सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 30 जून। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक और उपलब्धि सामने आई है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच के लिए पहले बाहर अन्य शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था, परंतु अब उसकी जांच अंबिकापुर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के पैथोलॉजी विभाग में भी संभव हो सकेगी।
पैथोलॉजी विभाग में 2019 से हिस्टोपैथोलॉजी का कार्य प्रारंभ होने के पश्चात पिछले एक वर्ष में लगभग 1200 बायोप्सी एवं वर्ष 2017 से दो हजार से अधिक साइटोपैथोलॉजी की रिपोर्ट की गई है, जिसमें अलग-अलग प्रकार के बीमारियों की पुष्टि की गई जिसमें लगभग 250 बीमारियों ट्यूमर के रूप में कैंसर की पुष्टि हेतु प्राप्त हुए।
पैथोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आरसी. आर्या द्वारा बताया गया कि हिस्टोपैथोलॉजी एवं साइटोपैथोलॉजी जांच के द्वारा 115 मरीजों में कैंसर के होने की पुष्टि की गई। शेष मरीजों को कैंसर मुक्त पाया गया।
पूर्व में किसी भी गठान को कैंसर के रूप में संदेहास्पद समझे जाने पर उसकी पुष्टि हेतु बायोप्सी को शहर से बाहर रायपुर अथवा अन्य शहरों में भेजा जाता था लेकिन अब मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी विभाग में हिस्टोपैथोलॉजी एवं साइटोपैथोलॉजी जाँच प्रारंभ होने के कारण कैंसर के जांचे की पुष्टि अम्बिकापुर शहर में ही हो जाने से इसका सीधा लाभ मरीजों को मिल रहा है। सरगुजा संभाग के आटोप्सी के सेम्पल रिपोर्ट हेतु पूर्व में बिलासपुर एवं रायगढ़ भेजे जाते थे। अब पैथोलॉजी विभाग में ही आटोप्सी की रिपोर्टिंग 2020 से प्रारम्भ हो गयी है जिससे रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध करायी जा रही है। 2020 में विभाग में कुल 50 आटोप्सी रिपोर्ट कर उपलब्ध कराई गई है तथा वर्तमान में कुल 77 रिपोर्ट विभाग से उपलब्ध कराई जा चुकी है।
ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट प्रारंभ करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर
डॉ. आर्या ने बताया कि वर्तमान में पैथोलॉजी विभाग के अंतर्गत संचालित ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेंट प्रारंभ करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है ब्लड बैंक में ब्लड कंपोनेट हेतु पहले से ही एफ.डी.ए. से ले-आउट का अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है, तथा ब्लड कंपोनेंट हेतु उपकरणों के क्रय होते ही कंपोनेंट सेपरेशन हेतु लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकेगा, तत्पश्चात लाइसेंस प्राप्त होते ही ब्लड कंपोनेंट का कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा।


