अंतरराष्ट्रीय
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने पड़ोसी देशों से कहा है कि वह 'युद्ध से बचना चाहते थे', लेकिन उन्हें इसके लिए मजबूर कर दिया गया.
मसूद पेज़ेश्कियान ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "हमारे मित्र और पड़ोसी देशों के सम्मानित नेताओं, हमने आपके साथ मिलकर और कूटनीति के ज़रिए युद्ध से बचने की कोशिश की है. लेकिन अमेरिकी-ज़ायोनिस्ट के सैन्य हमले ने हमें मजबूर कर दिया है कि हम अपनी रक्षा करें."
उन्होंने पड़ोसी देशों से कहा, "हम आपके अधिकार का सम्मान करते हैं और मानते हैं कि इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता इसके देशों की सामूहिक कोशिशों से ही हासिल हो सकती है."
गौरतलब है कि ईरान की संस्था 'फ़ाउंडेशन ऑफ़ मार्टियर्स एंड वेटरन्स' ने बताया है कि ईरान में जंग शुरू होने के बाद से अब तक 1045 शवों को दफ़नाया गया है.
बीबीसी फ़ारसी के मुतबिक़, ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स इन ईरान ने बताया है कि 19 प्रांतों में 104 हमलों में कुल 1,097 लोग मारे गए हैं. इसके अलावा, 5,402 नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें 100 बच्चे भी शामिल हैं. (bbc.com/hindi)


