लूसिव तौर पर प्रतिनिधित्व करने वाली स्पोर्ट्स मैनेजमेंट फर्म आईओएस के मैनेजिंग डायरेक्टर नीरव तोमर ने बताया, ‘पिछले तीन हफ्तों में लगातार शानदार प्रदर्शन करने की वजह से हिमा की ब्रैंड वैल्यू दोगुनी हो गई है। ब्रैंड एंडोर्समेंट का सीधा जुड़ाव प्रदर्शन और सेलिब्रिटी के नजर आने से जुड़ा होता है। उनकी दुनियाभर में सभी प्लेटफॉर्म पर चर्चा हो रही है।’ 

असम की 19 वर्षीय तेज धावक फीस एक ब्रैंड के लिए सालाना 30-35 लाख रुपये थी, जो अब 60 लाख रुपये सालाना पहुंच गई है। नीरव ने बताया कि आईओएस अब हिमा के लिए वॉच ब्रैंड, टायर, एनर्जी ड्रिंक ब्रैंड, कुकिंग ऑयल और फूड जैसी कैटेगरी के ब्रैंड से नई डील के लिए बात कर रहा है। फिलहाल, हिमा के मौजूदा एंडोर्समेंट में एडिडास स्पोर्ट्सवियर, एसबीआई, इडलवाइज फाइनेंशियल सर्विसेज और नॉर्थ-ईस्ट की सीमेंट ब्रैंड स्टार सीमेंट शामिल हैं।(नवभारत टाईम्स)


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई । आईसीसी वर्ल्ड कप-2019 के फाइनल में विवादास्पद चार देने वाले मैदानी अंपायर कुमार धर्मसेना ने स्वीकार किया है कि वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड को चार देना उनकी गलती थी और उन्हें एक रन देना चाहिए था। आईसीसी विश्व कप-2019 के फाइनल में दिए गए उस चौके को लेकर काफी विवाद रहा है। 

फाइनल मैच के अंतिम ओवर में 242 रनों का पीछा कर रही इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने दो रन दौडक़र लिए थे और दूसरे रन लेने के दौरान फील्डर का थ्रो बेन स्टोक्स के बल्ले से टकरा पर बाउंड्री पार चला गया था, जिससे इंग्लैंड के खाते में चार रन आए थे।
धर्मसेना ने श्रीलंका के अखबार संडे टाइम्स से कहा, अब टीवी पर रीप्ले देखने के बाद मैं स्वीकार करता हूं कि फैसला करने में गलती हुई थी। लेकिन मैदान पर टीवी रीप्ले देखने की सहूलियत नहीं थी और मुझे अपने फैसले पर कभी मलाल नहीं होगा। 
श्रीलंका के धर्मसेना ने कहा, मैंने संवाद प्रणाली के जरिये लेग अंपायर से सलाह ली, जिसे सभी अन्य अंपायरों और मैच रेफरी ने सुना। वे टीवी रीप्ले नहीं देख सकते थे, उन सभी ने पुष्टि की कि बल्लेबाजों ने दूसरा रन पूरा कर लिया है। इसके बाद मैंने अपना फैसला किया।(आजतक)


Date : 22-Jul-2019

नई दिल्ली, 22 जुलाई । वल्र्ड कप में मिली नाकामी के बाद विराट कोहली अपना आराम भूल गए और उन्हें वेस्टइंडीज जैसे कम महत्वपूर्ण दौरे के लिए भी तैयार होना पड़ा। बीच वर्ल्ड कप अचानक 23 जून को खबर आई थी कि इंडीज दौरे की टी-20 और वनडे सीरीज में विराट कोहली ने बीसीसीआई से आराम मांग लिया है। शायद तब अतिउत्साही विराट मान चुके थे कि टीम इंडिया ही वर्ल्ड कप जीतेगी और इसके बाद वह जैसा चाहेंगे वैसा ही होगा। यानी उन्होंने एडवांस में ही अपना कार्यक्रम तय कर लिया और वर्ल्ड कप के ठीक बाद इंडीज दौरे के लिए शुरुआती सीमित ओवरों की दो सीरीज से आराम के लिए अर्जी लगा दी।

...लेकिन विराट की उम्मीदों पर पानी फिर गया
सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारकर टीम इंडिया का वर्ल्ड कप सफर खत्म होते ही विराट की उम्मीदों पर पानी फिर गया। कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली की जोड़ी सवालों के घेरे में आ गई। एक तरफ प्रशासकों की समिति सवालों की लिस्ट लिये खड़ी थी, तो दूसरी तरफ प्रशंसकों की नाराजगी भी बढ़ती जा रही थी। ऐसे में हार से बेफिक्र विराट अगर वेस्टइंडीज दौरे की टी-20 और वनडे सीरीज में खेलने से मना कर देते, तो वह अपनी साख बचाने में कामयाब नहीं हो पाते। आखिरकार उन्होंने गहत चिंतन किया होगा और इस फैसले पर पहुंचे कि वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया से जुडऩे में ही भलाई है।

वेस्टइंडीज दौरे को कम आंकना ठीक नहीं
रविवार को मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने इंडीज दौरे के लिए टी-20, वनडे और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड की घोषणा कर दी। बीसीसीआई ने तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया की कप्तानी का भार विराट कोहली के कंधे पर बरकरार रखा। यानी टीम इंडिया के लिए प्रतिबद्धता एक बार फिर विराट का पीछा कर रही है। कैरेबियाई दौरे के दौरान 8 मुकाबलों वाली तीन सीरीज में उन्हें न सिर्फ अपना बल्ला चलाना होगा, बल्कि बड़ी जीत के साथ दौरा समाप्त करना होगा।
कप्तानी के लिए तैयार 
खड़े थे रोहित शर्मा !
विराट कोहली यदि वेस्टइंडीज दौरे में टी-20 और वनडे टीम से नहीं जुड़ते, तो कप्तान के रूप में एक बार फिर रोहित शर्मा को मौका मिलता। वर्ल्ड कप में हार के बाद यह मांग भी उठने लगी थी कि रोहित शर्मा को वनडे और टी-20 का कप्तान बना दिया जाए। उल्लेखनीय है कि रोहित को विराट की गैरमौजूदगी में जब भी कमान मिली, उन्होंने टीम इंडिया को चैम्पियन बनवाया। ऐसे में विराट कोहली ने अपनी कप्तानी को ब्रेक देना उचित नहीं समझा और दौरे के लिए तैयार हो गए।
जब-जब मौका मिला
रोहित ने कर दिखाया
पिछले साल सितंबर में विराट कोहली ने यूएई में खेले गए एशिया कप टूर्नामेंट में आराम ले लिया था। जिसके बाद रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने यह टूर्नामेंट जीता। इससे पहले मार्च 2018 में श्रीलंका में खेली गई ट्राई टी-20 सीरीज में भी विराट आराम पर चले गए थे। रोहित ने इस टूर्नामेंट (निदहास ट्रॉफी) को भी जीतकर अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया था। बतौर कप्तान रोहित ने अब तक 10 में से 8 वनडे जीते हैं, जबकि टी-20 इंटरनेशनल में 15 में से 12 मुकाबलों में उन्हें जीत मिली है। मजे की बात है कि टी-20 इंटरनेशनल में विराट कोहली ने भी 12 मैच जिताए हैं। (आजतक)

 


Date : 21-Jul-2019

नई दिल्ली, 21 जुलाई । वेस्टइंडीज दौरे के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है। मुंबई में कप्तान विराट कोहली और चयनकर्ताओं की बैठक के बाद 3 वनडे और 3 टी20 मैचों के लिए इंडियन टीम का ऐलान किया गया। भारत का दौरा 3 अगस्त से शुरू होगा।
वनडे टीम- विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन, के एल राहुल, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, ऋषभ पांडे, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, केदार जाधव, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, खलील अहमद, नवदीप सैनी
टेस्ट टीम- मयंक अग्रवाल, के एल राहुल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, हनुमा विहारी, रोहित शर्मा, ऋषभ पंत, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, ईशांत शर्मा, ऋद्धिमान साहा।
टी20 टीम- विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन, के एल राहुल, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे, ऋषभ पंत, क्रुणाल पंड्या, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, राहुल चाहर, भुवनेश्वर कुमार, खलील अहमद, दीपक चाहर और नवदीप सैनी। (न्यूज18)

 


Date : 21-Jul-2019

नई दिल्ली, 21 जुलाई । ढिंग एक्सप्रेस के नाम से मशहूर भारत की युवा एथलीट हिमा दास ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। भारत की नई उडऩ परी हिमा दास ने शनिवार को एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। हिमा ने चेकगणराज्य में नोवे मेस्टो नाड मेटुजी ग्रां प्री में महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में पहला पायदान हासिल किया। इसके साथ ही हिमा ने एक महीने के भीतर ही पांचवां गोल्ड मेडल जीत लिया है।
हिमा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक फोटो साझा कर इस बात की जानकारी दी। फोटो के साथ हिमा ने लिखा, चेक गणराज्य में 400 मीटर स्पर्धा में टॉप स्थान पर रहते हुए रेस खत्म की।
हिमा ने 52.09 सेकेंड का समय निकाला। हिमा का इस महीने ये कुल पांचवां स्वर्ण पदक है। इससे पहले 200 मीटर में हिमा दो जुलाई को पोलैंड में, सात जुलाई को पोलैंड में ही कुंटो एथलेटिक्स मीट में, 13 जुलाई को क्लाइनो (चेक गणराज्य में) और 17 जुलाई को चेक रिपब्लिक में ही टाबोर ग्रां प्री में गोल्ड जीत चुकी हैं।
इस बार दूसरे स्थान पर भी भारत की वीके विस्मया रहीं जो हिमा से 53 सेकेंड पीछे रहते हुए दूसरे स्थान पर जगह बनाने में सफल रहीं। विस्मया ने 52.48 सेकंड का समय निकाला। तीसरे स्थान पर सरिता बेन गायकवाड़ रहीं जिन्होंने 53.28 सेकेंड का समय निकाला।
पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में भारत के एमपी जाबिर ने 49.66 सेकेंड के साथ स्वर्ण जीता। जितिन पॉल 51.45 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं पुरुषों की 400 मीटर में भारत के ही नोह निर्मल टोम ने भी 46.05 सेकेंड के साथ रजत पदक जीता। (आजतक)


Date : 21-Jul-2019

नई दिल्ली, 21 जुलाई। भारतीय क्रिकेट टीम का एक वरिष्ठ सदस्य विश्व कप के दौरान बीसीसीआई के 'परिवार संबंधितÓ नियमों के उल्लंघन करने के लिए सवालों के घेरे में आ गया है, जिसमें टीम सेमीफाइनल में बाहर हो गई थी। इस खिलाड़ी ने अपनी पत्नी के लिए 15 दिन अनुमेय अवधि से अधिक समय तक साथ रहने का अनुरोध किया था, लेकिन नियम बनाने वाली प्रशासकों की समिति (सीओए) ने इससे इनकार कर दिया था। अब पता चला है कि इस खिलाड़ी की पत्नी टूर्नमेंट के दौरान पूरे सात हफ्ते तक उनके साथ रही, जबकि इसके लिए कप्तान या फिर कोच से अनुमति नहीं ली गई थी। दस्तावेजों के अनुसार सीओए ने तीन मई को हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की थी और इस अनुरोध को स्वीकृति नहीं दी थी। इसकी जानकारी रखने वाले बीसीसीआई सूत्र ने नाम नहीं बताने की शर्त पर पुष्टि की कि यह उल्लघंन निश्चित रूप से हुआ था।
अधिकारी ने कहा, 'हां, तीन मई को हुई बैठक में इसी खिलाड़ी को अनुमति नहीं दी गई थी, उसने विश्व कप के दौरान 15 दिन के नियम का उल्लघंन किया है। अब यहां सवाल उठता है कि इस खिलाड़ी ने अपनी पत्नी को अतिरिक्त दिनों तक साथ रखने के मद्देनजर योग्य अधिकारियों से- इस मामले में कोच या कप्तान से अनुमति ली थी। तो इसका जवाब 'नहींÓ है।Ó इस मामले को अभी सीओए को रिपोर्ट किया जाना है, पर सवाल यह है कि प्रशासनिक मैनेजर सुनिल सुब्रमण्यम ने इसकी जानकारी क्यों नहीं दी, जबकि यह मसला उनके उनके अधीन आता था।
एक अन्य वरिष्ठ बीसीसीआई अधिकारी ने कहा, 'सुनील सुब्रमण्यम क्या कर रहे थे? उनका काम टीम के ट्रेनिंग सत्र का निरीक्षण करना नहीं था। कोच, कप्तान और अन्य सहयोगी स्टाफ इस इंतजाम को देख रहे थे। उम्मीद है कि सीओए इस मामले का संज्ञान लेगा और मैनेजर से रिपोर्ट मांगेगा।Ó सुब्रमण्यम से इस मामले पर बात नहीं की जा सकी है।  (भाषा)


Date : 20-Jul-2019

वल्र्ड कप के 12वें सीजन के समाप्ति के बाद जहां दुनिया को इंग्लैंड के रूप में नया वल्र्ड चैंपियन मिला वहीं न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन के रूप में नया जेंटलमैन। रोमांचक फाइनल में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच का मैच टाई होने और फिर सुपर ओवर के भी टाई होने पर मैच में अधिक बाउंड्रीज के आधार पर इंग्लैंड को विजेता घोषित कर ट्रॉफी दे दी गई।

ये वल्र्ड कप इतिहास में पहला ऐसा मामला था जब विजेता का फैसला आईसीसी के अजीबोगरीब नियम के तहत हुआ। इस फैसले पर जहां दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली वहीं सबने विलियमसन के शांत स्वभाव और व्यवहार की जमकर तारीफ की। विवादों से दूर रहने वाले केन ने मुस्कुराते हुए हार को स्वीकार किया और आईसीसी के इस फैसले को सहर्ष ही मान लिया।
मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी के समय सचिन ने विलियमसन को मैन ऑफ द टूर्नामेंट का अवार्ड दिया और उन्हें कुछ कहते दिखे थे। अब ये बात भी सामने आ गई है कि उस रोज सचिन तेंदुलकर ने विलियमसन से क्या कहा था। सचिन ने न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन से कहा कि ‘तुम्हारे खेल को सभी ने सराहा और तुम्हारा विश्व कप शानदार रहा।’  
सचिन ने अपने 100 एमबी एप पर कहा, विलियमसन के बारे में सबसे अच्छी बात है उनके शांत रहने की क्षमता। वह किसी भी परिस्थिति में अपना मानसिक संतुलन नहीं खोते। यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि वह विश्व कप नहीं जीत सके लेकिन यह उनके चेहरे पर दिखाई नहीं दिया।’ 
तेंदुलकर ने आगे कहा, विलियमसन खेल को अलग नजरिए से देखते हैं। कम स्कोर का बचाव करते हुए उनकी फील्ड प्लेसमेंट और गेंदबाजी में बदलाव सराहनीय है। यहां तक कि जब (रवींद्र) जडेजा सेमीफाइनल में बड़े शॉट खेल रहे थे, वे शांत थे और अंत में परिणाम उनके पक्ष में था।’ विलियमसन को सचिन ने विश्व कप-2019 की अपनी सर्वश्रेठ एकादश में भी चुना था। 

 


Date : 20-Jul-2019

नई दिल्ली, 20 जुलाई (लाइव हिन्दुस्तान)। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने महेंद्र सिंह धोनी के इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास पर हो रही चर्चा पर अपना विचार रखा है। गंभीर ने राजनीति का रुख जरूर कर लिया है लेकिन वो क्रिकेट से जुड़े अहम मुद्दों पर अपना पक्ष रखते रहते हैं। विश्व कप 2019 के बाद से लगातार इस पर चर्चा हो रही है कि महेंद्र सिंह धोनी कब तक इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेंगे। वीरेंद्र सहवाग के बाद अब गौतम गंभीर ने भी इस पर अपना पक्ष रखा है।
गंभीर की माने तो इस बारे में इमोशनल नहीं बल्कि प्रैक्टिकल होकर सोचना चाहिए। धोनी फिलहाल 38 साल के हो चुके हैं और कई दिग्गज क्रिकेटरों का मानना है कि अब उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट से अलविदा कह देना चाहिए। बीते विश्व कप में टीम इंडिया सेमीफाइनल तक पहुंची, लेकिन इस दौरान धोनी को धीमी बल्लेबाजी को लेकर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
सीबी सीरीज में कप्तानी के दौरान 
धोनी ने ऐसा किया था
धौनी ने 9 मैचों में 273 रन बनाए, लेकिन इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट महज 87.78 रहा। गंभीर ने टीवी9 भारतवर्ष पर कहा, यह जरूरी है कि आप भविष्य के बारे में सोचें और जब धोनी खुद कप्तान थे, तो उन्होंने भविष्य को लेकर फैसले लिए थे। मुझे याद है कि ऑस्ट्रेलिया में धोनी ने सीबी सीरीज से पहले कहा था कि मैं, सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग इसमें नहीं खेल सकते हैं क्योंकि मैदान बड़े थे। उनका मानना था कि अगले विश्व कप के लिए युवा क्रिकेटरों को टीम में जगह दी जाए। इस पर प्रैक्टिकल फैसला लेना चाहिए ना कि इमोशनल होकर।
इस तरह तैयार किया जाए नया विकेटकीपर बल्लेबाज
गंभीर का मानना है कि 2023 विश्व कप के लिए टीम इंडिया को नए विकेटकीपर बल्लेबाज को तैयार करना चाहिए। गंभीर ने कहा, भारत के पास अब मौका है कि युवा क्रिकेटरों को खेलने का मौका दिया जाए। वो चाहे ऋषभ पंत हो, संजू सैमसन हो या इशान किशन हों। 
इन विकेटकीपर बल्लेबाजों को मौका मिलना चाहिए और देखना चाहिए कि किसमें कितना दम है। सभी को डेढ़ साल का समय मिलना चाहिए और अगर अच्छा प्रदर्शन ना करें तो दूसरे को मौका दिया जाना चाहिए।

 

 


Date : 20-Jul-2019

इंदौर, 20 जुलाई । महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास की अटकलों के बीच पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता संजय जगदाले ने शुक्रवार को कहा कि हालांकि भारतीय टीम के पास 38 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज का सही विकल्प तुरंत मौजूद नहीं है, लेकिन चयन समिति को धोनी से मिलकर भविष्य के बारे में उनके मन की थाह लेनी चाहिए। 
जगदाले ने कहा, धोनी एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं और उन्होंने भारतीय टीम के लिए हमेशा नि:स्वार्थ क्रिकेट खेला है। मेरे मत में भारतीय टीम के पास विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में अभी धोनी का उपयुक्त विकल्प तुरंत मौजूद नहीं है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि टेस्ट प्रारूप से पहले ही संन्यास ले चुके धोनी ने अपना अंतिम वनडे खेल लिया है जो विश्व कप में भारत का सेमीफाइनल था और न्यू जीलैंड के खिलाफ खेले गए इस अहम मुकाबले में विराट कोहली की टीम को हार का मुंह देखना पड़ा था। 
इन कयासों पर बीसीसीआई के पूर्व सचिव ने कहा, अपने संन्यास के बारे में फैसला करने के लिये हालांकि धोनी खुद परिपक्व हैं। लेकिन चयनकर्ताओं को उनसे मिलकर उसी तरह पता करना चाहिए कि पेशेवर भविष्य को लेकर उनके दिमाग में क्या चल रहा है, जिस तरह सचिन तेंडुलकर के संन्यास से पहले उनसे बात की गई थी। 
उन्होंने कहा, चयनकर्ताओं को धोनी को यह भी बताना चाहिए कि वे भविष्य में उन्हें किस भूमिका में देखना चाहते हैं। जगदाले ने इस बात को खारिज किया कि विश्व कप में धोनी ने धीमी बल्लेबाजी की। 
बीसीसीआई के पूर्व सचिव ने कहा, विश्व कप में धोनी मैचों के हालात और भारतीय टीम की जरूरतों के मुताबिक ही खेल रहे थे। सेमीफाइनल में भी वह सही रणनीति के साथ बल्लेबाजी कर रहे थे। दुर्भाग्य से वह निर्णायक क्षणों में रन आउट हो गए। 
उन्होंने धोनी का बचाव करते हुए कहा, यह कहना बेहद गलत होगा कि धोनी एक क्रिकेटर के रूप में चुक गए हैं। 38 साल की उम्र में किसी भी खिलाड़ी से उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह उसी ऊर्जा और आक्रामकता के साथ खेलेगा, जैसा वह अपनी युवावस्था में खेलता था। (नवभारत टाईम्स)

 


Date : 19-Jul-2019

लंदन, 19 जुलाई । क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज एलन डोनाल्ड के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है. 46 साल के सचिन इस प्रतिष्ठित सूची में जगह पाने वाले छठे भारतीय हैं. उनसे पहले 2018 में राहुल द्रविड़ को यह सम्मान मिला था। 

तेंदुलकर ने लंदन में आयोजित समारोह में कहा, 'यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। सचिन टेस्ट और वनडे दोनों में सबसे ज्यादा रन बनाने का वल्र्ड रिकॉर्ड रखते हैं। सचिन (करियर 1989-2013) ने 200 टेस्ट मैचों में 53.78 की औसत से 15921 रन बनाए, जिसमें उनके 51 शतक शामिल हैं. साथ ही सचिन ने 463 वनडे इंटरनेशनल में 44.83 की औसत से 18426 रन बनाए, जिसमें उनके 49 शतक शामिल हैं। इस तरह वह 100 अंतरराष्ट्रीय शतक जमाने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं। 
2015 में अनिल कुंबले को यह सम्मान मिला था। बिशन सिंह बेदी और सुनील गावस्कर को 2009 में शुरुआती आइसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया था. कपिल देव को 2010 में इस सम्मान से नवाजा गया।
सचिन और डोनाल्ड के अलावा दो बार की विश्व कप विजेता ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर कैथरीन फिट्जपैट्रिक को भी हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया है। इसके साथ ही हॉल ऑफ फेम से शामिल होने वाले खिलाडिय़ों की कुल संख्या 90 हो गई। क्रिकेट इतिहास के बेहतरीन तेज गेंदबाजों में शामिल 52 वर्षीय डोनाल्ड (करियर 1991-2003) ने अपने करियर के दौरान 330 टेस्ट विकेट के अलावा वनडे इंटरनेशनल में 272 विकेट झटके। 
51 साल की पूर्व महिला क्रिकेटर फिट्जपैट्रिक (करियर 1991-2007) ने अपने करियर के दौरान वनडे में 180 और टेस्ट में 60 विकेट हासिल किए। एक कोच के रूप में उन्होंने तीन विश्व कप खिताबों के लिए ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम का मार्गदर्शन किया।(आजतक)

 


Date : 19-Jul-2019

मुंबई, 19 जुलाई। शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी, जिसमें चलना भी मुश्किल हो, वहां दौडऩे की कल्पना ही डरा देती है। लेकिन, सैकड़ों किलोमीटर दौडऩे की असंभव चुनौती को पूरा किया है भारतीय अल्ट्रा मैराथन रनर राज वडगामा ने। बैडवॉटर 135, यह ऐसी रेस है, जिसे दुनिया की सबसे कठिन रनिंग रेसों में से एक गिना जाता है। राज ने 45 घंटे से कम समय में इस पूरा कर इतिहास बना दिया। 52 वर्षीय इस मुंबईकर ने अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में हुई रेस को 44 घंटे, 37 मिनट और 39 सेकंड में रेस पूरा किया, जबकि इसे पूरा करने की समयसीमा 48 घंटे थी। गोरेगांव में रहने वाले और मूल रूप से गुजरात के राज इस रेस में भाग लेने वाले भारत के एकमात्र रनर थे। 

डेथ वैली से की थी शुरुआत 
राज ने रेस शुरुआत कैलेफोर्निया में स्थित डेथ वैली से की थी। यह जगह समुद्री सतह से भी काफी नीचे और रेगिस्तानी इलाका है, इसलिए यहां का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर था। कई जगहों पर तो इतनी गर्मी थी कि सडक़ पर चल रहे इंसान के जूते का सोल तक पिघल जाए। 15 से 17 जुलाई तक हुई यह रेस कुल 6 चरण की थी। (नवभारत टाईम्स)

 


Date : 19-Jul-2019

लखनऊ, 19 जुलाई। उत्तर प्रदेश को हॉकी की एक और बड़ी चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है। हॉकी इण्डिया ने हॉकी उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय फाइव-ए-साइड महिला, पुरुष व मिक्स हॉकी चैंपियनशिप के आयोजन का जिम्मा सौंपा है। हॉकी उत्तर प्रदेश यह चैंपियनशिप कानपुर ग्रीनपार्क में 22 से 27 सितम्बर तक नवनिर्मित एस्ट्रोटर्फ पर कराएगा। यह पहला मौका होगा जब उत्तर प्रदेश में फाइव-ए-साइड हॉकी की चैंपियनशिप होगी।
इस चैंपियनशिप में महिला व पुरुषों की उत्तर प्रदेश समेत आठ-आठ टीमें हिस्सा लेंगी। इसके अलावा इन्हीं टीमें में से मिक्स टीमें बनाई जाएगी। जिनके बीच मुकाबले होंगे। फाइनल के पूर्व मिक्स हॉकी का खिताबी मुकाबला होगा। मिक्स टीमों में महिला व पुरुष खिलाड़ी होंगे। मैदान पर गोलकीपर के अलावा दो महिला व दो पुरुष खिलाड़ी होंगे। प्रतियोगिता लीग व नाकआउट आधार पर खेली जाएगी। मैच 40 मिनट का होगा। 10-10 मिनट के क्वार्टर होंगे।
रिकार्ड समय में लगी है एस्ट्रोटर्फ
क्रिकेट के लिए पहचाने जो वाले ग्रीन पार्क को अब हॉकी के लिए भी जाना जाएगा। कानपुर के क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी अजय सेठी की मेहनत से केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता से ग्रीन पार्क परिसर में फाइव-ए-साइड हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ लगाई गई। इसे 120 दिन में तैयार होना था। पर यह रिकार्ड 90 दिनों में ही तैयार हो गई। यह टर्फ 60 गुणा 40 मीटर की है। (लाइव हिन्दुस्तान)

 

 


Date : 19-Jul-2019

नई दिल्ली, 19 जुलाई । सरप्रीत सिंह जर्मनी के फुटबॉल क्लब बायर्न म्यूनिख के लिए खेलने वाले पहले भारतीय मूल के फुटबॉलर बन गए। उन्होंने बुधवार को अमेरिका दौरे के प्री-सीजन मुकाबले में बायर्न के लिए पदार्पण किया। 20 साल के सरप्रीत हाफ टाइम के दौरान खेलने उतरे, हालांकि उनकी टीम को आर्सेनल के खिलाफ 1-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। 
न्यू जीलैंड के ऑकलैंड में जन्मे सरप्रीत के पैरेंट्स भारतीय हैं। वह न्यू जीलैंड के वेलिंगटन फीनिक्स क्लब से बायर्न म्यूनिख में शामिल हुए। उनके साथ क्लब ने तीन साल का करार किया है। 
वह पहली बार 11 साल की उम्र में क्लब की एक यूथ टीम के लिए खेले। इसके 9 साल बाद ही वह पहले भारतीय मूल के फुटबॉलर बन गए जिन्होंने जर्मनी के इस क्लब की लाल टीशर्ट पहनी जिसके नाम 29 बुंडेसलीगा और 5 यूएफा चैंपियन खिताब दर्ज हैं। 
सरप्रीत स्थानीय क्लब वनहुंगा स्पोर्ट्स के लिए खेलते थे, जिसके बाद उन्होंने 2015 में वेलिंगटन फीनिक्स अकैडमी जॉइन की। जून 2017 में उन्होंने पहला सीनियर कॉन्ट्रैक्ट किया, जो करार तीन साल का था। (नवभारत टाईम्स)

 


Date : 19-Jul-2019

नई दिल्ली, 19 जुलाई । भारत की शीर्ष महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी सिंधु ने अपना विजय अभियान जारी रखते हुए इंडोनेशिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में स्थान पक्का कर लिया जबकि पुरुष वर्ग में किदांबी श्रीकांत को हार का सामना करना पड़ा। पांचवीं सीड सिंधु ने गुरुवार को खेले गए महिला एकल के दूसरे दौर के मैच में डेनमार्क की मिया ब्लिचेफेल्डट को 21-14, 17-21, 21-11 से मात दी। 

सिंधु ने एक घंटे और दो मिनट तक चले मुकाबले में यह जीत अपने नाम कर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। क्वार्टर फाइनल में सिंधु का सामना वर्ल्ड नंबर-2 और तीसरी सीड नोजोमी ओकुहारा से होगा, जिनके खिलाफ सिंधु का 7-7 का करियर रिकॉर्ड है। पुरुष एकल में श्रीकांत को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। हांगकांग के एन जी का लोंग एंगस ने आठवीं सीड श्रीकांत को 39 मिनट तक चले मुकाबले में 21-17 21-19 से मात दी।
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इस बीच, सात्विसाइराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी को भी हार का सामना करना पड़ा। टॉप सीड इंडोनेशिया के मार्कस फनार्ल्डी गिडोन और केविन संजय सुकामुल्जो की जोड़ी ने भारतीय जोड़ी को 28 मिनट तक चले मुकाबले में 21-15 21-14 से शिकस्त दी।(लाइव हिन्दुस्तान)


Date : 19-Jul-2019

छत्तीसगढ़ संवाददाता

धमतरी, 19 जुलाई। स्कूल गेम्स के तहत वॉलीबाल और खो-खो स्पर्धा हुई। खो-खो में 60 खिलाडिय़ों में से 45 खिलाड़ी सोरम स्कूल के चुने गए हैं। सोरम स्कूल के खिलाड़ी खो-खो में मेडल भी ला चुके हैं। स्कूल के खिलाडिय़ों का प्रदर्शन बेहतर रहा, जिसके आधार पर वे चयनित हुए। बालिका 19 वर्ष में सभी खिलाड़ी सोरम की है। 
वॉलीबाल बालक-बालिका 14, 17, 18 वर्ष वर्ग में 54 खिलाडिय़ों का चयन किया गया। सबसे ज्यादा मॉडल इंग्लिश स्कूल और शासकीय भाठागांव के खिलाडिय़ों का चयन हुआ है। मॉडल स्कूल से 15 खिलाडिय़ों का और भाठागांव से 10 खिलाडिय़ों का चयन हुआ। शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल भाठागांव में जिला स्तरीय वॉलीबाल चयन स्पर्धा कराई गई। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे खिलाडिय़ों का चयन किया गया। इस खेल में खिलाडिय़ों का अटेंड, हैंड फिंगर, टेनिस सर्विस, सामान्य सर्विस, शॉट आदि के आधार पर चयन किया गया। जिले से 204 खिलाड़ी शामिल हुए थे। धमतरी ब्लाक से 72, कुरूद से 72 और मगरलोड ब्लाक से 60 खिलाड़ी शामिल हुए। पीटीआई हरीश देवांगन ने बताया कि अब ये खिलाड़ी क्षेत्रीय स्पर्धा में शामिल होने गरियाबंद जाएंगे। 20 जुलाई को क्षेत्रीय स्पर्धा है। 
200 खिलाड़ी हुए शामिल 
शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल सोरम में ब्लाक स्तरीय खो-खो स्पर्धा हुई। इस स्पर्धा में अजीम प्रेमजी, वंदेमातरम, विद्याकुंज, मॉडल इंग्लिश, शासकीय हायर सेकेंडरी सोरम, शासकीय स्कूल रावां, डॉ. शोभाराम देवांगन स्कूल से 200 खिलाड़ी शामिल हुए। इन खिलाडिय़ों का चयन स्कील, रनिंग, ज्यादा पाइंट लाने के आधार पर किया गया। बालक, बालिका 14, 17, 19 वर्ष वर्ग में ब्लाक स्तरीय 60 खिलाडिय़ों का चयन हुआ है। प्रत्येक टीम में 10-10 खिलाड़ी शामिल हैं। इस दौरान प्राचार्य सीएम शर्मा, जेआर साहू, पीटीआई सुनील सिन्हा, भुनेश्वरी देवांगन, अनिल पटेल, शालिनी देवदास, अंजू लिखी, छाया श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे। 
ये खिलाड़ी हुए चयनित
वॉलीबाल बालिका में जिला देशमुख, निकिता, पीयुषी, महिमा, रेणुका, श्रेया, सीमा, रूखमणी, मनीषा, आराधना, संजना चंदेल, यामिनी नामदेव, दामिनी मरकाम, श्रुति गरेवाल, राशि साहू, वाणी साहू, अलका अग्रवाल, दीपशिखा ध्रुव, सारिका साहू, होमेश्वरी सिन्हा, तेजस्वी यादव, युष्मिता साहू, बालक में वसीम, रितेश यादव, तेजेश्वर, अनुराग, युवराज, जितेंद्र, टिकेश्वर, छन्नूराम, आयुष राज, नितिन सेन, हीरासिंग, कुणाल, साहिल अंसारी, आयुष मारकंडे, राहुल दास, हिमांश साहू आदि शामिल हैं। खो-खो बालक, बालिका में धनेंद्र साहू, रूपेश साहू, वोमेश, डिकेश, लुमेश्वर साहू, हुमन यादव, तेजेश्वर साहू, ओमप्रकाश ध्रुव, हितेंद्र, दीपक, धनेंद्र साहू, नितेश साहू, मुकुंद यादव, कमल नारायण, राजेश्वरी, कल्याणी, लीना साहू, केशरी नंदनी, ललीता मरकाम, उर्वशी, गणिता यादव, भूमिका साहू, ज्योति नागवंशी आदि शामिल हैं। 

 


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