सरगुजा
किसानों का आरोप- गोदाम में खाद रहने के बाद भी नहीं बांट रहे समिति प्रबंधक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अम्बिकापुर, 7 जुलाई। अंबिकापुर नगर के खरसिया चौक स्थित सहकारी समिति में यूरिया खाद नहीं देने व देर से दुकान खुलने से नाराज लगभग 400 से 500 की संख्या में किसानों ने अंबिकापुर-रायगढ़ मुख्य मार्ग में चक्का जाम कर दिया। चक्काजाम के कारण सडक़ के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, वहीं लोगों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद मौके पर अंबिकापुर एसडीएम प्रदीप साहू एवं पुलिस बल मौके पर पहुंच मोर्चा संभाला एवं किसानों को समझाइश देते हुए आवागमन को सुचारू रूप से प्रारंभ करवाया।
चक्काजाम के दौरान किसानों का कहना था कि धान की नर्सरी तैयार है, ऐसे में समय पर यूरिया खाद नहीं मिलने से पौधे मर जाएंगे। बुधवार को सुबह 5 बजे से किसान समिति के सामने खाद लेने लंबी-लंबी लाइन लगाकर खड़े थे पर दुकान नहीं खुला और किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पाया, इससे नाराज किसान सडक़ पर उतर गए और चक्काजाम कर दिया। किसानों का आरोप था कि गोदाम में खाद रखे हुए हैं, इसके बाद भी समिति प्रबंधक द्वारा उन्हें खाद नहीं दिया जा रहा है।
किसान ज्ञान प्रकाश पैकरा निवासी सोहगा ने बताया कि वह यूरिया खाद लेने 4 दिनों से आ रहा है और धूप में घंटों इंतजार कर रहा है लेकिन उसे न तो यूरिया खाद मिल रहा है और ना ही बीज। खाद नहीं मिलने के कारण पौधे मर रहे हैं।
किसान धनेश्वर यादव ने बताया कि वह सुबह 6 बजे से आकर बैठा है लेकिन दुकान खुला ही नहीं इसीलिए वह प्रदर्शन कर रहा है उसने बताया कि जब तक यूरिया नहीं मिलेगा वह नहीं जाएगा। धनेश्वर ने गोदाम में यूरिया रखने का और नहीं देने का आरोप लगाया।
लगभग 1 घंटे तक चक्काजाम होने के बाद किसानों को समझाइश देकर अंबिकापुर एसडीएम ने चक्काजाम समाप्त करवाया। इस दौरान एसडीएम ने जांच पड़ताल करने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी डेढ़ सौ बोरी यूरिया खाद उपलब्ध है। किसानों का टोकन काटा जा रहा है, डेढ़ सौ लोगों को ही आज खाद मिल पाएगा। बाकी लोगों को जब अगला खेप खाद का पहुंचेगा, तभी मिल पाएगा।
अगला खेप कब पहुंचेगा एसडीएम ने इसके लिए डीडीए से पूछना बताया। खाद देने के लिए किसानों को आधार कार्ड, किसान कार्ड व खसरा लेकर आने के प्रश्न पर एसडीएम ने कहा कि कई लोग जो किसान नहीं है खाद ले जा रहे हैं, इसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। इन तीनों दस्तावेज के लाने के बाद यह सिद्ध हो जाएगा कि वह किसान हैं।


