राष्ट्रीय

दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों के चलते अस्पतालों में बेड्स की किल्लत, सरकार ने दिए ये आदेश
21-Oct-2021 7:21 PM (47)

नई दिल्‍ली, 21 अक्टूबर : गौरी लंकेश हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है. इस हत्याकांड के आरोपी पर KCOCA के तहत मामला चलेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में कविता लंकेश और राज्य सरकार की याचिका मंजूर कर ली है. इसके साथ ही कर्नाटक हाईकोर्ट  का फैसला रद्द कर दिया गया है. HC ने आरोपी मोहन नायक के खिलाफ KCOCA के आरोप हटा दिए थे. सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा था. सुप्रीम कोर्ट को तय करना था  कि आरोपी मोहन नायक के खिलाफ KCOCA के तहत मुकदमा चलेगा या नहीं.

गौरी (Gauri Lankesh) की बहन और फिल्म निर्माता कविता लंकेश द्वारा दायर याचिका पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था.आरोपी मोहन नायक के खिलाफ कर्नाटक संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम ( KCOCA ) के तहत आरोपों को खारिज करने के फैसले को चुनौती दी गई थी.जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने पक्षकारों को तीन दिनों में लिखित दलीलें दाखिल करने को भी कहा था.पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने  गौरी लंकेश की बहन कविता लंकेश की याचिका पर नोटिस जारी कर सभी पक्षों से जवाब मांगा था. कविता ने कर्नाटक HC के एक फैसले को चुनौती दी थी. 

गौरतलब है कि गौरी लंकेश की  2017 में बेंगलुरु में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कविता लंकेश की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि मामले में आरोपी नंबर 6 मोहन नायक जमानत लेने के लिए इस फैसले पर भरोसा कर रहा हैण्‍  इस पर बेंच ने कहा कि जमानत अर्जी पर फैसले से प्रभावित नहीं होना चाहिए. (ndtv.in)

 

दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों के चलते अस्पतालों में बेड्स की किल्लत, सरकार ने दिए ये आदेश
21-Oct-2021 7:13 PM (63)

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर: दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों और इलाज के लिए अस्पताल में हो रही बेड्स किल्लत के चलते दिल्ली सरकार का एक अहम आदेश आया है. कोरोना के घटते मामलों के मद्देनजर सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में कोरोना के लिए आरक्षित बेड्स की संख्या घटाई गई है. लोकनायक अस्पताल में कोरोना के लिए रिजर्व 700 बेड्स की संख्या 450 की गई है, यानी 250 बेड्स डेंगू के इलाज के लिए बढ़ाए गए हैं. राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कोरोना के लिए आरक्षित 600 बेड्स की संख्या 350 की गई है, यानी यहां भी 250 बेड्स डेंगू के इलाज के लिए बढ़ाए गए हैं.

इसके अलावा, दिल्ली के सभी प्राइवेट अस्पताल या नर्सिंग होम जिनकी क्षमता 100 बेड्स या इससे ऊपर है. अपनी कुल बेड्स क्षमता के 30 प्रतिशत के जगह केवल 10 प्रतिशत बेड्स कोरोना के लिए आरक्षित रख सकते हैं. इससे प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के इलाज के लिए बेड की उपलब्धता बढ़ेगी. (ndtv.in)

सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई के पहले दिन बदला-बदला सा था नजारा, जज बोले 'वेलकम बैक टू द कोर्ट...'
21-Oct-2021 7:07 PM (50)

नई दिल्‍ली, 21 अक्टूबर : सुप्रीम कोर्ट में फिजिकल सुनवाई के पहले दिन कोर्ट में प्रवेश के लिए वकीलों की लंबी लाइन लगी दिखी. जज बोले-वेलकम बैक टू द कोर्ट. SC  में गुरुवार को सुनवाई के लिए पेश हुए वकीलों में से सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी और रंजीत कुमार ने चीफ जस्टिस एनवी रमना का धन्यवाद किया तो जस्टिस रमना मुस्कुराते हुए बोले दीपावली के बाद इसे और बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा, इसे व्यापक किया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि अभी शुरुआत में कोर्ट ने तजुर्बे के तौर पर हफ्ते में दो दिन प्रत्यक्ष सुनवाई की व्यवस्था की है.इस दौरान सभी पक्षों के चेहरे पर खुशी दिखी.

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, 'हम आप सभी को देखकर खुश हैं.आप कल्पना नहीं कर सकते कि हर सुबह स्क्रीन देखने से कितना अकेलापन लगता है.' बुधवार और गुरुवार को पूरी तरह फिजिकल सुनवाई होगी. मंगलवार को हाई ब्रिड और सोमवार और शुक्रवार को मिसलेनियस मैटर्स का दिन होने से पूरी तरह वर्चुअल सुनवाई होगी.  कोर्ट अब मार्च 2020 के बाद से पहले की तरह प्रत्यक्ष सुनवाई की ओर लौट तो रहा है लेकिन कोर्ट रूम की व्यवस्था और नजारा पूरी तरह बदला हुआ है. कोर्ट रूम में तीन स्तरीय घेराबंदी है. शीशे की दीवारें और माइक्रोफोन से बातचीत स्पीकर से सुनना. जजों के डायस यानी मंच शीशे से घिरे हैं, वहीं दूसरा घेरा कोर्ट मास्टर और स्टाफ का है. ये हिस्सा भी पारदर्शी शीशे की शीट से घिरा है 

कोर्टरूम के तीसरे हिस्से में बहस करने वाले वकील हैं. सभी माइक और स्पीकर के जरिए बात कर रहे हैं. दस्तावेज भेजने के लिए छोटी खिड़कियां हैं. दस्तावेजों को पूरी तरह सेनेटाइज करके ही बेंच तक पहुंचाया जा रहा है.हालांकि इस व्यवस्था में भी एहतियात पूरी बरती जा रही है. अदालत कक्षों में किसी मुकदमे की सुनवाई के दौरान सिर्फ उतने ही लोग मौजूद रह सकेंगे जितने का उस मुकदमे से संबंधित हैं. मुकदमे के हिसाब से ही लोग दाखिल होंगे और सुनवाई खत्म होते ही उनको बाहर होना पड़ेगा. मीडिया को भी गुरुवार से कोर्ट रूम में एंट्री मिल गई है .जस्टिस अब्दुल नज़ीर ने फिजिकल सुनवाई शुरू होने पर सबको बधाई देते हुए कहा कि वकील जिरह के समय मास्क हटा सकते हैं, हम इसकी इजाजत दे रहे हैं.सुप्रीम कोर्ट में कोर्ट रूम 7 में सुनवाई कुछ देर के लिए बाधित हुई. जस्टिस अब्दुल नज़ीर तक जिरह करने वाले वकील की आवाज़ नहीं पहुंच रही थी. वकील माइक में बोल रहे हैं उसके बाद भी जस्टिस अब्दुल नज़ीर तक वकील की आवाज़ नहीं पहुंच रही थी.जस्टिस नज़ीर ने कहा कि हम खुद को फोर्स कर रहे हैं, वकील की आवाज़ हम तक नहीं आ रही है.कोर्ट रूम में शीशे के  दो पार्टीशन लगे हुए हैं.जस्टिस नज़ीर ने वकीलों की तरफ लगे शीशे को हटाने की बात भी की

सीनियर एडवोकेट दुष्यंत दवे ने कहा कि युवा वकीलों में बहुत खुशी है. बार के सदस्य भी बहुत खुश हैं. इन डेढ़ सालों में युवा वकीलों ने बहुत कुछ झेला हैवरिष्ठ वकीलों को इतनी दिक्कत नहीं हुई.दवे ने कहा हम सभी सावधानियां बरत  रहे हैं, सभी ने दोनों डोज़ ली हुई हैं. जस्टिस संजय किशन कौल ने भी फिजिकल हियरिंग की शुरुआत में ही कोर्ट रूम में मौजूद लोगों का मुस्कान के साथ 'गुड मॉर्निंग' कहकर अभिवादन किया. फिर बोले, 'वेलकम बैक टू द कोर्ट.' सुप्रीम कोर्ट प्रशासन के नए एसओपी के मुताबिक बुध और गुरुवार यानी रेगुलर मामलों की सुनवाई पूर्ण फिजिकल हियरिंग यानी कोर्ट रूम में प्रत्यक्ष सुनवाई शुरू हो गई .अब कोर्ट उन्हीं मामलों में वर्चुअल सुनवाई करेगा जिनमें ज्यादा पक्षकार और उनके वकील होंगे जो आमतौर पर कोर्टरूम की क्षमता से ज्यादा होंगे. (ndtv.in)

DA Hike! दीवाली पर केंद्रीय कर्मियों को मोदी सरकार का तोहफा, महंगाई भत्ता 3% बढ़ा
21-Oct-2021 4:24 PM (35)

नई दिल्ली: दीवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार ने खुशखबरी दे दी है. केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी बढ़ोतरी को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. सूत्रों ने बताया था कि आज केंद्रीय कैबिनेट केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को दिए जाने वाले महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी को लेकर चर्चा करने वाला था, इसके बाद बढ़ोतरी के पक्ष में फैसला लिए जाने की खबरें आ रही हैं. इसकी आधिकारिक जानकारी प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने दी.

कैबिनेट की मंजूरी के बाद जब यह आदेश लागू हो जाएगा तो आज की बढ़ोतरी के बाद अब डीए 31 फीसदी हो जाएगा. इस साल जुलाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते तथा महंगाई राहत (डीआर) दर एक जुलाई से प्रतिशत 11 अंक की वृद्धि का फैसला किया था. इससे डीए की नई दर 17 प्रतिशत से बढ़कर 28 प्रतिशत हो गई थी. वहीं, आज डीए में तीन फीसदी की बढ़ोतरी के साथ डीए की नई दर 31 फीसदी हो गई है यानी कि केंद्रीय कर्मचारियों को उनके बेसिक पे का 31 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा.
कब से मिलेगा फायदा

यह नई दरें 1 जुलाई, 2021 से लागू होंगी. बेसिक पे और पेंशन के मौजूदा 28% पर यह 3% अतिरिक्त देय होगा. इस निर्णय से केंद्र सरकार के 47.14 लाख कर्मचारियों और 68.62 लाख पेंशनधारियों को लाभ मिलेगा. इससे केंद्र सरकार के ख़ज़ाने पर हर वर्ष 9,488.70 करोड़ रुपये का भार आएगा. (ndtv.in)
 

'देश में त्वरित टीकाकरण PM मोदी की दूरदृष्टि', बोले- अदार पूनावाला- जिन्होंने मिस किया दूसरा डोज़ वे बड़े 'आलसी'
21-Oct-2021 4:17 PM (34)

नई दिल्ली: देश में कोविड के खिलाफ वैक्सीनेशन की खुराक का आंकड़ा 100 करोड़ पार करने पर सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के CEO अदार पूनावाला ने खुशी जताई है और कहा है कि इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दूरदृष्टि को जाता है. इसके साथ ही उन्होंने उन लोगों पर नाराजगी जाहिर की जिन्होंने अपनी बारी आने पर वैक्सीन की दूसरी डोज़ नहीं लगवाई.

NDTV से खास बातचीत में अदार पूनावाला ने कहा कि ऐसे लोग आलसी हैं जो अपनी बारी आने पर भी वैक्सीन की दूसरी डोज़ नहीं लगवा सके. बता दें कि 10 करोड़ लोगों ने कोविड टीके की दूसरी खुराक नहीं ली, जबकि उसकी समय-सीमा निकल चुकी है.

भारत में 16 जनवरी 2021 को राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई थी. इसके तहत 18 साल से ऊपर की आबादी को वैक्सीन दी जा रही है. देश में 18 साल से ऊपर की आबादी करीब 94 करोड़ है. इस आबादी के 75% लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है, जबकि इस आबादी समूह के 30 फीसदी लोग ऐसे हैं जिन्हें दोनो डोज दी जा चुकी है.

सरकार ने दिसम्बर 2021 तक सभी वयस्क आबादी यानी  94 करोड़ लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा है. यानी 25 % पॉपुलेशन को जल्द से जल्द टीका देने का टार्गेट है. सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द दूसरी डोज लोगों को दी जा जाय.

देश में लगभग 95% लोगों को फ्री वैक्सीन दी गयी है. 7 बिलियन आबादी वाले विश्व मे 1 बिलियन डोज भारत मे लगी है. देश में जुलाई में वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज हुई है. बच्चों के वैक्सीनेशन पर अभी विचार चल रहा है. स्वस्थ बच्चों में टीकाकरण की शुरुआत अगले साल की पहली तिमाही में हो सकती है. फिलहाल बूस्टर या तीसरी डोज देने का मामला अभी डिस्कशन में है.  (ndtv.in)
 

'तब तो रामलीला मैदान ही इनका घर हो जाएगा', सुप्रीम कोर्ट में किसानों पर बोले SG तुषार मेहता
21-Oct-2021 3:15 PM (64)

नई दिल्ली : किसानों के विरोध-प्रदर्शन के चलते हाई-वे जाम करने के खिलाफ दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम एम सुंदरेश की बेंच ने मामले की सुनवाई की. इस दौरान किसानों की ओर से कोर्ट से अनुरोध किया गया कि मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद हो. किसानों की तरफ से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे पैरवी कर रहे थे, जबकि सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता थे.

मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कानून पहले से तय है और रास्ता नहीं रोका जाना चाहिए. इस पर किसानों के वकील दवे ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि 2020 में सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने आदेश दिया था कि विरोध-प्रदर्शन को ना हटाया जाए. इस पर कोर्ट ने कहा, 'लेकिन सड़क को ब्लॉक भी नहीं किया जा सकता है.'

दवे ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन स्थल पर किसानों ने सड़क ब्लॉक नहीं की है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार को परेशानी है तो विरोध-प्रदर्शन करने के लिए हमें रामलीला मैदान आने दिया जाए. इस पर एसजी तुषार मेहता ने कहा कि तब तो कुछ लोगों के लिए रामलीला मैदान ही घर हो जाएगा. वो  रामलीला मैदान और जंतर मंतर पर ही बैठे रहेंगे.

खंडपीठ ने कहा, "आप किसी भी तरह विरोध करिए लेकिन इस तरह सड़क रोक कर नहीं रख सकते. कानून पहले से तय है. हमें क्या बार-बार यही बताना होगा." जस्टिस एसके कौल ने कहा, सड़कें साफ होनी चाहिए. हम बार-बार कानून तय करते नहीं रह सकते. आपको आंदोलन करने का अधिकार है लेकिन सड़क जाम नहीं कर सकते."

जस्टिस कौल ने कहा, "अब कुछ समाधान निकालना होगा. मामला विचाराधीन होने पर भी उन्हें विरोध करने का अधिकार है लेकिन सड़कों को जाम नहीं किया जा सकता. उन सड़कों पर लोगों को आना-जाना पड़ता है. हमें सड़क जाम के मुद्दे से समस्या है." इस पर एसजी तुषार मेहता  ने कहा, "26 जनवरी का मुद्दा गंभीर था."

मेहता ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कृषि कानूनों पर रोक लगा दी है, पिर आंदोलन क्यों? कभी-कभी आंदोलन वास्तविक कारण के लिए नहीं बल्कि अन्य कारणों के लिए होते हैं." इस पर दवे ने उन्हें क्रॉस करते हुए कहा, "क्या कृषि कानून एक परोक्ष मुद्दा है? ये किसानों की सच्चाई पर सवाल उठा रहे हैं."

एसजी तुषार मेहता ने बात के समर्थन में कहा कि यहां सिर्फ 2 किसान संगठन आए हैं. इस पर जस्टिस कौल ने कहा कि हम किसी को यहां आने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. सुप्रीम कोर्ट ने दवे से पूछा, आपकी दलील ये है कि सड़क से ना हटाया जाए या सड़क को पुलिस ने ब्लॉक किया है? इस पर दवे ने कहा, "दिल्ली पुलिस ने जिस तरह से बंदोबस्त किए हैं, उससे सड़कें जाम हो गई हैं. वे यह महसूस करा रहे हैं कि किसान सड़क को अवरुद्ध कर रहे हैं. हमें रामलीला मैदान में आने दें."

दवे ने मामले को तीन जजों की बेंच में भेजने की भी मांग की. सुप्रीम कोर्ट ने किसान संगठनों को जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है. अब मामले की सुनवाई 7 दिसंबर को होगी. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि जब संगठनों का जवाब आएगा तो तय करेंगे कि आगे आदेश जारी करें या फिर मामले को अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दें. (ndtv.in)
 

कोविड काल में मालदीव में थे समीर वानखेड़े, वहीं बॉलीवुड सेलेब्स से उगाही की गई : नवाब मलिक
21-Oct-2021 3:13 PM (32)

मुंबई : ड्रग-ऑन-क्रूज मामले महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने NCB के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर नया हमला बोला है. नवाब मलिक ने आरोप लगाया है कि सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के बाद से बॉलीवुड के लोगों को फंसाया जा रहा है. बॉलीवुड वालों की परेड करवाई गई, कोविड काल में जब मालदीव में बॉलीवुड के सेलेब्स थे तब समीर वानखेड़े का परिवार भी वहीं था. समीर खुद भी दुबई और मालदीव में थे और वहीं बॉलीवुड से उगाही की गई.

NCB अधिकारियों पर कुछ मामलों में अपने परिचितों को गवाह बनाने का आरोप लगाते हुए 62 वर्षीय नवाब मलिक ने कुछ दिन पहले कुछ तस्वीरें साझा कीं और संवाददाताओं से कहा, "इस तस्वीर में दिख रहा व्यक्ति फ्लेचर पटेल है और उसकी तस्वीर एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े की बहन जैस्मीन वानखेड़े के साथ है." उन्होंने वानखेड़े की एक और तस्वीर साझा की, जिसमें वो पटेल के साथ दिख रहे हैं. इसके साथ ही मलिक ने दावा किया कि वे एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं. एनसीपी नेता ने पूछा कि "सवाल यह है कि एनसीबी अधिकारी अपने किसी परिचित को मामले में कैसे गवाह बना सकते हैं?" उन्होंने इस बारे में कई ट्वीट्स भी किए हैं. पिछले हफ्ते, मलिक ने कुछ वीडियो जारी किए थे, जिसमें आरोप लगाया गया था कि 2 अक्टूबर को मुंबई तट पर लक्जरी क्रूज पर छापे के तुरंत बाद तीन लोगों को छोड़ दिया गया था लेकिन अगले ही दिन आर्यन खान और सात अन्य लोगों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया था.

भाजपा और एनसीबी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उन्होंने पिछले शनिवार को कहा था, "क्रूज पर छापेमारी के बाद, एनसीबी के समीर वानखेड़े ने कहा था कि 8-10 लोगों (आर्यन खान सहित) को हिरासत में लिया गया है लेकिन सच्चाई यह है कि 11 लोगों को हिरासत में लिया गया था. बाद में तीन लोग - ऋषभ सचदेवा, प्रतीक गाबा और आमिर फर्नीचरवाला - को रिहा कर दिया गया था." उन्होंने आरोप लगाया था कि ऋषभ सचदेवा भाजपा नेता मोहित कम्बोज के रिश्तेदार हैं. इसके साथ ही मंत्री ने मांग की थी कि मुंबई पुलिस के एंटी नारकोटिक्स सेल को इसकी स्वतंत्र जांच करनी चाहिए. (ndtv.in)
 

विजयन को चापलूसी के घेरे से बाहर आना होगा : कांग्रेस
21-Oct-2021 2:44 PM (49)

तिरुवनंतपुरम, 21 अक्टूबर | केरल में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीसन ने गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को चापलूसी करने वालों के घेरे से बाहर आना होगा। सतीसन ने कहा, "वह चापलूसी करने वालों के एक समूह से घिरे हुए हैं और सभी जानते हैं कि विजयन को आलोचना पसंद नहीं है। जो कोई भी ऐसा करता है उसे 'राष्ट्र-विरोधी' कहा जाता है या जिसे राज्य से प्यार नहीं है। "

उन्होंने बुधवार को विजयन के हमले के बाद मीडिया से बात करते हुए सतीसन ने केरल सरकार द्वारा पिछले सप्ताह राज्य में आई बाढ़ से 42 लोगों की जान लेने वाले गैर-जिम्मेदाराना तरीके की आलोचना की।

सतीसन ने दोहराया कि विजयन सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है और यहां तक कि कार्रवाई करने में भी विफल रही है जब आईएमडी ने स्पष्ट रूप से 12 अक्टूबर को ही चेतावनी जारी की थी।

"यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह लगातार चौथा वर्ष है जब केरल ने बारिश और बाढ़ का प्रकोप देखा है। फिर भी, केरल जैसे राज्य में जब आपदा आती है तब भी कई चीजों का समय से पहले कार्रवाई करने के लिए एक मूर्खतापूर्ण प्रणाली नहीं है। हमें बताया गया है कि कुछ जगहों पर त्रासदी के एक दिन बाद बचाव और राहत अभियान शुरू हुआ था।"

राज्य में विशेष रूप से इडुक्की, कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिलों में बाढ़ आने के तुरंत बाद सतीसन ने विजयन को फटकार लगाई और बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सबसे बड़ी आपदा बन गया है।

सतीसन ने कहा, "यह हो रहा है और कुछ भी रचनात्मक नहीं हो रहा है, क्योंकि उसके आसपास के लोग उसके क्रोध के डर से उसे सही तरीके से सलाह देने से डरते हैं। विजयन को चापलूसी करने वालों के इस समूह से बाहर आना होगा।" (आईएएनएस)

जम्मू-कश्मीर के बारामूला में मिला आईईडी किया गया निष्क्रिय
21-Oct-2021 2:43 PM (63)

श्रीनगर, 21 अक्टूबर | जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, सुरक्षा बलों को एक इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का पता चला, जिसके बाद उसे निष्क्रिय कर दिया। पुलिस ने कहा कि 32 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने गुरुवार को बारामूला जिले के रफियाबाद इलाके के सैदपोरा गांव के पास एक यात्री शेड से एक आईईडी बरामद किया। जिसके बाद बम निरोधक दस्ते को इसे निष्क्रिय करने के लिए तैनात किया गया।"

"सतर्क सुरक्षा बलों द्वारा समय पर कार्रवाई से एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली है, क्योंकि यात्री शेड का उपयोग अक्सर सुरक्षा उद्देश्यों के लिए सुरक्षा बलों द्वारा किया जाता है।"

सुरक्षा बलों और वीआईपी कैवलकेड के काफिले को निशाना बनाने के लिए आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में रिमोट ट्रिगर आईईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं।

मेटल डिटेक्टरों और खोजी कुत्तों से लैस सुरक्षा बलों की रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) को सुरक्षा बल के काफिले और वीआईपी घुड़सवारों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले राजमार्गों और सड़कों को सुरक्षित करने के लिए तैनात किया जाता है। (आईएएनएस)
 

महिला बॉस से पत्नी की नजदीकी पर पति ने की आत्महत्या
21-Oct-2021 2:36 PM (91)

लखनऊ, 21 अक्टूबर | राज्य की राजधानी में एक एनजीओ चलाने वाली महिला सामाजिक कार्यकर्ता के साथ अपनी पत्नी की नजदीकी को लेकर हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने गोमती नगर में पीड़ित के घर से तीन सुसाइड नोट बरामद कर पीड़िता की पत्नी और उसके सहयोगी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।

 


रिपोर्ट्स के मुताबिक, किराना स्टोर चलाने वाले निखिल ने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि उसकी मौत के लिए उसकी पत्नी और उसकी बॉस जिम्मेदार हैं।

नोट में लिखा है, "मेरी पत्नी की सहेली ने मेरा वैवाहिक जीवन हमेशा के लिए तबाह कर दिया है। पुलिस को मेरी पत्नी और उसकी महिला सहयोगी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।"

स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ), गोमती नगर, के.के. तिवारी ने संवाददाताओं से कहा कि निखिल की पत्नी और उसके नियोक्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि निखिल की 2012 में शादी हुई थी और उनकी एक बेटी भी है।

शादी के कुछ साल बाद, उनकी पत्नी ने एक एनजीओ में काम करना शुरू कर दिया और अपने नियोक्ता के करीब आ गईं। उसने अपने परिवार पर ध्यान देना बंद कर दिया।

निखिल के पिता किशन कुमार ने पुलिस को बताया कि दंपति के बीच मंगलवार को कहासुनी हुई जिसके बाद उनकी बहू ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

पिता ने कहा, "हमने उसकी मां को सूचित किया जो उसकी बेटी को अपने साथ ले गई। निखिल उसे वापस आने के लिए मनाता रहा और बाद में बुधवार को उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।" (आईएएनएस)

प्रियंका का एलान, कांग्रेस की सरकार बनने पर छात्राओं को देंगे स्मार्ट फोन और स्कूटी
21-Oct-2021 2:34 PM (59)

लखनऊ, 21 अक्टूबर | उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को आगे बढ़ाने में लगी कांग्रेस की महासचिव व यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी ने अब पार्टी का मोर्चा और तेजी से संभाल लिया है। उन्होंने अपनी पार्टी के घोषणा पत्र से पहले छात्राओं को के लिए स्मार्ट फोंन और स्कूटी देने का एलान किया है।

प्रियंका गांधी ने गुरूवार को ट्वीटर के माध्यम से लिखा कि "कल मैं कुछ छात्राओं से मिली। उन्होंने बताया कि उन्हें पढ़ने व सुरक्षा के लिए स्मार्टफोन की जरूरत है। मुझे खुशी है कि घोषणा समिति की सहमति से आज कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि सरकार बनने पर इंटर पास लड़कियों को स्मार्टफोन और स्नातक लड़कियों को इलेक्ट्रानिक स्कूटी दी जाएगी।

लखनऊ से आगरा जाते समय बुधवार को महिला पुलिसकर्मियों के साथ सेल्फी लेने और 1090 चौराहे के पास चोटिल छात्रा की मरहम पट्टी करने के बाद गुरुवार को प्रियंका गांधी वाड्रा ने बड़ा कदम बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में 40 प्रतिशत सीट महिलाओं को देने की घोषणा करने के बाद अब उन्होंने छात्राओं के लिए वादा किया है।

गौरतलब उत्तर प्रदेश विाानसभा चुनाव में कांग्रेस ने आधी आबादी के लिए 40 प्रतिषत टिकट का दांव चलकर अन्य पार्टियों के लिए चुनौती बढ़ा दी है। इसकी काट के लिए राजनीतिक दल जब तक नया पासा फेंकते, तब तक उन्होंने एक और घोषणा कर दी है।

प्रियंका का कहना है कि 40 प्रतिशत महिला टिकट आरक्षण का फैसला महिलाओं की राजनीति में नुमाईंद्गी को बढ़ाएगी और प्रदेश का विकास तेजी से होगा। प्रियंका गांधी ने यूपी की करीब साढ़े तीन करोड़ महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश की है। एक बार फिर उन्होंने स्मार्टफोन और स्कूटी से नए वोटरों को साधने का प्रयास किया है।

ज्ञात हो कि प्रियंका गांधी यूपी के मैदान में मेहनत कर रही है, लेकिन चुनावी जंग जीतने के लिए सबसे जरूरी होता है, ज़मीन पर संगठन की मौजदगी, जो कांग्रेस के पास नदारद है। शायद इसीलिए कांग्रेस औऱ टीम प्रियंका को एक्स फैक्टर की तलाश है, जो संगठन की इसी कमजोरी को दरकिनार कर उन्हें चुनावी मुकाबले में बढ़त दिला सके। इसी कारण ऐसे मुद्दे उछाल कर प्रियंका अन्य पार्टियों के लिए चुनौती बन रही हैं।

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद बतौर प्रभारी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी संभालने वाली कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने हर उस मुद्दे को थामने का प्रयास किया, जिसमें सरकार को घेरने की जरा भी गुंजाइश नजर आई। अन्य विपक्षी दलों की तुलना में उनकी सक्रियता खास तौर पर महिला उत्पीड़न से जुड़े उन्नाव दुष्कर्म कांड और हाथरस कांड में ज्यादा रही। हालांकि, मुद्दों के चयन को लेकर पार्टी के रणनीतिकारों का असमंजस भी साथ-साथ चला। अब लड़की हूं, लड़ सकती हूं के नारे के साथ टिकट वितरण में चालीस फीसदी महिला आरक्षण की घोषणा के बाद स्मार्ट फोन और स्कूटी का वादा इसे कांग्रेस का अच्छा और मजबूत पासा माना जा रहा है। (आईएएनएस)

यूपी में महिलाओं को 40% टिकट देगी कांग्रेस, राहुल गांधी ने दी ये बड़ी प्रतिक्रिया
21-Oct-2021 2:19 PM (30)

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देने का पार्टी का फैसला सिर्फ शुरुआत है. इसके साथ ही राहुल ने कांग्रेस के नए नारे लड़की हूं लड़ सकती हूं का भी जिक्र किया.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "देश की बेटी कहती है-अपनी मेहनत से, शिक्षा की ताकत से, सही आरक्षण से, मैं आगे-आगे बढ़ सकती हूं, लड़की हूं लड़ सकती हूं ! यूपी सिर्फ़ शुरुआत है."

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वह उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में 40 फीसदी टिकट महिलाओं को देंगी. प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं. प्रियंका ने लखनऊ में संवाददाताओं से बातचीत में जोर देकर यह भी कहा कि हम चाहते हैं कि महिलाएं राजनीति में सत्ता में पूरी तरह से भागीदार बनें. उन्होंने कहा कि महिलाएं अगर समाज में बदलाव चाहती हैं तो वे राजनीति में आएं और कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ें.

इसके अलावा कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी ने प्रदेश में पार्टी के सत्ता में आने पर लड़कियों को स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी देने की घोषणा की है. प्रियंका गांधी ने गुरुवार को एक ट्वीट कर कहा, "मैं कुछ छात्राओं से मिली, उन्होंने कहा कि उन्हें पढ़ाई और सुरक्षा के लिए स्मार्टफोन की जरूरत है. मुझे खुशी है कि घोषणा पत्र समिति की सहमति से, इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राओं को स्मार्टफोन और स्नातक पास करने वाल छात्राओं को इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी देने का यूपी कांग्रेस ने आज फैसला किया." (abplive)

CM योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर कसा तंज, अखिलेश-शिवपाल को लेकर दिया बड़ा बयान
21-Oct-2021 2:18 PM (27)

लखनऊ में बीजेपी द्वारा आयोजित 'सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के लिए उनका खानदान ही परिवार था. पहले दो तीन जिलों में ही बिजली आती थी. उन्होंने कहा कि जिन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए समाज को बांटा उनको समाज ने इतिहास के गर्त में डाला है.

योगी ने कहा कि कल हम कुशीनगर में थे, पीएम नरेंद्र मोदी ने डेढ़ लाख से अधिक की भीड़ को संबोधित किया, सबमे उत्साह था. लेकिन पहले एक परिवार में उत्साह होता था कि किसको कितना लूट ले रहे है. पहले बिजली 1-2 जिलों के लिए बंधक बना दी गयी थी. आज सबको बिजली सबको मिल गयी. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के लिए 130 करोड़ जनता परिवार है और हमारे लिए 24 करोड़ जनता परिवार है. लेकिन सपा के लिए सिर्फ अपना परिवार था.

आज सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब दिया जाता है- योगी

सीएम योगी ने कहा कि मोदी राज में कोई खुद को उपेक्षित महसूस न करे. मोदी है तो मुमकिन है में विश्वास रखें. पहले चीन, पाकिस्तान घुसपैठ करता था तो सरकारें कहती थी कि कुछ मत बोलो सबंध खराब हो जाएंगे. वो संबंधों के लिए देश को दांव पर लगाते थे. लेकिन आज ऐसे में सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब दिया जाता है.

योगी ने आरोप लगाया कि सपा, कांग्रेस, बसपा किसी की सरकार रही गरीब को त्रस्त, आम आदमी को परेशान किया जाता था. माफियाओं से संपत्ति पर कब्जा करवाया जाता था. प्रशासन को उनके सामने गिरवी रखा जाता था. दुर्भाग्य से कांग्रेस के समय महामारी आती तो भाई बहन इटली भाग गए होते. उन्होंने कहा कि सपा के समय आयी होती तो चाचा-भतीजे (अखिलेश यादव-शिवपाल यादव) में होड़ लग गयी होती कौन कितना ज्यादा हड़प ले. किस माफियाओं को ठेका दिलवा दे. बहनजी के समय तो भगवान ही मालिक होता. (abplive)
 

तीन दिनों बाद मौसम साफ, मुसीबतें कम नहीं, केदारनाथ हाईवे पर जगह-जगह भूस्खलन
21-Oct-2021 2:18 PM (24)

रुद्रप्रयाग: लगातार तीन दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के बाद मौसम साफ हो गया है, लेकिन केदारनाथ हाईवे पर पहाड़ी दरकने लगी है, जिसकी वजह से केदारनाथ और केदारघाटी के लोगों को फिर से मुसीबतों का सामना पड़ रहा है. केदारनाथ हाईवे के दो से तीन जगहों पर पहाड़ी से मलबा गिरा है, जिसे साफ करने में विभाग की मशीने जुटी हुई हैं. बता दें कि पिछले तीन दिनों से भारी बारिश के कारण जनजीवन काफी प्रभावित रहा है, जिस कारण देश-विदेश से केदारनाथ यात्रा पर आए तीर्थयात्रियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा. इसके अलावा, स्थानीय लोगों को भी भारी बारिश के चलते परेशानियां उठानी पड़ी.

आज सुबह को मौसम खुलने के साथ चटक धूप भी खिली, मगर केदारनाथ हाईवे के मेदनपुर सहित अन्य स्थानों पर पहाड़ी से मलबा आने के कारण राजमार्ग बंद हो गया. राजमार्ग को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं. नेशनल हाईवे विभाग की ओर से राजमार्ग पर मशीने लगाई गई हैं. राजमार्ग बंद होने से केदारनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों के साथ ही केदारघाटी की जनता खासी परेशान है. राजमार्ग के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं, जो मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं.

जिलाधिकारी मनुज गोयल ने दी ये जानकारी
कुछ तीर्थयात्री और स्थानीय लोग जवाड़ी बाईपास से होकर तिलवाड़ा निकल रहे हैं, जबकि यह मोटरमार्ग संकरा होने से जाम की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में मुसीबतें और भी बढ़ गई हैं. जिलाधिकारी मनुज गोयल ने कहा कि केदारनाथ हाईवे की माॅनीटरिंग की जा रही है. लगातार दो-तीन दिनों से हुई मूसलाधार बारिश के केदारनाथ हाईवे के डेंजर जोन वाले स्थानों पर स्लाइड हो रहा है. जहां-जहां पर राजमार्ग पर मलबा आ रहा है, वहां मशीने भेजी जा रही हैं और रास्ते को खोला जा रहा है. (abplive)
 

मौसम खुलते ही फिर शुरू हुई चारधाम यात्रा, भारी बारिश से अब तक 52 लोगों की मौत
21-Oct-2021 2:17 PM (25)

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को एक बार फिर शुरू कर दिया गया है. मौसम साफ होने के साथ ही केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की तीर्थ यात्रा फिर शुरू कर दी गई है. बता दें कि मौसम विभाग ने राज्य में 17 से 19 अक्टूबर तक भारी बारिश की चेतावनी दी थी. इस चेतावनी के बाद तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए 18 अक्टूबर को चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई थी. बुधवार को  केदारनाथ धाम में 4475, गंगोत्री धाम में 1433 और यमुनोत्री धाम में 2444 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए. इस तरह कुल 8,352 श्रद्धालुओं ने चारधाम की यात्रा की.

अभी शुरू नहीं हुई बद्रीनाथ की यात्रा
चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ ने कहा कि हालांकि बद्रीनाथ की यात्रा अभी शुरू नहीं हो सकी है. क्योंकि राष्ट्रीय राजमार्ग का पीपलकोटी-जोशीनाथ-बद्रीनाथ हिस्सा कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद हो गया है.

52 पहुंची मृतकों की संख्या, 5 लोग लापता
उधर, भारी बारिश से मरने वालों की संख्या 52 पहुंच गई है. बुधवार को 6 और शव बरामद किए गए हैं. इसके अलावा पांच लोग लापता भी बताए जा रहे हैं. एक आधिकारिक बयान के अनुसार ज्यादातर लोगों की मौत मकानों के गिरने के कारण हुईं. नैनीताल जिले में ही 28 लोगों की मौत हुई है. (abplive)
 

बिहार के पानी में आर्सेनिक के बाद मिला यूरेनियम
21-Oct-2021 1:14 PM (23)

एक शोध में यह पुष्टि हुई है कि बिहार के कई जिलों के पानी में यूरेनियम मौजूद है. खतरनाक स्तर तक इस रेडियोधर्मी पदार्थ की मौजूदगी कहीं किसी भयावह खतरे का संकेत तो नहीं है!

  डॉयचे वैले पर मनीष कुमार की रिपोर्ट

आयरन, फ्लोराइड व आर्सेनिक की मानक से अधिक मात्रा बिहार में, खासकर बक्सर से लेकर भागलपुर तक गंगा नदी के किनारे बसे जिलों के भूजल में पहले से मौजूद है. कई इलाकों के लोग इसका कुप्रभाव भी झेल रहे हैं. सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उपाय भी कर रही है.

किंतु, बिहार की राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ स्थित महावीर कैंसर संस्थान, यूनाइटेड किंगडम (यूके) की यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेचेस्टर, ब्रिटिश जियोलॉजिकल सोसाइटी व आईआईटी खड़गपुर व रूड़की तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी, उत्तराखंड द्वारा संयुक्त रूप से डेढ़ साल तक किए गए शोध में राज्य के भूगर्भीय जल में यूरेनियम की मौजूदगी का पता चला है.

करीब दस जिलों में इसकी मात्रा मानक से अधिक पाई गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार पानी में इसकी मात्रा 30 माइक्रोग्राम प्रति लीटर (एमपीएल) से अधिक नहीं होनी चाहिए, किंतु राज्य के इन जिलों में पानी में यूरेनियम की मात्रा 50 एमपीएल से अधिक मिली. सुपौल जिले के सैंपल में तो 80 एमपीएल तक यूरेनियम पाया गया.

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के अध्यक्ष तथा महावीर कैंसर संस्थान के शोध प्रभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार घोष के अनुसार बिहार के भूजल में खासकर आर्सेनिक की मात्रा का ही पता लगाया जा रहा था लेकिन फिर तय किया गया कि कुछ अन्य खनिजों का भी पता लगाया जाए.

इसी विचार के साथ 2018 में संयुक्त रूप से शोध शुरू किया गया. यह कार्य अभी चल रहा है. विदित हो कि भारत के केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा ब्रिटेन के नैचरल इन्वॉयरन्मेंट रिसर्च काउंसिल ने शोध का 50-50 फीसद खर्च उठाया है.

बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार घोष, महावीर कैंसर संस्थान के अरुण कुमार और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के डेविड पोल्या व लाउरा ए रिसर्चड्स की शोध में अग्रणी भूमिका रही है. इस सिलसिले में राज्य के सभी 38 जिलों में 273 जगहों से हैंडपंपों (चापानल) समेत विभिन्न स्रोतों के जरिए 46 हजार से भी अधिक ग्राउंड वॉटर सैंपल लिए गए.

शोध के दौरान ज्ञात हुआ कि राज्य के सुपौल, पटना, सिवान, गोपालगंज, सारण (छपरा), नवादा और नालंदा जिले के पानी में यूरेनियम की मात्रा मानक से काफी अधिक है. इसके अलावा गया, जहानाबाद तथा औरंगाबाद से भी लिए गए सैंपल में भी यूरेनियम पाया गया.
जहां आर्सेनिक कम वहां यूरेनियम ज्यादा

शोध के दौरान एक दिलचस्प तथ्य सामने आया है कि जहां के पानी में यूरेनियम की मात्रा अधिक थी, वहां आर्सेनिक या तो नहीं मिला या कम मिला. इसके उलट, जिस सैंपल में आर्सेनिक की अधिक मात्रा मिली वहां यूरेनियम नहीं पाया गया.

नालंदा, नवादा, सारण, सिवान व गोपालगंज जिले के पानी में आर्सेनिक की मात्रा कभी नहीं मिली. इन जिलों के सैंपल में मानक से अधिक यूरेनियम मिला है. डॉ. अशोक घोष कहते हैं, ‘‘सेंट्रल ग्राउंड वॉटर बोर्ड ने भी हाल में ही बिहार के भूजल में यूरेनियम की मौजूदगी की पुष्टि की है. अब यह शोध का विषय है कि भूजल में यूरेनियम आखिर कहां से आ रहा है. इससे पहले आज तक राज्य के ग्राउंड वॉटर में यूरेनियम नहीं पाया गया था. पता लगाना होगा कि यह जियोजेनिक है या फिर एंथ्रोपोजेनिक.''

यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि जहां यूरेनियम मिला है, वहां इसके खदान की तो संभावना नहीं है. गंगा और सोन नदी के तटवर्ती इलाके खासकर गंगा के दक्षिणी हिस्से में इसकी मात्रा अधिक पाई गई है. वहीं उत्तरी हिस्से में आर्सेनिक की मात्रा अधिक है. विदित हो कि अविभाजित बिहार के सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा में यूरेनियम पाया जाता था. यह इलाका विभाजन के पश्चात झारखंड में चला गया है.
यूरेनियम के कारण कैंसर?

वैसे तो वॉटर प्यूरीफायर की व्यापक रेंज उपलब्ध है, किंतु आम तौर पर घरों में लगाए जाने वाले प्यूरीफायर से यूरेनियम को साफ नहीं किया जा सकता है. यह भी जरूरी नहीं है कि प्यूरीफायर सभी मिनिरल्स को साफ कर दे. इसलिए पीने के पानी को लेकर काफी सतर्क होना जरूरी है.

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. निखिल चौधरी बताते हैं, ‘‘यूरेनियम किडनी को सर्वाधिक प्रभावित करता है. पानी में यूरेनियम का पाया जाना काफी चिंताजनक है. इस परिणाम से इस अवधारणा को बल मिलना स्वाभाविक है कि किडनी फेल होने के जिन 30 फीसद मामलों में कारण का पता नहीं चल पाता है, उनकी वजह कहीं यूरेनियम तो नहीं है.''

वहीं कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. एस. के. झा के अनुसार यूरेनियम लीवर को नुकसान पहुंचाने के साथ गॉल ब्लैडर की समस्या का भी बड़ा कारण बन सकता है. हाल के दिनों में जिस तरह से गंगा व सोन नदी के किनारे वाले इलाके में कैंसर तथा गॉल ब्लैडर के मामले बढ़े हैं, उसका कारण यूरेनियम हो सकता है.

भूगोलवेत्ता कंचन सिन्हा कहती हैं, ‘‘पृथ्वी की बनावट के कारण यह काफी हद तक संभव है कि झारखंड के उन इलाकों से जहां यूरेनियम की मौजूदगी है, वहां से यह कालांतर में बिहार के भूगर्भीय जल में समावेशित हुआ हो. वैसे यह तो शोध का विषय है.''
फूड चेन में भी आर्सेनिक

साल 2003 में सबसे पहले राज्य के भोजपुर जिले में पानी में आर्सेनिक के होने का पता चला था. इसके बाद 2007 में व्यापक पैमाने पर किए गए अध्ययन में पटना, खगड़िय़ा, मुंगेर, बक्सर, भागलपुर, कटिहार, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, भोजपुर तथा बेगूसराय समेत 11 जिलों के भूजल में आर्सेनिक होने की बात सामने आई थी.

आज राज्य के 22 जिलों के पानी में आर्सेनिक पाया जाता है तथा 90 लाख से अधिक लोग इससे प्रभावित हैं. नालंदा व नवादा दो ऐसे जिले हैं, जहां कभी आर्सेनिक नहीं पाया गया, वहां यूरेनियम पाया गया है. ये दोनों जिले गंगा के किनारे भी नहीं हैं.

वहीं एक अन्य शोध से पता चला है कि बिहार में केवल पेयजल में ही आर्सेनिक मौजूद नहीं है, बल्कि फूड चेन खासकर चावल, गेहूं और आलू में भी यह मौजूद है. यहां तक कि कच्चे चावल की तुलना में पके हुए चावल में आर्सेनिक की अधिक मात्रा पाई गई. इसलिए पेयजल की गुणवत्ता के साथ-साथ सिंचाई के पानी की भी गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी है.
(dw.com)

क्या पर्यावरण को बचा पाएगा एनजीटी का स्वत: संज्ञान का अधिकार?
21-Oct-2021 1:08 PM (29)

भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारत में पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकरण एनजीटी पर्यावरण को होने वाले नुकसान खुद संज्ञान ले सकता है, और वह सिर्फ इसलिए नहीं बैठा रह सकता कि किसी ने शिकायत नहीं की है.

  डॉयचे वैले पर अविनाश द्विवेदी की रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के पास एनजीटी एक्ट के तहत स्वत: संज्ञान लेने का अधिकार है. कोर्ट ने यह भी कहा कि एनजीटी के लिए जो भूमिका निर्धारित है, उसमें वह ऐसा नहीं कर सकता कि जब तक कोई उसका दरवाजा न खटखटाए, वह मूकदर्शक बना देखता रहे.

एनजीटी के स्वत: संज्ञान लेने के मसले पर आई अपीलों पर फैसला देते हुए एएम खानविलकर, ऋषिकेश रॉय और सीटी रविकुमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट फैसला दे चुका है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के तहत स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार भी आता है और एनजीटी को संविधान के मामले में अनुच्छेद 21 को लागू कराने के लिए संवैधानिक आदेश के तहत स्थापित किया गया है.

एनजीटी भारत की पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विशेष न्यायिक संस्था है. पर्यावरण से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए इसे साल 2010 में शुरू किया गया था. इसका मुख्यालय दिल्ली में है. नियमों के मुताबिक इसके पास आने वाले पर्यावरण संबंधी हर मुद्दे को छह महीने में निपटाना जरूरी होता है.
एनजीटी मजबूत हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया है कि एनजीटी एक ट्राइब्यूनल है और कानून का अंग है और इस तरह यह अपनी मर्जी से काम नहीं कर सकता. इसका मतलब है कि इसके पास न्यायिक समीक्षा की शक्ति नहीं है और न ही यह मामलों का स्वत: संज्ञान ले सकता है. जानकार मानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश से एनजीटी की शक्तियां बढ़ी हैं.

भारत में पानी से जुड़ी समस्याओं बारे में काम करने वाले मंथन अध्ययन केंद्र के संस्थापक श्रीपद धर्माधिकारी कहते हैं, "एनजीटी कोर्ट न होकर एक अधिकरण है, जो सिर्फ कानूनी तर्कों के बजाए किसी पर्यावरणीय मामले पर स्थान और स्थिति की गंभीरता के हिसाब से विचार कर सकता है. ऐसे में स्वत: संज्ञान लेने के अधिकार से बहुत फायदा होगा."

नियुक्तियों में पारदर्शिता जरूरी
ज्यादातर जानकार मानते हैं कि एनजीटी को मिली शक्तियों से तब तक कोई फायदा नहीं होगा, जब तक एनजीटी के सदस्यों के चयन में निष्पक्षता नहीं आती. नियुक्तियों को पारदर्शी बनाना जरूरी है. जानकार यह भी कहते हैं कि एनजीटी में चयन की प्रक्रिया को राजनीतिक दबावों से मुक्त बनाने की जरूरत है. इससे आधी समस्याएं खुद-ब-खुद दूर हो जाएंगी. साथ ही पेशेवर और विशेषज्ञ लोगों को भी इसमें जगह मिलने लगेगी.

श्रीपद धर्माधिकारी भी भविष्य में एनजीटी की भूमिका को लेकर आशावादी हैं. एनजीटी की उपयोगिता का जिक्र करते हुए वह इसके थर्मल पावर प्लांट्स के प्रदूषण पर नियंत्रण, बांधों पर रोक, गोवा के मोपा एयरपोर्ट जैसे फैसलों का उल्लेख करते हैं. हालांकि वह भी अधिकरण में खाली पड़े पदों पर चिंता जताते हैं. उनका कहना है, "समय पर नियुक्तियां होनी चाहिए. एनजीटी को सिर्फ सरकारी विशेषज्ञों से बचने की जरूरत भी है. ज्यादा अच्छा होगा कि एनजीटी में सभी विशेषज्ञ नौकरशाही से ही न नियुक्त किए जाएं बल्कि इसमें पर्यावरण से जुड़े कुछ निजी क्षेत्र और एनजीओ के लोगों को भी जगह दी जाए."

आम जनता का ध्यान रखना जरूरी
लेकिन नेशनल सॉलिड वेस्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संस्थापक और अध्यक्ष डॉ अमिय कुमार साहू वर्तमान एनजीटी को पर्यावरण का संरक्षण कर पाने के मामले में पर्याप्त नहीं मानते. वह कहते हैं, "एनजीटी के सदस्यों में अब भी विशेषज्ञता की कमी है. इसके चलते कई बार फैसले अनुभवहीन होते हैं. एक ऐसे ही फैसले में मैसूर में हर घर में कचरे का इस्तेमाल कर कंपोस्टिंग का आदेश दे दिया गया. ऐसा कुछ भी कर पाना साधारण लोगों के लिए असंभव होता है. हर कोई कंपोस्टिंग को नहीं समझ सकता. इसलिए एनजीटी में ऐसे विशेषज्ञों की जरूरत है, जो आम जनता के हिसाब से सुझाव दे सकें."

श्रीपद धर्माधिकारी यह भी कहते हैं कि राजनीतिक दबाव हमेशा रहते हैं लेकिन एनजीटी के लिए इस तरह नियम बनाने की जरूरत है कि इसके अधिकारी किसी भी दबाव में न आएं. जानकार यह भी मानते हैं कि पहले कई बार ऐसा होता रहा है कि एनजीटी बिल्कुल आखिरी समय पर पहुंचता था, जब पर्यावरण को पर्याप्त नुकसान हो चुका होता था. आशा है कि अब स्वत: संज्ञान लेने का अधिकार मिलने के बाद एनजीटी ऐसे कई नुकसान को रोक पाने में सफल रहेगा. (dw.com)
 

उत्तराखंड में भारी बारिश और बाढ़ से अब तक 52 लोगों की मौत, अमित शाह आज करेंगे दौरा
21-Oct-2021 12:44 PM (20)

नई दिल्ली : उत्तराखंड में बाढ़ और बारिश से अब तक 52 लोगों की मौत हो चुकी है. NDRF के आईजी अमरेंद्रसिंह सेंगर ने NDTV से कहा कि तकरीबन 4000 गांव बाढ़ में बुरी तरह से घिरे हैं. गृह मंत्री अमित शाह आज उत्तराखंड में आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे. वो देर रात देहरादून पहुंचे हैं. गृह मंत्री अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे. राज्य के कुछ इलाकों में जहां भूस्खलन हुआ है, वहां लापता लोगों की तलाश तेज़ की गई है. इस त्रासदी में 4000 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमे से करीब 1000 बिजली कट जाने की वजह से अंधेरे में हैं. अल्मोड़ा और रानीखेत के इलाके भूस्खलन के बाद बाहर के इलाकों से अब भी कटे हुए हैं.

बारिश रुक गई है लेकिन बचाव की चुनौती बची हुई है. उत्तराखंड में अब लापता लोगों की तलाश तेज़ की गई है. बुधवार को नैनीताल ज़िले के तल्ला रामगढ में दो लोगों के शव मिले. अब भी जिन इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ है. वहां कई लोग लापता हैं जिनकी तलाश चल रही है.

एनडीआरएफ के आईजीअमरेंद्र सिंह सेंगर ने कहा कि आज हमने लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों में कुछ बॉडी रिकवर की है. जिन इलाकों में लोग लापता हुए हैं उनकी खोज जारी है.

गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. राज्य सरकार ने आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. वहीं जिन लोगों के घर आपदा में नष्‍ट हो गए हैं उन्‍हें 1.90 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. किसानों के साथ ही बाढ़ व भूस्‍खलन में अपने मवेशियों को खोने वालों की भी मदद की जाएगी.

उत्तराखंड के अल्मोड़ा और रानीखेत के इलाके भूस्खलन और सड़कें टूटने की वजह से अब भी कटे हुए हैं. रानीखेत में इंधन की सप्लाई इमरजेंसी सेवाओं के लिए सीमित कर दी गई है. कई इलाकों में फोन और इंटरनेट सेवायें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. सबसे ज्यादा नुकसान दूरदराज के गांवों में हुआ है, जहां सड़कें टूट जाने से राहत बचाव सामग्री पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.
 
उत्तराखंड के आसपास सैटेलाइट इमेज में बादल कम दिख रहे हैं, बारिश काफी घट गई है. हालांकि  बाढ़ प्रभावित दुर्गम इलाकों में सैकड़ों पर्यटक फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने का काम जारी है.

नैनीताल और अल्मोड़ा में सेना द्वारा राहत कार्य

अल्मोड़ा और नैनीताल में स्थानीय आबादी की मदद के लिए भारतीय सेना की टुकड़ी नागरिक प्राधिकरण की सहायता में रवाना हो गई. पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गरमपानी / खैरना क्षेत्रों के पास स्थिति गंभीर होने पर नागरिक प्रशासन ने सेना को बुलाया है. नदी के अत्यधिक प्रवाह के कारण घाटी बुरी तरह प्रभावित हुई है और आसपास के भवनों के लिए खतरा पैदा हो गया है. फंसे हुए नागरिकों को बचाने, घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने और खाद्य आपूर्ति बहाल करने के लिए सैन्य सहायता मांगी गई थी.

स्ट्राइक 1 की कांगो ब्रिगेड की 120 जवानों का बचाव दल रानीखेत से रवाना हो गया और प्रभावित जगह पर पहुंच गया. खैरना से कैंची धाम मार्ग तक बचाव और राहत कार्यों में बाधा डालने वाला प्रमुख चोक प्वाइंट था जहां लगभग 500 पर्यटक  फंसे हुए थे. बचाव दल की तीन टीमों ने बचाव और राहत अभियान चलाया और गरमपानी और खैरना में फंसे लोगों की मदद की. भारतीय सेना के जवानों ने खैरना में पर्यटकों और 200 ग्रामीणों को पैक  भोजन और खाने का सामान वितरित किया।  मेडिकल यूनिट की स्थापना की गई और मेडिकल रिएक्शन टीम के प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा चिकित्सा निरीक्षण के बाद लोगों को उपचार दिया गया.  रात भर पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.

सभी फंसे हुए लोगों के लिए भोजन तैयार करने के लिए खैरना में खाद्य वितरण केंद भी स्थापित किया गया था.  भारतीय सेना द्वारा प्रदर्शित तेज और त्वरित प्रतिक्रिया ने कई पर्यटकों और स्थानीय लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. (ndtv.in)

100 करोड़ वैक्सीन का आंकड़ा छूने पर पीएम मोदी बोले- इतिहास रच दिया, भारत को बधाई
21-Oct-2021 12:43 PM (31)

नई दिल्ली : कोरोना वैक्सीन के मामले में देश ने 100 करोड़ का आंकड़ा छू लिया है. पीएम मोदी ने कहा कि  भारत ने इतिहास रच दिया, यह भारतीय विज्ञान, उद्यम, भारतीयों की सामूहिक भावना की जीत है. हमारे डॉक्टरों, नर्सों और इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए काम करने वाले सभी लोगों का आभार. आज 21 अक्टूबर, 2021 का ये दिन, इतिहास में दर्ज हो गया है. भारत ने अब से कुछ देर पहले 100 करोड़ वैक्सीन डोज का आंकड़ा पार कर लिया है. 100 साल में आई सबसे बड़ी महामारी का मुकाबला करने के लिए, देश के पास अब 100 करोड़ वैक्सीन डोज का मजबूत सुरक्षा कवच है.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज एम्स झज्जर में, कैंसर का इलाज कराने आने वाले मरीजों को एक बड़ी सहूलियत मिली है. नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में बना ये विश्राम सदन, मरीजों और उनके रिश्तेदारों की चिंता कम करेगा. इंफोसिस फाउंडेशन ने विश्राम सदन की इमारत बनवाई है तो वहीं इसके लिए जमीन देने और बिजली-पानी का खर्च एम्स झज्जर द्वारा उपलब्ध कराया गया है. मैं एम्स प्रबंधन और सुधा मूर्ति जी की टीम का इस सेवाकार्य के लिए आभार व्यक्त करता हूं. भारत के कॉरपोरेट सेक्टर ने, प्राइवेट सेक्टर ने, सामाजिक संगठनों ने निरंतर देश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में अपना योगदान दिया है.  आयुष्मान भारत- PMJAY भी इसका एक बेहतरीन उदाहरण है.जब मरीज को आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त में इलाज मिलता है तो उसकी सेवा होती है. ये सेवाभाव ही है जिसकी वजह से हमारी सरकार ने कैंसर की लगभग 400 दवाओं की कीमतों को कम करने के लिए कदम उठाए है. बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने 100 करोड़ वैक्सीनेशन का आंकड़ा पूरा होने के बाद ट्वीट किया कि बधाई हो भारत. दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थ नेतृत्व का य प्रतिफल है. (ndtv.in)
 

आर्यन खान की ज़मानत अर्जी पर बॉम्बे HC में सुनवाई मंगलवार को
21-Oct-2021 12:37 PM (24)

नई दिल्ली : मुंबई क्रूज ड्रग्स पार्टी मामले में फंसे आर्यन खान की जमानत पर बॉम्बे हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी. आर्यन के वकील सतीश मानशिंदे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की मांग ठुकरा दी है. इससे पूर्व शाहरुख खान अपने बेटे आर्यन से मिलने आर्थर रोड जेल पहुंचे थे.बताया जा रहा है कि दोनों के बीच 15 से 20 मिनट की बातचीत हुई.जेल सुप्रिटेंडंट के मुताबिक- शाहरुख जब जेल के अंदर आए तब उनकी एंट्री हुई. आधार कार्ड और अन्य डॉक्युमेंटस देखे गए. फिर टोकन के साथ उन्हें अंदर भेज गया. आर्यन और शाहरुख में 15-20 मिनट तक बातचीत हुई. बातचीत के दौरान दोनों के बीच एक ग्लास फेंसिंग थी और दोनो तरफ इंटरकॉम था. बातचीत के दौरान 4 गार्ड मौजूद थे. किसी सामान्य आरोपी के परिजन की तरह ही शाहरुख ने भी आर्यन से मुलाकात की. कोई विशेष ट्रीटमेंट नहीं दिया गया. मुलाकात का समय पूरा होने के बाद शाहरुख खुद ही बाहर निकल गए.

सेशन कोर्ट के आदेश के अहम बिंदु भी हमारे जवाब का हिस्सा होंगे : एनसीबी सूत्र
एनसीबी के सूत्रों के मुताबिक-  हाईकोर्ट में आर्यन खान की तरफ से फ्रेश बेल एप्लिकेशन फाइल की गई है. आर्यन और बाकी के आरोपियों के लिए रिप्लाई की तैयारी चल रही है. एनडीपीएस कोर्ट के आदेश के अहम बिंदु भी हमारे जवाब का हिस्सा होगा. बता दें कि इससे पूर्व मुंबई की सेशंस कोर्ट ने आर्यन खान की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. अब उनके वकील बॉम्बे हाइकोर्ट पहुंचे हैं. सवाल ये है कि क्या व्हाट्सऐप चैट ने क्रूज ड्रग्स मामले के आरोपियों की मुश्किलें बढ़ाई हैं?

2 अक्टूबर को मुंबई से गोवा जा रहे क्रूज पर छापेमारी के बाद एनसीबी ने पहले आर्यन और उनके दोस्तों को हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया था. अब तक इस मामले में 20 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. आर्यन फिलहाल मुंबई की आर्थर रोड जेल में कैद हैं. कोर्ट का फैसला आने से ठीक पहले इस केस में एक नई जानकारी भी सामने आई.बताया जा रहा है कि एनसीबी ने कोर्ट में आर्यन के जो ड्रग्स से सम्बंधित वॉट्सऐप चैट सौंपे हैं, उनमें एक डेब्‍यू ऐक्‍ट्रेस के साथ भी ड्रग्‍स को लेकर बातचीत है, हालांकि, ये  ऐक्‍ट्रेस कौन है, इस पर कोई खुलासा नहीं हुआ है. अब हाई कोर्ट में न सिर्फ केस पर नए सिरे से बहस होगी, बल्‍क‍ि सेशंस अदालत की ऑर्डर कॉपी को देखते हुए उन बिंदुओं पर भी गौर करना होगा, जिस कारण कोर्ट ने जमानत नहीं दी. (ndtv.in)
 

बुजुर्ग के साथ ज़मीन पर ही बैठकर बात करने लगा IAS, लोगों ने किया सादगी को सलाम
21-Oct-2021 12:35 PM (29)

IAS अधिकारियों का रुतबा क्या होता है, ये तो आप सभी जानते ही होंगे. लेकिन अगर कोई आईएएस अधिकारी रास्ते में बैठे किसी बुजुर्ग को देखकर बिना कुछ सोचे समझे उसके साथ ज़मीन पर ही जाकर बैठ जाए, तो आपको कैसा लगेगा. क्या आपने कभी देखा है किसी आईएएस को लोगों से ज़मीन पर बैठकर बात करते हुए ? अगर नहीं देखा, तो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ये तस्वीर आपके हर सावल का जवाब दे देगी. इस तस्वीर में नज़र आ रहे बुजुर्ग के साथ जो शख्स दिख रहा है वो एक आईएएस अधिकारी है. फोटो देखकर आप जरूर सोचेंगे कि भला कोई अधिकारी ऐसे कैसे बैठ सकता है. लेकिन ये तस्वीर इस शख्स की सादगी और संस्कार की मिसाल पेश करती है.

सोशल मीडिया पर शेयर की गई ये तस्वीर IAS रमेश घोलप ने अपने ट्विटर पर शेयर की हैं, जिसे देखने के बाद लोग उनकी सादगी के फैन हो गए हैं. इन तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि वो अपनी इनोवा कार से बाहर आकर एक बुजुर्ग के साथ ज़मीन पर बैठकर मज़े से बातें कर रहे हैं. जबकि उनके साथ जो बॉडीगार्ड थे वो कार के अंदर ही बैठे हैं और गाड़ी से ही दोनों को बातें करते हुए देख रहे हैं. आईएएस की ये फोटो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है और इस तस्वीर ने लोगों का दिल जीत लिया है.

फोटो को शेयर करते हुए आईएएस अधिकारी रमेश घोलप ने कैप्शन में लिखा है- "तज़ुर्बा है मेरा मिट्टी की पकड़ मजबृत होती है, संगमरमर पर तो हमने पाँव फिसलते देखे हैं." फोटो पर अबतक करीब 4 हजार लाइक्स आ चुके हैं. लोग कमेंट के जरिए आईएएस की सादगी की तारीफ कर रहे हैं. (ndtv.in)
 

'सालों से काम कर रहे, नई कंपनी अब हमें रखने के लिए मांग रही 20 हजार रु ': सफाईकर्मियों का छलका 'दर्द'
20-Oct-2021 9:25 PM (53)

नई दिल्‍ली, 20 अक्टूबर : वाल्मीकि जयंती के मौके पर देशभर में सफाई कर्मचारियों के कल्याण की बड़ी बड़ी घोषणाएं और कार्यक्रम होते हैं लेकिन कई सरकारी संस्थानों में ठेके पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों की क्या हालत है, यह किसी से छुपी नहीं है. इंदिरा गांधी टेक्निकल यूनिवर्सिटी के गेट पर धरने पर बैठी 54 साल की यशोदा देवी की आंखों में यह बताते हुए आंसू छलक आए कि उनकी तरह इस विश्वविद्यालय में काम करने वाले 35 सफाई कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर अब भगवान भरोसे ही हैं.सरकारी संस्थानों में सफाई का जिम्मा अब कंपनियों को ठेके पर दिया जा रहा है जिसके चलते पुराने सफाई कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. वे कहती हैं, '54 साल की मेरी उम्र है मैं अब कहां नौकरी करने जाऊंगी. बीते आठ साल से यहां काम कर रही थी.पूरी जवानी सफाई करती रही है अब छह साल और बाकी है.' उन्‍होंने कहा, 'मेरे घर में आठ लोग खाने वाले हैं नौकरी सबकी छूटी है, कहां जाएं सरकार हमें काम भी तो दे. मुझे नौकरी करते हुए कई साल हो गए लेकिन यहां नए टेंडर आने से अब नई कंपनी हमें रखने के लिए 20  हजार रुपये मांग रही है. हम कहां से लेकर आए इतने पैसे.' 

कई दिनों से लगातार प्रदर्शन के बाद अब बुधवार को इंदिरा गांधी टेक्निकल यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर खुद इनसे मिलने पहुंचे.करीब एक घंटे चली बातचीत के बाद विवि ने इनकी शिकायत के आधार पर नई कंपनी पर कार्रवाई और इन सफाई कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखने का आश्वासन दिया है. वाइस चांसलर डॉ. अश्विनी कुमार ने कहा, 'हमने नई कंपनी को बोला था कि पुराने लोगों को काम पर रखना होगा लेकिन जब ये नई कंपनी आई तो इनको दिक्कत हुई.अब हम नई कंपनी को प्रोसेस के तहत हटाएंगे इनको काम पर रखा जाएगा.'

एक आंकड़े के मुताबिक, भारत में 20 लाख से ज्यादा ठेके पर सफाई कर्मचारी हैं. दिल्ली सरकार में खुद ठेका कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया गया था लेकिन अब ज्यादातर जगहों पर सरकार और सफाई कर्मचारी के बीच अनुबंध नहीं है. कंपनी के जरिए सफाई कर्मचारियों का कॉट्रैक्ट हो रहा है जिसके चलते कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी और स्वास्थ्य बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलती. जरूरत इस बात की है कि न सिर्फ इन सफाई कर्मचारियों  बल्कि देश के दूसरे जगहों पर भी ठेके के सफाई कर्मचारियों को काम करने के अवसर और संरक्षण प्रदान किया जाए ताकि वे सम्‍मान के साथ जीवन यापन कर सके और उन्‍हें ऐसे प्रदर्शन करने की जरूरत ही न पड़े. (ndtv.in)

उत्तराखंड: त्रासदी में लापता लोगों की तलाश तेज, 46 पहुंची मृतकों की संख्या
20-Oct-2021 9:22 PM (92)

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर: उत्तराखंड बाढ़ त्रासदी में मरने वालों  की संख्या बढ़कर 46 हो गई है. राज्य के कुछ इलाकों में जहां भूस्खलन (Uttarakhand Landslide) हुआ, वहां लापता लोगों की तलाश (Search Operation) तेज की गई है. इस त्रासदी में 4000 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमें से करीब 1000 बिजली कट जाने की वजह से अंधेरे में हैं. सबसे ज्यादा नुकसान दूर दराज के गांवों में हुआ है, जहां सड़कें टूट जाने से राहत एवं बचाव सामग्री पहुंचाने में रिलीफ एजेंसियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. दरअसल, उत्तराखंड में बारिश थमने के बाद बाढ़ से हुई त्रासदी में लापता लोगों की तलाश तेज़ की गई है. बुधवार को नैनीताल जिले के तल्ला रामगढ में बाढ़ आपदा में मारे गए दो लोगों के शव बरामद किए गए. अब भी जिन इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ है, वहां लापता लोगों की तलाश तेज की गई है. साथ ही बाढ़ प्रभावित दुर्गम इलाकों में सैकड़ों पर्यटक फंसे हुए हैं, जिन्हे निकलने का काम जारी है.

एनडीआरएफ आईजी अमरेंद्र सिंह सेंगर ने एनडीटीवी को जानकारी दी कि उत्तराखंड बाढ़ त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो गई है. आज हमने लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों में कुछ बॉडी रिकवर की हैं. जिन इलाकों में लोग लापता हुए हैं, उनकी खोज जारी है. वहीं राहत बचाव के काम में तेजी के बीच उत्तराखडं के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. राज्य सरकार ने आपदा में मारे गए लोगों के परिवारजनों को 4 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. इस त्रासदी में जिन बाढ़ पीड़ितों के घर टूटे हैं, उन्हें 1.9 लाख रुपये रहत के तौर पर देने का ऐलान हुआ है.


बता दें कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा और रानीखेत के इलाके भूस्खलन और सड़कें टूटने की वजह से अब भी मेनलैंड से कटे हुए हैं. इस वजह से रानीखेत में फ्यूल की सप्लाई इमरजेंसी सेवाओं के लिए सीमित कर दी गई हैं. कई इलाकों में फोन और इंटरनेट सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.(abplive)

CBI के स्‍थायी निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर दाखिल याचिका पर SC ने केंद्र से मांगा जवाब
20-Oct-2021 9:20 PM (80)

नई दिल्‍ली, 20 अक्टूबर : केंद्रीय जांच ब्‍यूरो (CBI) के स्थायी निदेशक की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट  (Supreme court) ने केंद्र सरकार (Central Government) से अपना रुख साफ करने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई अब सोमवार यानी 25 अक्‍टूबर को होगी. सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि सीबीआई का स्थायी निदेशक नियुक्त कर दिया गया है. प्रशांत भूषण ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हर बार ऐसा ही होता है, सरकार अस्थाई निदेशक नियुक्त कर देती है. जस्टिस एल नागेश्वर राव ने कहा कि प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले में भी यही कहा गया है कि भावी निदेशक की नियुक्ति के लिए चयन प्रक्रिया मौजूदा निदेशक के रिटायरमेंट से दो महीने पहले शुरू हो जानी चाहिए.एजी ने कहा कि ये गलत नहीं है. हम इसे अपना सकते हैं लेकिन कई बार अपवाद भी होते हैं. अब जैसे कोविड के हालात आ गए.

भूषण ने कहा, 'अगर प्रक्रिया समय से शुरू न की जाय तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की जाए.  इस पर जस्टिस राव ने कहा, 'अगर वो स्थापित नियमों का उल्लंघन करें तो आप कोर्ट में आ सकते हैं लेकिन क्या सीबीआई निदेशक की नियुक्ति भी प्रकाश सिंह मामले में दिए गए फैसले में उल्लिखित प्रक्रिया के तहत आती है? ' फिर भूषण ने आलोक वर्मा मामले में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अंश पढ़े जिसमें सीबीआई की स्वायत्तता बनाए रखने की बात कही गई है.

 सीबीआई के स्थायी निदेशक की नियुक्ति के लिए एनजीओ कॉमन कॉज की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि अंतरिम निदेशक को इतने लंबे समय तक नहीं होना चाहिए. सीबीआई डायरेक्टर के रिटायरमेंट से पहले ही नए डायरेक्टर की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए. याचिकाकर्ता की ओर से प्रशांत भूषण ने मांग की कि सरकार को आदेश दिया जाए कि जल्द से जल्द सलेक्शन कमेटी की बैठक बुला कर स्थायी उपाय किए जाएं.  कोर्ट ने कहा कि बिना सरकार का पक्ष सुने हम ऐसा आदेश नहीं पारित कर सकते. जस्टिस एल नागेश्वर राव और एस रवींद्र भट की बेंच ने एनजीओ कॉमन कॉज की याचिका पर सुनवाई की. याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान (डीएसपीई) अधिनियम की धारा 4 ए के अनुसार स्थाई सीबीआई निदेशक को नियुक्त करने में विफल रही है.  वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से दायर याचिका में केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह सीबीआई निदेशक के चयन की प्रक्रिया दो महीना पहले शुरू करे. (abplive)

सीबीएसई 10 वीं, 12 वीं की बोर्ड परीक्षा के टर्म-1 के लिए परीक्षा केंद्र शहर बदलने की अनुमति देगा
20-Oct-2021 9:18 PM (65)

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10 वीं और 12 वीं कक्षाओं के उन छात्रों को अगले महीने से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा के टर्म-1 के लिए शहर के परीक्षा केंद्र में बदलाव के लिए अनुरोध करने की अनुमति होगी, जो उन शहरों में नहीं है जहां उन्होंने दाखिला लिया था. सीबीएसई ने बुधवार को यह घोषणा की.

सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने कहा, ‘‘बोर्ड के यह संज्ञान में आया है कि कुछ छात्र अब भी उस शहर में नहीं हैं, जहां उन्होंने दाखिला लिया था. ये छात्र कहीं और रह रहे हैं. इस आलोक में उपयुक्त समय पर सीबीएसई छात्रों को सूचित करेगा कि वे परीक्षा केंद्र के शहर में बदलाव के लिए अपने संबद्ध स्कूलों से अनुरोध करें.''

भारद्वाज ने कहा, ‘‘स्कूल अनुरोध को ऑनलाइन माध्यम से बोर्ड तक पहुंचाने के सीबीएसई के निर्देशों का पालन करेंगे.''

उल्लेखनीय है कि 10वीं कक्षा के लिए टर्म-1 की परीक्षा 30 नवंबर से, जबकि 12वीं कक्षा के लिए एक दिसंबर से होने का कार्यक्रम है. (abplive)