खेल

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Date : 02-Apr-2020

लंदन, 2 अप्रैल। इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान इयोन मोर्गन का मानना है कि खेल विश्व को कोविड-19 के प्रभाव से उबारने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस महामारी के कारण विश्व भर की खेल गतिविधियां ठप्प पड़ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अनुसार मोर्गन ने कहा, खेल दुनिया को आगे बढ़ाने और लोगों का चीजों के प्रति नजरिया बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा, अलग-थलग रहने से दिमाग निष्क्रिय हो जाता है। खेलों से दिमाग को सक्रिय बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो मुझे लगता है यह महत्वपूर्ण कदम होगा। जब तक स्थिति नियंत्रण में नहीं आती इंग्लैंड के शीर्ष क्रिकेटर इंतजार करने के लिये तैयार हैं और इस संकट से पार पाने के लिये जो भी संभव हो वह कर रहे हैं।

इयोन मोर्गन ने कहा,निश्चित तौर पर अभी अनिश्चितता बनी हुई है। वास्तविकता यह है कि जब तक इस महामारी पर नियंत्रण नहीं हो जाता है हम खेलने के बारे में नहीं सोच सकते हैं। क्रिकेटर और अन्य खिलाड़ी इस घातक वायरस से लड़ाई में अपना योगदान दे रहे हैं। मोर्गन की टीम के साथी जोस बटलर पैसा जुटाने के लिए विश्व कप की अपनी शर्ट नीलाम कर रहे हैं। अभी तक इसके लिए 65,000 पाउंड की बोली लगाई जा चुकी है। जोस बटलर ने कहा कि यह धनराशि रॉयल ब्रॉम्पटन एंड हेयरफील्ड हास्पिटल चैरिटी में जाएगी। (लाइव हिन्दुस्तान)

 


Date : 02-Apr-2020

नई दिल्ली, 2 अप्रैल। चीन के वुहान से शुरू हुई वैश्विक महामारी कोरोना वायरस विकराल रूप लेती जा रही है। कोविड-19 ने पूरी दुनिया में हडक़ंप मचा रखा है। इस खतरनाक महामारी की वजह से सभी क्रिकेट टूर्नामेंट्स पर भी ब्रेक लगा हुआ है। ऐसे में सभी क्रिकेटर, कमेंटेटर, कोच और एक्सपर्ट्स अपने घर में परिवार के साथ वक्त बिता रहे हैं।  इस दौरान क्रिकेटर्स अपने फैन्स के साथ भी सोशल मीडिया के जरिये जुड़ रहे हैं तो वहीं अपनी एक्टिविटीज के वीडियो और तस्वीरें भी शेयर कर रहे हैं। टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर आशीष नेहरा भी इन दिनों अपने घर में हैं और परिवार के साथ वक्त बिता रहे हैं।

हाल ही में आशीष नेहरा की पत्नी रुश्मा नेहरा ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में नेहरा अपनी पत्नी और बेटा-बेटी के साथ घर के गार्डन में फुटबॉल खेलते हुए नजर आ रहे हैं। इस फैमिली फुटबॉल मैच में हालांकि आशीष नेहरा स्कोर करते हुए नजर आ रहे हैं। (लाइव हिन्दुस्तान)


Date : 02-Apr-2020

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने कर्मचारियों के वेतन में कटौती का किया ऐलान

लंदन, 2 अप्रैल (लाइव हिन्दुस्तान)। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कोरोनावायरस के कारण अपने कर्मचारियों के वेतन में कटौती करने की घोषणा की है। बोर्ड का मानना है कि इससे निचले तबके के कर्मचारियों को मदद मिलेगी और लंबे समय तक उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी। यह घोषणा स्टाफ की सहमति से की गई है और अब आने वाले दो महीनों में उनके वेतन में कटौती की जाएगी, जोकि एक अप्रैल से लागू होगी। ईसीबी ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन में कटौती उनके ग्रेड के अनुसार की जाएगी। इसमें 10 से लेकर 25 प्रतिशत तक की कटौती हो सकती है।

 कार्यकारी प्रबंध टीम और बोर्ड के कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत जबकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम हैरीसन के वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। ईसीबी ने सोमवार को ही 6.1 करोड़ पौंड की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

 

 


Date : 01-Apr-2020

नई दिल्ली, 1 अप्रैल। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा इस लॉकडाउन को जमकर एन्जॉय कर रहे हैं. काफी बिजी लाइफ बिताने वाले ये दोनों सेलेब्रिटी पति-पत्नी काम के चलते आमतौर पर एक दूसरे के साथ वक्त नहीं बिता पाते. हालांकि 21 दिन के इस लॉकडाउन में दोनों एक दूसरे के साथ खूब वक्त बिता रहे हैं. अनुष्का शर्मा ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर की है जिसमें दोनों साथ में मस्ती करते नजर आ रहे हैं. साथ में उनका डॉगी भी खेल रहा है। 
तस्वीर के कैप्शन में अनुष्का ने लिखा, हर काले बादल पर एक सुनहरी लकीर भी होती है। अभी ऐसा लगता है कि ये सबसे बुरा वक्त है, कई तरह से देखा जाए तो वाकई है, जबरदस्ती हमें रोक रखा है और हमें उन चीजों का सामना करना पड़ रहा है जिनसे हम भागते रहे हैं. शायद इसलिए कि हम बिजी थे, या हमें ऐसा कहना सहूलियत भरा लगता है कि हम बिजी थे. यदि इस वक्त की इज्जत की जाए तो ये हमें और ज्यादा रोशनी से गुजरने में हमारी मदद करेगा। 
अनुष्का ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, इस वक्त ने हमें ये अहसास कराने में भी मदद की है कि असल में क्या महत्वपूर्ण है. मेरे लिए खाना, पानी, सिर के ऊपर छत और परिवार की सेहत सबसे जरूरी है. बाकी जो कुछ है वो सिर्फ बोनस है जिसके लिए मेरा सिर सम्मान से झुक जाता है. लोगों को देखकर ये अहसास भी हो रहा है कि हमें जो चीजें सिर्फ बुनियादी लगती हैं वो वाकई में कई लोगों के लिए बुनियादी नहीं होती हैं. उन लोगों के लिए और उनके परिवारों के लिए मेरी दुआएं. सभी सुरक्षित रहें। इस वक्त ने जाहिर तौर पर मुझे ज्यादा जाहिर करने वाला बना दिया है. घर पर अपनों के साथ रहने की इस जरूरत को भले ही सारी दुनिया पर थोपा गया है लेकिन इसमें हम सभी के लिए एक खास मैसेज है. मैसेज है कि हमें काम के लिए मेहनत करनी होती है और जिंदगी का संतुलन बनाए रखना पड़ता है. मैसेज है कि हमें उन चीजों को वक्त देते रहना चाहिए जो वाकई हमारे लिए मायने रखती हैं. मैं बता नहीं सकती कि मैं उनके लिए कितना भावुक महसूस करती हूं जो इससे प्रभावित हुए हैं। (आजतक)

 

 


Date : 01-Apr-2020

नई दिल्ली, 1 अप्रैल। आईपीएल 2020 के रद्द होने के आसार दिखने लगे हैं। कोरोना वायरस के फैलाव को देखते हुए इसको 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने जब इसे स्थगित करने का ऐलान किया था तब तक देश में लॉकडाउन नहीं हुआ था। हालात को देखते हुए 14 अप्रैल तक पूरा भारत लॉकडाउन में हैं।
ऐसे में आईपीएल को इस महीने के दूसरे हाफ से कराने की उम्मीदें धूमिल होने लगी हैं। केंद्र सरकार ने पहले ही 15 अप्रैल तक वीजा संबंधित रोक लगाया हुआ है। इसके बाद स्थिति को देखते हुए समीक्षा की जाएगी कि विदेशियों को भारत आने की अनुमति दी जाए या नहीं। मगर बात इतनी भर नहीं है।
जिन देशों से आईपीएल खेलने के लिए काफी तादाद में खिलाड़ी भारत आते हैं उनमें ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड शामिल हैं। इन दोनों देशों में भी कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और इनके यहां भी खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप है। ऑस्ट्रेलिया ने भी अपनी सीमाएं सील कर रखी हैं। बीसीसीआई के सामने चुनौतियां सिर्फ विदेशी खिलाडिय़ों को लेकर नहीं हैं।
मौजूदा हालात कितने दिनों तक रहेंगे और कब तक सब कुछ सामान्य होगा इसका अनुमान किसी को नहीं है। ऐसे में सूत्रों की मानें तो बोर्ड के शीर्ष अधिकारी इस बात को लेकर चर्चा करने लगे हैं कि क्या आईपीएल-13 को रद्द कर दिया जाए।
चुनौतियां बड़ी अलग होंगी
दुनिया के सबसे धनी क्रिकेट बोर्ड के सामने बड़ी से बड़ी चुनौतियां और संकट आए हैं। वह अपने धन बल के चलते तमाम बाधाएं पार करता रहा है। यहां तक कि देश में आईपीएल नहीं कराने की स्थितियां बनीं तो विदेश तक में उसे सफलतापूर्वक करा दिया। मगर मौजूदा हालात बिल्कुल अलग हैं। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि इस बार की चुनौतियां बहुत बड़ी और बिल्कुल जुदा हैं। चीजें हमारे कंट्रोल में बिल्कुल नहीं हैं।
फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि देश और दुनिया में हालात 15 अप्रैल के बाद नॉर्मल हो जाएंगे। कल्पना करें कि अगले 15-20 दिन में स्थितियां अनुकूल भी होती हैं तो ट्रेवल, होटेल, मैदान, स्टाफ सबकी समस्या होने वाली है। फिर खिलाडिय़ों की अपनी भी चिंता होगी। दर्शक मैदान पर पहुंचेंगे या नहीं यह कहना मुश्किल है। और अगर इस बार अगर मिनी आईपीएल हो भी जाए तो इस पर आने वाले खर्चों को वहन करने के लिए फ्रेंचाइजियां राजी होंगी या नहीं यह भी नहीं कहा जा सकता। यह भी बड़ा सवाल है कि क्या अलग-अलग राज्य सरकारें इस टूर्नामेंट को अपने यहां कराने की अनुमति देंगी या नहीं।
...तब वेतन नहीं मिलेगा
कोई खेल नहीं तो कोई वेतन नहीं। इस साल आईपीएल में करार करने वाले खिलाडिय़ों के साथ भी ऐसा हो सकता है। आईपीलए फ्रेंचाइजी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई से कहा,‘आईपीएल भुगतान का तरीका ऐसा है कि टूर्नामेंट शुरू होने से एक हफ्ते पहले 15 प्रतिशत राशि दे दी जाती है। टूर्नामेंट के दौरान 65 प्रतिशत दी जाती है। बची हुई 20 प्रतिशित टूर्नामेंट खत्म होने के बाद निर्धारित समय के अंदर दी जाती है। बीसीसीआई के विशेष दिशानिर्देश हैं। निश्चित रूप से किसी भी खिलाड़ी को अभी कुछ नहीं दिया गया है।’
भारतीय क्रिकेटर्स संघ के अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा ने स्वीकार किया कि आईपीएल के एक सीजन के नहीं होने का आर्थिक प्रभाव काफी बड़ा होगा। उन्हें लगता है कि कोविड-2019 महामारी से निपटने के लिए चल रहे लॉकडाउन के चलते अगर नुकसान हजारों करोड़ों में होता है तो घरेलू खिलाडिय़ों तक को भी कटौती सहनी पड़ेगी।
एक अन्य फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि महामारी के लिए खिलाडिय़ों के वेतन का बीमा नहीं किया जाता। उन्होंने पूछा,‘हमें बीमा कंपनी से कोई राशि नहीं मिलेगी क्योंकि महामारी बीमा की शर्तों में शामिल नहीं है। प्रत्येक फ्रेंचाइजी की वेतन देने की राशि 75 से 85 करोड़ रुपये है। अगर खेल ही नहीं होता तो हम भुगतान कैसे कर सकते हैं।’
कटौती पर अभी चर्चा नहीं
बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष अरूण धूमल ने हालांकि कहा कि इस समय अभी तक कटौती के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने पीटीआई से कहा,‘कटौती को लेकर कोई भी चर्चा नहीं हुई है। आईपीएल निश्चित रूप से बीसीसीआई का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। लेकिन इस समय गणना करना और नुकसान का अंदाजा लगाना काफी मुश्किल है। हम कुछ नहीं कह सकते, जब तक अधिकारी एक साथ नहीं बैठते क्योंकि गणना काफी पेचीदा है।’
हालांकि पूर्व भारतीय टेस्ट खिलाड़ी मल्होत्रा को लगता है कि परिस्थितियों को देखकर व्यावहारिक होना चाहिए। घरेलू खिलाड़ी के लिए यह कटौती नहीं होगी लेकिन हो सकता है कि उसकी बढ़ाई जाने वाली राशि को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।
नया विंडो भी मिलना मुश्किल
फिलहाल संकेत हैं कि बीसीसीआई इस साल में एक नया विंडो तलाश रहा है ताकि आईपीएल अप्रैल-मई में नहीं होने की स्थिति में कराया जा सके। हालांकि, यह भी मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। अगर मई के बाद दुनिया भर में हालात सामान्य की तरफ बढऩे लगे तो फिर क्रिकेट के कई द्विपक्षीय या सीरीज के कार्यक्रम तय हैं। इस साल एक ही सूरत में आईपीएल को नया विंडो मिल सकता है जबकि अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाला टी20 वर्ल्ड कप रद्द हो जाए। हालांकि, अगर दुनिया तब तक कोरोना के संकट से उबर जाती है तो फिर ऑस्ट्रेलिया एक बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी क्यों गंवाना चाहेगा। (नवभारत टाईम्स)

 


Date : 01-Apr-2020

नई दिल्ली, 1 अप्रैल । इंग्लैंड के जोस बटलर ने पिछले साल वर्ल्ड कप फाइनल में पहनी अपनी शर्ट को नीलाम करने जा रहे हैं। बटलर इससे मिली रकम को कोरोनावायरस का इलाज कर रहे अस्पताल में देंगे। 29 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज ने पिछले साल जुलाई में न्यूजीलैंड में मिली रोमांचक जीत मे अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने न सिर्फ हाफ सेंचुरी लगाई थी बल्कि सुपर ओवर की आखिरी गेंद पर मार्टिन गप्टिल को रन आउट भी किया था।
बटलर ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक विडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि वह अपनी जर्सी जिस पर इंग्लैंड की वर्ल्ड कप विजेता टीम के सभी सदस्यों के दस्तखत हैं को ई-बे पर नीलाम कर रहे हैं।
पिछले सप्ताह, रॉयल ब्रॉम्पटन और हेयरफील्ड हॉस्पिटल चैरिटी ने दो अस्पतालों के लिए जीवनरक्षक उपकरणों के लिए चैरिटी लॉन्च करने की अपील की थी। बटलर ने कहा, 'उनके इन प्रयासों में मदद करने के लिए मैं अपनी शर्ट डोनेट कर रहा हूं। यह वही शर्टी है जो मैंने पिछले साल वर्ल्ड कप फाइनल में पहनी थी। इस पर इंग्लैंड की उस टीम के सभी खिलाडिय़ों के साइन हैं। ब्रिटिश टीवी प्रस्तोता पीयर्स मोर्गन ने 10 हजार पाउंड की शुरुआती बोली लगाई लेकिन जल्द ही यह 12 हजार पाउंड तक पहुंच गई।
सभी खेलों की तरह क्रिकेट पर भी कोविड-19 महामारी का असर पड़ा है। दुनियाभर में सभी क्रिकेट प्रतियोगिताएं या तो टाल दी गई हैं या उन्हें रद्द कर दिया गया है। इंग्लैंड में भी सभी क्रिकेट प्रतियोगिताओं को कम से कम 28 मई तक टाल दिया गया है।
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच मैच टाई रहा था और संयोग की बात यह रही कि सुपर ओवर में भी दोनों टीमों ने 15 रन बनाए। इसके बाद इंग्लैंड को मैच में अधिक बाउंड्री लगाने के आधार पर विजेता घोषित कर दिया गया।(नवभारत टाईम्स)

 

 

 


Date : 01-Apr-2020

नई दिल्ली, 1 अप्रैल । कोविड-19 महामारी (कोरोनावायरस संक्रमण) का असर आने वाले समय में भारतीय क्रिकेटरों की सैलरी पर भी पड़ सकता है। भारतीय क्रिकेटर्स असोसिएशन के अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा का मानना है कि कोविड-19 महामारी के चलते क्रिकेटरों की सैलरी में कटौती हो सकती है। कोविड-19 महामारी से दुनिया के ज्यादातर देश इन दिनों जूझ रहे हैं। इस महामारी के चलते दुनिया के तमाम स्पोर्ट्स इवेंट्स या तो रद्द हुए हैं या फिर स्थगित हुए हैं।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को भी कोविड-19 महामारी के चलते काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे इंटरेशनल सीरीज को बीच में ही स्थगित करना पड़ा था, जबकि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) भी तय समय से शुरू नहीं हो सका। आईपीएल को 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित किया गया है, हालांकि मौजूदा हालात देखकर ऐसा लग रहा है कि इस साल आईपीएल को रद्द ही करना पड़ेगा।
मल्होत्रा ने कहा कि खिलाडिय़ों को सैलरी में कटौती के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि बीसीसीआई अभी कहीं से कुछ कमाई नहीं कर पा रहा है। इस तरह से क्रिकेटरों को सैलरी में कटौती के जरिए बीसीसीआई की मदद करनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा, 'बीसीसीआई क्रिकेटरों की पैरेंट बॉडी है। यह एक कंपनी है, अगर एक कंपनी नुकसान में होती है तो यह नीचे तक नजर आता है।' मल्होत्रा ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही।
उन्होंने आगे कहा, यूरोप की बात करें, तो लगभग सभी फुटबॉलरों को सैलरी में बड़ी कटौती झेलनी पड़ रही है, इस कटौती की घोषणा उनके असोसिएशन ने ही। यह ऐसी परिस्थिति है, जिसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था, यह काफी मुश्किल समय है, तो हर किसी को अपनी जेब से मदद देनी होगी। उन्होंने आगे कहा, मुझे पता है कि क्रिकेटरों की सैलरी में कटौती सही नहीं है, लेकिन अगर पैरेंट बॉडी कमाई वैसे नहीं कर रही है, जैसे वो पहले कर रही थी, तो क्रिकेटरों की सैलरी में कटौती की जा सकती है।(लाइव हिन्दुस्तान)

 


Date : 01-Apr-2020

नई दिल्ली, 1 अप्रैल। पूर्व स्पिन गेंदबाज कुंबले ने कोरोना से लडऩे के लिए प्रधानमत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी ओर से आर्थिक मदद किया है. इसकी जानकारी कुंबले ने ट्वीट करके दी है. अपने ट्वीट में कुंबले ने लिखा है कि वो अपनी तरह से इस मुश्किल समय में योगदान दे रहे हैं, हमें इस लड़ाई में एक साथ आना होगा. इसके अलाना कुंबले ने सभी को घर में ही रहने की सलाह भी दी है. बता दें कि कुंबले ने कितनी राशि दान में दिया है इस बात का खुलासा उन्होंने ने नहीं किया है. गौरतलब है कि भारत के कप्तान विराट कोहली ने भी इस मुश्किल समय में गुप्त दान किया है।  कोहली ने भी इसकी जानकारी ट्वीट में दी थी. वैसे, खबरों की मानें तो कोहली ने 3 करोड़ रुपये दान में दिए हैं. इसके अलावा बीसीसीआई ने 51 करोड़ रुपये की मदद इस विपदा में की है। बता दें कि अनिल  कुंबले 2016 में भारतीय टीम के कोच बने थे। (एनडीटीवी)

 


Date : 01-Apr-2020

ढाका, 1 अप्रैल । कोरोनावायरस   ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है. बता दें कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कई क्रिकेटर गरीब लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं. इनमें से एक हैं बांग्लादेश के 24 साल के क्रिकेटर मोसद्देक हुसैन जो अपने होमटाउन में जरूरतमंदों को अपनी ओर से जितना बन पड़ रहा है राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं. हुसैन ने 200 गरीब परिवारों की जिम्मेदारी लेते हुए सभी को अपनी ओर से खाना खाने का समान और कपड़े बांट रहे हैं।  अपने ट्विटर पर हुसैन ने पोस्ट शेयर किया है जिसमें वो खुद सडक़ पर उतरकर गरीब लोगों की मदद कर रहे हैं. हुसैन  ने अपने पोस्ट में लिखा है कि, इस देश में लगभग 6 लाख लोग हैं जो बेबस, गरीब, गरीब हैं । जिन्हें दिन सुबह 1 बजे खाना खाने की जरूरत है, इस मुश्किल समय में उनके बगल में खड़े एक आदमी के रूप में यह हमारी जिम्मेदारी है. मैं खुद को असहाय गरीब लोगों की मदद करने पर बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं. गौरतलब है कि इससे पहले शाकिब अल हसन भी गरीबों की मदद के लिए आगे आए हैं। (एनडीटीवी)

 


Date : 01-Apr-2020

नई दिल्ली, 1 अप्रैल । कोविड-19 महामारी के कारण देश भर में लगे लॉकडाउन में पटियाला स्थित राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस) के शिविर में शामिल धाविका हिमा दास सहित दूसरे कई एथलीटों ने खेल मंत्री से मांग की है कि उन्हें परिसर के अंदर आउटडोर प्रशिक्षण की अनुमति दी है। एनआईएस पटियाला में बाहरी लोगों के आने की अनुमति नहीं है। 

इस कदम का समर्थन कर रहे सहायक राष्ट्रीय एथलेटिक्स कोच राधाकृष्णन नायर ने बताया कि एनआईएस में हिमा के नेतृत्व में शिविर में शामिल खिलाडिय़ों को एक-दो दिनों में मंत्रालय से जवाब मिलने की उम्मीद है। नायर ने कहा, हिमा और कुछ अन्य एथलीटों ने खेल मंत्री को लिखा है कि उन्हें दिन में एक या दो घंटे अलग-अलग समय में छोटे समूहों में अभ्यास करने की अनुमति दी जाए ताकि वे सामाजिक दूरी का पालन करते हुए अभ्यास कर सकें।
उन्होंने कहा, उन्होंने खेलमंत्री किरेन रिजिजू को लिखा है कि अगर प्रशिक्षण की अनुमति नहीं है तो उन्हें घर भेज दिया जाएगा। (लेकिन) घर जाना संभव नहीं है क्योंकि देश में लॉकडाउन है और प्रधानमंत्री ने कहा है कि हर किसी को वहीं रहना चाहिए जहां वे है।
उन्होंने कहा, इसलिए, मंत्रालय उन्हें घर वापस जाने की अनुमति नहीं देगा, लेकिन आउटडोर प्रशिक्षण के विकल्प पर विचार संभव है। हमें एक-दो दिन में इसके बारे में पता चल जाएगा।'' नायर ने कहा कि उन्होंने और दूसरे कोचों ने इस विचार का समर्थन किया है, क्योंकि इससे शिविर में शामिल किसी भी खिलाड़ी के कोरोना वायरस की चपेट में आने का खतरा नहीं है। 
एक शीर्ष कोच ने कहा, एनआईएस में हमारे साथ 41 एथलीट हैं और खिलाडिय़ों का हॉस्टल से ट्रैक एवं फील्ड क्षेत्र से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर है। हम छोटे समूहों (आठ एथलीट) में एक या दो घंटे का अभ्यास कर सकते है।(लाइव हिन्दुस्तान)


Date : 31-Mar-2020

नई दिल्ली, 30 मार्च। क्रिकेट फैंस के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस साल आईपीएल रद्द होगा। कोरोनावायरस की महामारी के कारण आईपीएल को रद्द करने का फैसला लिया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन यह तय है कि कोरोनावायरस के कारण इस साल आईपीएल नहीं होगा। दरअसल, बोर्ड को इस खबर पर मुहर लगाने के लिए भारतीय सरकार की घोषणा और खेल मंत्रालय के वीजा मामलों का इंतजार है। 15 अप्रैल के बाद जब देशभर में लॉकडाउन खत्म होगा, तब बीसीसीआई आधिकारिक रूप से सभी आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ इस मामले पर विचार करके घोषणा करेगा।
भारतीय सरकार ने 15 अप्रैल तक के लिए सभी विदेशी वीजा निलंबित किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगर इस साल आईपीएल रद्द होता है तो फिर अगले साल विशाल स्तर पर नीलामी आयोजित नहीं होगी। इसकी बजाय इस साल की टीमें अगले साल जारी रहेंगी और आईपीएल फ्रेंचाइजी के पास खिलाडिय़ों को खरीदने की अनुमति होगी। कार्यक्रम के मुताबिक 2021 में बड़े स्तर पर नीलामी होना थी, जिसमें फ्रेंचाइजी को कुछ खिलाडिय़ों को रिटेन करने की अनुमति मिलती जबकि अन्य खिलाडिय़ों को नीलामी में शामिल होना पड़ता।
आईपीएल प्रशासन में शामिल एक सूत्र ने बताया, इस साल आईपीएल नहीं होगा। यह अगले साल आयोजित होगा। हम सभी जानते हैं कि देश में क्या स्थिति है और कोई ऐसे में जोखिम उठाना पसंद नहीं करेगा। स्टेडियम में सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार नहीं रखी जा सकती। इससे बेहतर है कि अगले साल आईपीएल आयोजित हो। साथ ही विशाल स्तर पर नीलामी अगले साल नहीं होगी। भारतीय सरकार से आदेश मिलने के बाद हम फ्रेंचाइजी को सूचित करेंगे। यह सीजन अगले साल जारी रखा जा सकता है।
सुरक्षा प्राथमिकता है
14 मार्च को बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजी मालिकों के साथ बैठक होना थी, जिसमें कोरोनावायरस और आगामी सीजन पर उसके प्रभाव के बारे में बात होना थी। बोर्ड अध्?यक्ष सौरव गांगुली को उम्मीद थी कि छोटा आईपीएल हो सकता है जबकि फ्रेंचाइजी का मानना था कि 2009 के जैसे कम समय में आईपीएल 2020 पूरा किया जाए। गांगुली ने तब कहा था, हम आगे के समय पर ध्यान दे रहे हैं। सुरक्षा प्राथमिकता है। हम आईपीएल आयोजित कराना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर भी हमें सतर्क रहने की जरुरत है।
हालांकि, अब स्थिति बदली हुई नजर आ रही है। भारत में 1000 से ज्यादा कोरोनावायरस के मामले सामने आए हैं। टोक्?यो ओलंपिक्स भी अपने तय समय से आगे बढ़ गया है। इस साल दुनिया के बड़े खेल इवेंट्स रद्द हो चुके हैं या स्थगित कर दिए गए हैं। भारतीय बोर्ड क्रिकेट खेलकर जोखिम नहीं उठाना चाहता। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा, बीसीसीआई सभी आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सुरक्षा प्राथमिकता है। बोर्ड लगातार निगरानी रखे हुए है और भारतीय सरकार के साथ करीबी रूप से काम कर रहा है। सबसे पहले इंसानियत है। इसके बाद बाकी सब आता है। स्थिति अब तक नहीं सुधरी है, ऐसे में आईपीएल की बात करने का कोई तुक नहीं है। (टाईम्स नाउ)

 


Date : 31-Mar-2020

नई दिल्ली, 30 मार्च। साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता के इडेन गार्डन्स में वीवीएस लक्ष्मण के बल्ले से निकली 281 रन की ऐतिहासिक पारी के बारे में बहुत तारीफ हो चुकी है। उस पारी को किसी भारतीय खिलाड़ी द्वारा खेली गई सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पारी भी करार दिया गया है। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज और कप्तान रहे इयान चैपल ने लक्ष्मण के उस वेरी वेरी स्पेशल पारी की तारीफ को एक नया आयाम दे दिया है। 
चैपल ने हाल ही में लेग स्पिन के खिलाफ खेली गई अपनी दो सबसे पसंदीदा पारियों के बारे में खुलासा किया है। जिसमें उन्होंने वीवीएस लक्ष्मण की 281 रन की पारी को शामिल किया। इसके अलावा दूसरी पारी साल 1969 में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डॉउ वॉल्टर्स ने चेन्नई में भारत के खिलाफ खेली थी। लक्ष्मण की 281 और द्रविड़ की 180 रन की पारियों की बदौलत भारत ने फॉलोऑन खेलने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 171 रन की यादगार जीत हासिल की थी। 
भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी में बनाए 445 रन के जवाब में महज 171 रन बनाकर ढेर हो गई थी और उसे फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा था। ऐसे में लक्ष्मण और द्रविड़ के बीच पांचवें विकेट लिए हुई मैराथन साझेदारी ने मैच का रूख पूरी तरह पलटकर रख दिया। इसके बाद बचा हुआ काम हरभजन सिंह ने अपनी फिरकी के बल पर कर दिखाया था। 
भारतीय बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिनर शेनवॉर्न की उस मैच में जमकर धुनाई की थी। लक्ष्मण की स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ शानदार तकनीक के आगे वॉर्न बेबस नजर आए थे। इस पारी को याद करते हुए चैपल ने बताया कि ये पारी को स्पेशल थी। उन्होंने कहा, कोरोना की वजह से दुनियाभर में कोई क्रिकेट नहीं खेली जा रही है ऐसे में मुझे स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ शानदार फुटवर्क के परिपेक्ष्य में दो शानदार पारियां देखने का मौका मिला। एक पारी वीवीएस लक्ष्मण की और दूसरी डाउ वाल्टर्स की थी।'
उन्होंने आगे कहा, लक्ष्मण की कोलकाता में खेली 281 रन की पारी बेहतरीन लेग स्पिन के खिलाफ खेली सबसे शानदार टेस्ट पारी है। इसके बाद चैपल ने बताया कि उन्होंने शेन वार्न से इस पारी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि मुझे नहीं लगता कि मैंने खराब गेंदबाजी की थी। 
वाल्टर्स ने 1969 में इरापल्ली प्रसन्ना के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक जड़ा था। उन्होंने अपनी इस पारी में 14 चौके और 2 छक्के लगाए थे। जबकि शेन वॉर्न ने 2001 के कोलकाता टेस्ट में कुल 54.1 ओवर गेंदबाजी की थी और 217 रन देकर 3 विकेट हासिल कर सके थे। पहली पारी में उन्होंने 65 रन देकर 2 और दूसरी पारी में 152 रन देकर 1 विकेट लिया था। (टाईम्स नाउ)

 


Date : 31-Mar-2020

नई दिल्ली, 30 मार्च। कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में कई भारतीय क्रिकेटर उतर आए हैं। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने भी इस जानलेवा वायरस से लडऩे के लिए अपना योगदान देने का ऐलान किया है।

इस जानलेवा बीमारी का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि दुनिया भर में 34,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में 30 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
सोमवार को भारतीय कप्तान विराट कोहली ने सोशल मीडिया पर मदद का ऐलान करते हुए ट्वीट किया, अनुष्का और मैं पीएम-केयर्स फंड और मुख्यमंत्री राहत कोष (महाराष्ट्र) में मदद करने की शपथ लेते हैं। कोहली ने कहा, इतने सारे लोगों को संघर्ष करता देख हमारा दिल टूट रहा है और हम उम्मीद करते हैं कि हमारा योगदान हमारे साथी नागरिकों का दर्द कम करने में मदद कर सके।
हालांकि विराट कोहली ने इस बात की जानकारी नहीं दी कि उन्होंने कितने रुपये दान में दिए। बता दें कि विराट कोहली से पहले भारतीय बल्लेबाज सुरेश रैना ने 52 लाख रुपये डोनेट किये थे। सचिन तेंदुलकर ने 50 लाख, पीवी सिंधु ने 10 लाख रुपये दिए थे। अजिंक्य रहाणे ने महाराष्ट्र मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपये, सौरव गांगुली ने 50 लाख रुपये का चावल जरूरतमंदों के लिए, ईशान किशन ने 20 लाख, पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन ने 5 लाख रुपये और सौरभ तिवारी ने डेढ़ लाख रुपये का दान दिया है। (आजतक)

 


Date : 31-Mar-2020

बीजिंग, 30 मार्च । अमेरिका से लौटी चीन की आईस हॉकी टीम की दो महिला खिलाड़ी कोरोना से पॉजिटिव पाई गई हैं। चीन आईस हॉकी संघ ने रविवार को इसकी जानकारी दी। बयान के अनुसार टीम मार्च में पोलैंड में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए अमेरिका में ट्रेनिंग कर रही थी, लेकिन इस चैंपियनशिप को कोरोना वायरस के कारण रद्द कर दिया गया था। 

बयान में कहा गया है कि अमेरिका से जब टीम 13 मार्च को वापस लौटी तो उनका तापमान मापा गया था लेकिन उस समय किसी को भी बुखार नहीं था। इसके बाद इन्हें 14 दिनों के लिए क्वॉरन्टाइन में रखा गया, जहां दो खिलाडिय़ों में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। दो खिलाड़यिों का इलाज जारी है जबकि टीम की अन्य खिलाड़ी क्वॉरन्टाइन में हैं। 
 विश्व के अधिकांश (अब तक 185) देशों में फैल चुके कोरोना वायरस (कोविड 19) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है और इस खतरनाक वायरस से दुनिया भर में अब तक 33509 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 704000 लोग इससे संक्रमित हैं। 
भारत में भी कोरोना वायरस का संक्रमण फैलता जा रहा है और देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 107 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढक़र 1000 पार हो गई है। वहीं, मृतकों का आंकड़ा 28 हो गया है। इस वैश्विक महामारी के केंद्र चीन में अब तक 81,439 लोगों की कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है और 3300 लोगों की इस वायरस के चपेट में आने के बाद मौत हो चुकी है।(लाइव हिन्दुस्तान)

 

 


Date : 31-Mar-2020

नई दिल्ली, 30 मार्च । देश मुश्किल घड़ी में है और ऐसे में अगर आप कुछ करना चाहते हैं तो उम्र मायने नहीं रखती। ऐसा ही कुछ 15 साल की निशानेबाज इशा सिंह ने किया है। इशा ने कोविड-19 से लडऩे के लिए पीए-केयर्स फंड में दान किया है। केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री किरन रिजीजू ने रविवार को इस किशोर निशानेबाज की खूब तारीफ की। इशा ने फंड मे 30 हजार रुपये दिए।
रिजीजू ने ट्वीट किया, प्यारी ञ्चह्यद्बठ्ठद्दद्धद्गह्यद्धड्ड10, आप सिर्फ 15 साल की हैं लेकिन आपने दिखा दिया कि आप असली चैंपियन हैं! आपने प्तक्करूष्ट्रक्रश्वस् फंड में मदद करने का खूबसूरत काम किया है। इससे पहले क्रिकेटर सुरेश रैना ने पीएम केयर्स फंड में 31 लाख और उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री फंड में 21 लाख रुपये कोविड-21 वायरस से लडऩे के लिए दिए थे। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आपात स्थिति से उबरने के लिए पीएम-केयर्स फंड बनाने की घोषणा की थी और लोगों से इसमें मदद करने की अपील की थी। शुक्रवार को क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर ने 25-25 लाख रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष और महाराष्ट्र मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया था। शटलर पीवी सिंधु, पहलवान बजरंग पूनिया, धावक हीमा दास जैसे कई खिलाडिय़ों ने इस मुश्किल की घड़ी में हाथ आगे बढ़ाया है।(नवभारत टाईम्स)

 


Date : 31-Mar-2020

नई दिल्ली, 30 मार्च । क्रिकेट में आमतौर पर बल्लेबाजों का ही दबदबा रहता है। गेंदबाजों को अक्सर उतना श्रेय नहीं मिलता जबकि बल्लेबाजों को हर तरफ से तारीफ मिलती है, लेकिन इसके बावजूद गेंदबाजों की उपेक्षा नहीं की जा सकती। पिछले कुछ वक्त में क्रिकेट की दुनिया में गेंदबाजों ने अपना अलग दबदबा भी बना लिया है। अब तेज गेंदबाज और स्पिनर किसी भी टीम की जान होते हैं। ऐसे में ब्रैड हॉग में वर्तमान में दुनियान के चार बेस्ट गेंदबाज चुने हैं।
पूर्व ऑस्ट्रेलियन स्पिनर ब्रैड हॉग इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। वह लगातार ट्विटर के जरिये फैन्स के सवालों का जवाब दे रहे हैं और साथ ही खिलाडिय़ों को लेकर अपनी राय भी रख रहे हैं। जब उनसे एक फैन ने वर्तमान में चार बेस्ट गेंदबाजों के बारे में पूछा तो हॉग ने इन खिलाडिय़ों का नाम लिया। 
ब्रैड हॉग ने वर्तमान के चार बेस्ट गेंदबाजों के तौर पर  पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क, भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह और न्यूजीलैंड के पेसर ट्रेंट बोल्ट का नाम लिया।
इससे पहले ब्रैड हॉग से आईपीएल में पावरप्ले के तीन बेहतरीन बल्लेबाजों के नाम पूछे गये थे। उन्होंने डेविड वॉर्नर, सुरेश रैना और जोस बटलर को पावरप्ले के सबसे मजबूत बल्लेबाज बताया था। उन्होंने कहा था वॉर्नर दोनों तरफ(ऑन और ऑफ) पर मजबूत हैं। वह विकेटों के बीच तेजी से दौड़ते हैं। दूसरे नंबर पर उन्होंने सुरेश रैना का नाम लिया और कहा वह कुछ विशेष गेंदबाजों को अपना टारगेट बनाते हैं। तीसरे बल्लेबाज के रूप में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के जोस बटलर का नाम लिया और कहा कि वह इनोवेटिव शॉट्स खेलते हैं। 
जब एक फैन ने उनसे महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि धोनी अब भी भारत के लिए बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि वह संन्यास लेंगे, वह शांत रहते हैं और अपनी अगली रणनीति पर विचार करते हैं। उनका करियर बहुत एन्टरटेनिंग रहा है। मुझे लगता है कि वह भारत के लिए अभी दो साल और खेल सकते हैं।(लाइव हिन्दुस्तान)

 

 


Date : 31-Mar-2020

नई दिल्ली, 30 मार्च । भारतीय क्रिकेट टीम के वर्ल्ड कप विजेता कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शुरुआती दिनों में सिर्फ 30 लाख रुपये कमाकर अपने गृहनगर रांची में शांति से रहना चाहते थे। यह खुलासा भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और धोनी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने वाले वसीम जाफर ने किया।

धोनी की अगुवाई में भारत ने 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 में वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। वह भारत के सबसे सफल कप्तान और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपरों में से एक माने जाते है। जाफर ने कहा कि धोनी से एक बार उन से कहा था कि वह ‘क्रिकेट खेल कर 30 लाख रुपये कमाना चाहते है।
जाफर ने ट्विटर लिखा, ‘मुझे याद है जब वह भारतीय टीम में अपने पहले या दूसरे साल में थे तब उन्होंने कहा था, वह क्रिकेट खेल कर 30 लाख रुपये कमाना चाहते थे ताकि वे रांची में शांति से जीवन व्यतीत कर सकें।’ मुंबई के इस बल्लेबाज ने पिछले महीने क्रिकेट के सभी प्रारुप से संन्यास की घोषणा की।
उन्होंने यह बात ट्विटर पर एक प्रशंसक के सवाल यह प्रतिक्रिया देते हुए कही। प्रशंसक ने उनसे धोनी से जुड़ी याद साझा करने को कहा था। पिछले साल इंग्लैंड में हुए वनडे वर्ल्ड कप के बाद धोनी ने प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है। वह इंडियन प्रीमियर लीग (ढ्ढक्करु) से वापसी करने वाले थे लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इस साल टूर्नामेंट के आयोजन की संभावना बहुत कम है।
वैश्विक महामारी कोरोना के कारण अब तक 30,000 से अधिक मौतें हुई हैं। भारत में अब तक 25 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। जानलेवा कोरोना वायरस लडऩे के लिए खेल जगत के कई दिग्गज उतर आए हैं। धोनी ने पुणे स्थित एक एनजीओ के माध्यम से 1 लाख रुपये का योगदान दिया। धोनी की इस आर्थिक मदद को लेकर उनके फैंस ने सोशल मीडिया पर जमकर नाराजगी जताई। एक फैन ने लिखा- 800 करोड़ रुपये कमाने वाले धोनी ने सिर्फ एक लाख रुपये की मदद की।।।यह दुखद है।
हालांकि ऐसी रिपोर्ट है कि पुणे स्थित एनजीओ ने लोगों को मदद पहुंचाने के लिए 12।5 लाख रुपये जमा करने का लक्ष्य रखा था। जिसमें एक लाख रुपये कम पड़ रहे थे। ऐसे में धोनी ने इस रकम को पूरा किया। उन्होंने क्राउडफंडिंग वेबसाइट केटो के माध्यम से पुणे स्थित मुकुल माधव फाउंडेशन को सहयोग के तौर पर एक लाख रुपये दिए।
यह फाउंडेशन लॉकडाउन के दौरान 14 दिनों तक करीब 100 परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था करेगा। इससे संदेश यह गया कि धोनी ने महज एक लाख रुपये का दान किया है और वह ट्रोल किए जाने लगे। अभी धोनी की ओर से दान की घोषणा नहीं हुई है।(आजतक)


Date : 29-Mar-2020

नई दिल्ली, 29 मार्च। टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग चाहे पहली गेंद का सामना कर रहे हों या फिर किसी विकट परिस्थिति में हों। चाहे पारी का पहला छक्का जडऩा हो या फिर छक्के से तिहरा शतक पूरा कर रहे हों। वे हमेशा एक जैसे भाव में ही दिखते हैं।  किसी तमगे को हासिल करने पर न बहुत ज्यादा खुश और उसे हासिल न कर पाने की स्थिति में न ही उदास. यही बात तो उन्हें चैम्पियन बनाती हैं। 

29 मार्च का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार है। आज ही 16 साल पहले 2004 को विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने भारत की ओर से पहला तिहरा शतक जड़ा था. सहवाग ने यह धमाकेदार पारी पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में खेली थी. तभी से यह नजफगढ़ का नवाब फैंस के बीच मुल्तान का सुल्तान नाम से मशहूर हो गया। 
सहवाग ने 375 गेंदों पर 309 रन की पारी खेली. अपनी इस पारी में उन्होंने 39 चौके और 6 छक्के जड़े. उनका स्ट्राइक रेट वनडे क्रिकेट की तरह 82 से ऊपर का रहा. टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए इस टेस्ट मैच की पहली पारी में 5 विकेट गंवाकर 675 रनों पर पारी घोषित की। इसके जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी 407 और फॉलोऑन के बाद दूसरी पारी 216 रन पर ही सिमट गई।  इस मैच पर भारत ने एक पारी और 52 रनों से जीता था।
सहवाग ने अपनी पारी में पाकिस्तानी गेंदबाज सकलैन मुश्ताक की सबसे ज्यादा पिटाई की थी. भारतीय बल्लेबाजों ने मुश्ताक के 43 ओवरों में 204 रन बंटोरे थे, इसके अलावा शब्बीर अहमद के 31 ओवरों में 122 रन बने थे. मैच में तेज गेंदबाज मोहम्मद सामी को 2 विकेट, सकलैन और इमरान फरहत को 1-1 विकेट मिला था।
इस मैच में टीम की कप्तानी राहुल द्रविड़ कर रहे थे. सचिन तेंदुलकर ने यहां शानदार पारी खेलते हुए नाबाद 194 रन बनाए लेकिन द्रविड़ ने सचिन को 6 रन और बनाकर दोहरा शतक पूरा करने का मौका नहीं दिया. बोर्ड पर 675 रन लगते ही द्रविड़ ने पारी घोषित कर दी जबकि सचिन मैदान पर खेल रहे थे. इस फैसले की उन दिनों काफी आलोचना हुई थी और माना गया द्रविड़ नहीं चाहते थे कि सचिन दोहरा शतक पूरा करें.
वीरेंद्र सहवाग ने 104 टेस्ट में 49.34 के औसत से 8586 रन बनाए जिसमें 23 शतक और 32 अर्धशतक शामिल रहे।  उनका बेस्ट स्कोर 319 रहा है. वीरू ने 251 वनडे में 8273 रन बनाए जिसमें 15 शतक और 38 अर्धशतक शामिल है. इस फॉर्मेट में वीरू का बेस्ट स्कोर 219 है. इसके अलावा 19 टी-20 मैचों में वीरू ने 394 रन बनाए, जिसमें 68 रन उनका सर्वाधिक स्कोर रहा। सहवाग साल 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य रहे। (आजतक)


Date : 29-Mar-2020

नई दिल्ली, 29 मार्च। कोरोनावायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन के कारण लोगों को बाहर जाना मना है और ऐसी स्थिति में भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी लोकेश राहुल घर में रहकर ही अपने आप को फिट बनाए रखने में लगे हुए हैं।
राहुल ने हाल ही में सोशल मीडिया पर 41 सेकंड का विडियो शेयर किया है जिसका कैप्शन उन्होंने ‘एनजाइसिंग (इंडोर)’ दिया है। वीडियो में राहुल अपने घर की छत पर एक्सरसाइज करते हुए पसीना बहाते नजर आ रहे हैं। राहुल इस समय शानदार फॉर में हैं और उन्होंने न्यूजीलैंड दौरे वनडे और टी-20 सीरीज में शानदार बल्लेबाजी की थी। वह आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की कप्तानी करने वाले थे, लेकिन लीग के इस सीजन को 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है। भारतीय टीम के स्ट्रैंग्थ एंड कंडीशनिंग कोच निक वेब ने फिजियो नितिन पटेल ने टीम के लिए घर में रहकर ही फिट रहने के लिए कार्यक्रम बनाकर दिए हैं। 
उदाहरण के तौर पर गेंदबाज को वो एक्सरसाइज दी गई है, जिससे उनकी कोर और लोअर बॉडी मजबूत होगी। इसी तरह बल्लेबाज को वो एक्सरसाइज दी गई हैं, जिससे उसके कंधे और कलाई मजबूत होंगी। (नवभारत टाईम्स)

 


Date : 29-Mar-2020

मोंटेरियल, 29 मार्च। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के अध्यक्ष विटोल्ड बांका ने कहा है कि जो एथलीट अभी प्रतिबंध का सामना कर रहे हैं ,अगर उनका प्रतिबंध अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक-2021 से पहले समाप्त हो जाता है तो वे ओलंपिक में भाग ले सकते हैं। टोक्यो ओलंपिक का आयोजन इस साल जुलाई-अगस्त में होना था, लेकिन कोरोनावायरस के कारण ओलंपिक को एक साल तक के लिए टाल दिया गया है। 
वाडा के इस फैसले से भारतीय पहलवान नरसिंह यादव भी अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक में भाग ले सकते हैं। ओलंपिक का आयोजन अगर इस साल होता तो नरसिंह प्रतिबंध के कारण इसमें भाग नहीं ले सकते थे। 
बांका ने इनसाइथगेम्स से कहा, यह प्रतिबंध समय की अवधि के बारे में है। यह ठोस खेल आयोजनों के लिए समर्पित नहीं है। जब आप अपनी सजा पूरी कर लेते हैं तो आप प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। कानूनी दृष्टिकोण से हम सजा नहीं बढ़ा सकते। 
उन्होंने कहा,  मैं मानता हूं कि यह एथलीटों के लिए चिंता का विषय हो सकता है और इसे नियंत्रित करने के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, वह हम करेंगे। बांका ने साथ ही इस परिस्थिति का गलत इस्तेमाल करने वाले एथलीटों को भी चेताया। 
उन्होंने कहा, यह जगह बईमानी करने के लिए नहीं है और मैं एथलीटों से कहना चाहूंगा कि इस समय एथलीटों को क्लीन रखने के लिए हम हरसंभव कदम उठाएंगे। (लाइव हिन्दुस्तान)

 


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