अंतरराष्ट्रीय
सऊदी अरब, रूस और ओपेक प्लस के पांच अन्य सदस्यों ने तेल उत्पादन कोटा बढ़ा दिया है.
यह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के ओपेक से अचानक बाहर निकलने के बाद गठबंधन की निरंतरता और स्थिरता बनाए रखने के मक़सद से उठाया गया एक कदम है, जिसका पहले से अनुमान लगाया जा रहा था.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़ सात प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने घोषणा की है कि वे अगले महीने यानी जून में अपने उत्पादन कोटे में हर रोज़ 1,88,000 बैरल की बढ़ोतरी करेंगे.
ओपेक प्लस के बयान के अनुसार, ''ऐसे समय में जब मध्य पूर्व युद्ध ने तेल की कीमतों पर काफ़ी दबाव डाला है, यह एक ऐसा उपाय है जो तेल बाज़ार की स्थिरता बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता के अधीन आता है.''
अल्जीरिया, इराक़, कज़ाकिस्तान, कुवैत, ओमान, रूस और सऊदी अरब के बीच हुई एक ऑनलाइन बैठक के बाद जारी बयान में यूएई का कोई ज़िक्र नहीं किया गया.
तेल बाज़ार के विश्लेषकों को उत्पादन में इस बढ़ोतरी की उम्मीद थी, जो कि मार्च और अप्रैल में ओपेक प्लस की तरफ से घोषित 2,06,000 बैरल प्रति दिन की बढ़ोतरी के लगभग बराबर है.
अमेरिका और इसराइल के ईरान के साथ युद्ध के कारण वैश्विक ईंधन बाज़ार में अनिश्चितता के बीच मंगलवार को यूएई ने घोषणा की थी कि वह एक मई को पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) से बाहर हो जाएगा.
इस तरह से यूएई 2016 में बने ओपेक प्लस गठबंधन से भी बाहर हो गया है. इसमें ओपेक के सभी सदस्य देशों के साथ 10 अन्य देश शामिल हैं.
यूएई के बाहर निकलने से पहले तक ओपेक 12 सदस्य देशों का एक समूह था, जो प्रमुख तेल उत्पादक देशों का कार्टेल है. ओपेक अपने सदस्य देशों के लिए तेल उत्पादन का कोटा तय करता है. (bbc.com/hindi)


