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राज्य के कोरोनाग्रस्त में से आधे अब भी एक्टिव, दूसरे राज्यों में इससे आधे
14-Sep-2020 10:37 PM
राज्य के कोरोनाग्रस्त में से आधे अब भी एक्टिव, दूसरे राज्यों में इससे आधे

जेके कर

छत्तीसगढ़, वर्तमान में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा पीडि़त है। इसका कारण है कि यहां पर कुल संक्रमितों की तुलना में एक्टिव केसों की संख्या सबसे ज्यादा है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 13 सितंबर 2020 को रात के 10:15 बजे जो कोरोना संक्रमण के बारे में आंकड़े जारी किए गए हैं उससे तो यही जाहिर होता है। इसके अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या 63,991 है, जिसमें से 31,505 एक्टिव हैं। इस तरह से छत्तीसगढ़ में एक्टिव केसों की संख्या 49.23 फीसदी है। हालांकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 31,931 याने 49.89 फीसदी है।

अब छत्तीसगढ़ के रायपुर तथा बिलासपुर पर भी एक नजर डाल लेते हैं। राजधानी रायपुर (जिले का आंकड़ा) में कुल संक्रमितों की संख्या जहां 21,850 है। वहीं एक्टिव मरीजों की संख्या 11,002 है, याने कि 50.35 फीसदी। इसी तरह से बिलासपुर (जिले का आंकड़ा) में कुल संक्रमितों की संख्या 4452 है तथा एक्टिव मरीजों की संख्या 2848 याने कि 63.97 फीसदी है।

एक्टिव केसों से तात्पर्य वर्तमान में कितने मरीज हैं जिनकों इलाज की जरूरत है, उनसे है। वैसे कई जानकार आंकड़ों को दूसरे नजरिए से भी देखते हैं। कोई कुल संक्रमितों की संख्या देखता है तो कोई स्वस्थ्य होने वाले मरीजों की संख्या पर जोर देता है। और कोई मौत के आंकड़ों को पेश करता है। लेकिन हमारे ख्याल से इनमें एक्टिव मरीजों की संख्या कितनी है, यह सबसे महत्वपूर्ण है। क्योंकि यदि एक्टिव मरीजों की संख्या तथा प्रतिशत ज्यादा हो तो सबका इलाज करना एक कठिन काम हो जाता है। शायद यही कारण है कि आज कोरोना से संक्रमित होने पर आम जनता को भटकना पड़ रहा है।

अब हम देश के अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ के हालात की तुलना कर देख लेते हैं। कोविड-19 इंडिया डॉट ओआरजी के मुताबिक महाराष्ट्र में कोरोना से कुल संक्रमितोंं की संख्या 10,60,308 है तथा एक्टिव मरीजों की संख्या 2,90,344 याने कि 27.38 फीसदी की है। आंध्रप्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 5,67,123 तथा एक्टिव केसों की संख्या 95,072 अर्थात् 16.76 फीसदी की है। इसी तरह से तमिलनाडु में कुल संक्रमितों की संख्या 5,02,759 एवं एक्टिव मरीजों की संख्या 47,012 है जोकि 9.35 फीसदी है। कर्नाटक में कुल संक्रमितों की संख्या 4,59,445 तथा एक्टिव मरीजों की संख्या  99,203 अर्थात् 21.59 फीसदी ही है।

छत्तीसगढ़ के कुछ पड़ोसी राज्यों के हालात भी देख लें। मध्यप्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 88,247 तथा एक्टिव मरीजों की संख्या 20,487 याने कि 23.21 फीसदी है। झारखंड में कुल संक्रमितों की संख्या 61,474 एवं एक्टिव मरीजों की संख्या 14,336 अर्थात् 23.32 फीसदी की है। ओडिशा में कुल संक्रमितों की संख्या 1,50,807 एवं एक्टिव मरीजों की संख्या 31,486 याने कि 20.87 फीसदी ही है। जबकि अखिल भारतीय स्तर के आंकड़े को देखें तो देश में कुल संक्रमितों की संख्या 48,45,003 तथा एक्टिव केसों की संख्या 9,87,531 है। इस तरह से एक्टिव मरीजों की संख्या अखिल भारतीय स्तर पर 20.38 फीसदी की ही है।

एक बात को यहां पर हम पहले ही स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि महाराष्ट्र तमिलनाडु, कर्नाटक एवं दिल्ली जैसे ज्यादा संक्रमण वाले राज्यों में पहले कुल संक्रमितों की संख्या की तुलना में एक्टिव मरीजों की संख्या कितनी रही है, उस पर जाने की बजाय हम केवल मात्र वर्तमान समय की ही बात कर रहे हैं।

यह जग जाहिर है कि महामारी अपने साथ तबाही लाती है। वैसे वर्तमान में महामारी से पूरे दुनिया में हाहाकार मचने का कारण यह है कि पिछले करीब तीन दशकों से गैर-संक्रमण या जीवनशैली के कारण होने वाले बीमारी बढ़े हैं तथा संक्रमण से होने वाले रोग कम हुए हैं। इसलिए संक्रमण से जूझने के लिए पूरी दुनिया में स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर ही तैयार नहीं है। उदाहरण के तौर पर भारत में गैर-संक्रमण से 1990 में 30 फीसदी रोग हुए, जो 2016 में बढक़र 55 फीसदी के हो गए। वहीं संक्रमण से 1990 में 61 फीसदी रोग हुए, जो 2016 में घटकर 33 फीसदी के हो गए। 

कोरोना संक्रमण से हाहाकार मचने का एक कारण और भी है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के मुताबिक अखिल भारतीय स्तर पर बीमार पडऩे पर 51 फीसदी लोग निजी स्वास्थ्य सेवा में तथा 45 फीसदी सरकारी स्वास्थ्य सेवा का लाभ लेते हैं। उसी तरह से छत्तीसगढ़ में भी बीमार पडऩे पर 50.5 फीसदी लोग सरकारी क्षेत्र में तथा 39.6 फीसदी लोग निजी क्षेत्र में जाकर चिकित्सा करवाते हैं। वहीं छत्तीसगढ़ में 9.3 फीसदी लोग सीधे दवा दुकानों से दवा खरीदकर अपना इलाज करते हैं। अब चूंकि पहले कोरोना का इलाज करने की अनुमति निजी क्षेत्र को नहीं दी गई थी इसलिए पूरा बोझ सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर आ गया था। हालांकि, अब उससे कुछ राहत मिली है। वैसे हम खुद सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के पक्षधर हैं, लेकिन वर्तमान में इस महामारी को देखते हुए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करके जनता को राहत दिए जाने में कुछ गलत नहीं है।

वैसे छत्तीसगढ़ सरकार ने कोविड-19 हॉस्पिटल बेड स्टेटस शुरू कर काबिले तारीफ काम किया है। इससे किन-किन जिलों में कितने सरकारी तथा निजी क्षेत्र में बिस्तर खाली हैं उनकी जानकारी मिल जा रही है। लेकिन इसमें सभी जिलों के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है। बेहतर होता यदि इसी में इस बात की भी जानकारी संलग्न हो कि कहां-कहां पर कोरोना की जांच कराई जा सकती है।


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