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-इल्मा हसन
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के एसआईआर के तहत चुनाव आयोग ने सुनवाई के लिए बुलाया है.
इस मामले में उनके भाई मोहम्मद कैफ़ को भी नोटिस जारी किया गया है.
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने बीबीसी हिन्दी से कहा कि शमी और उनके भाई के नामांकन फ़ॉर्म में मामूली गलतियां हैं. इन्हें स्पष्ट करने के लिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति ज़रूरी बताई गई है.
सुनवाई मूल रूप से 5 जनवरी को निर्धारित थी, लेकिन शमी ने आयोग को पत्र लिखकर बताया कि वे उस दिन उपलब्ध नहीं होंगे, क्योंकि वे राजकोट में हैं.
इसके बाद आयोग ने सुनवाई की तारीख़ 9 से 11 जनवरी के बीच के लिए टाल दी है.
चुनाव आयोग का कहना है कि अपने काम की वजह से अगर शमी नहीं आ पाएँ तो वह सुनवाई की तारीख़ और आगे भी बढ़ा सकते हैं.
उनका कहना है कि अभी तक चुनाव आयोग ने ऐसे निर्देश नहीं निकाले हैं जिसके तहत शमी यह प्रक्रिया ऑनलाइन कर पाएँ. इसलिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति ज़रूरी है.
मोहम्मद शमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा ज़िले के रहने वाले हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शमी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अमरोहा में मतदान किया था. बाद में उन्होंने अपना मतदाता पंजीकरण कोलकाता में कराया, जहाँ वे काफ़ी समय से रह रहे हैं.
वे कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 93 में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, जो रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है.
लोगों को सुनवाई के लिए बुलाया जा रहा है ताकि उनके मतदाता रिकॉर्ड की जांच की जा सके. इसमें नाम, पता, पारिवारिक विवरण और दस्तावेज़ों से जुड़ी गलतियों को स्पष्ट किया जाता है. चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का हिस्सा है.
दिसंबर में प्रकाशित ड्राफ़्ट सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए थे. अंतिम मतदाता सूची 14 फ़रवरी को जारी की जानी है.
आयोग के अनुसार, यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसमें किसी बड़े उल्लंघन का मामला नहीं है. (bbc.com/hindi)


