सरगुजा

प्लास्टिक-पटाखा गोदाम में आग, 18 घंटे बाद काबू
24-Apr-2026 9:26 PM
प्लास्टिक-पटाखा गोदाम में आग, 18 घंटे बाद काबू

110 टैंकर से ज्यादा पानी लगा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अंबिकापुर, 24 अप्रैल। अंबिकापुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित मुकेश प्लास्टिक-पटाखा होलसेल गोदाम में लगी भीषण आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड को लगभग 17 से 18 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गुरुवार दोपहर शुरू हुई यह आग शुक्रवार तडक़े जाकर नियंत्रित हो सकी, हालांकि देर तक ऊपरी मंजिल से धुआं उठता रहा। इस घटना में तीन मंजिला इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जबकि आसपास के छह घरों को एहतियातन खाली कराना पड़ा।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा है कि प्रभावित परिवारों को भी उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में पहल की जाएगी।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे राम मंदिर के सामने स्थित गली में इस गोदाम में आग लग गई। शुरुआत में आग का पता नहीं चल सका, लेकिन करीब आधे घंटे बाद जब घना धुआं बाहर निकलने लगा, तब लोगों को इसकी जानकारी हुई। तब तक आग पहली मंजिल को अपनी चपेट में लेकर विकराल रूप धारण कर चुकी थी।

सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए अतिरिक्त मदद बुलाई गई। दरिमा एयरपोर्ट, अडानी माइंस और एसईसीएल विश्रामपुर से भी दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। आग इतनी भीषण थी कि देर रात तक 110 से अधिक पानी के टैंकर इस्तेमाल करने के बावजूद इसे पूरी तरह बुझाया नहीं जा सका था।

बताया जा रहा है कि जिस गोदाम में आग लगी, वहां पहले पटाखों का थोक कारोबार होता था। हालांकि कुछ वर्ष पहले संचालक द्वारा यह व्यवसाय अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन घटना के दौरान लगातार हो रहे विस्फोटों से स्पष्ट हुआ कि गोदाम में अब भी पटाखों का स्टॉक मौजूद था। इसके अलावा बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री भी रखी हुई थी, जिसने आग को और भडक़ाने का काम किया।

 बिल्डिंग में आग लगने और लगातार पानी की बौछार के कारण इमारत की संरचना कमजोर हो गई और तीन मंजिला भवन का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। इस वजह से फायर ब्रिगेड की टीम अंदर प्रवेश नहीं कर सकी और बाहर से ही आग पर काबू पाने का प्रयास जारी रखा गया।

आग की लपटें आसपास के मकानों तक पहुंच गई थीं। पीछे स्थित शुक्ला परिवार और एक अन्य घर में भी आग लग गई थी, जबकि सामने की दो दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि समय रहते इन जगहों पर आग को फैलने से रोक लिया गया। घटना के चलते आसपास के छह घरों को खाली कराया गया और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कई परिवारों ने पास स्थित राम मंदिर आश्रम में शरण ली।

आग पर काबू पाने के दौरान पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे रातभर क्षेत्र में अंधेरा छाया रहा। गर्मी और उमस के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शुक्रवार सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन एहतियात के तौर पर दमकल, निगम और पुलिस टीम मौके पर तैनात रही।

प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि प्रशासन द्वारा विस्तृत जांच जारी है। इस हादसे में गोदाम में रखे लाखों रुपए के प्लास्टिक सामान और पटाखे जलकर पूरी तरह खाक हो गए हैं। कुल नुकसान करोड़ों रुपए में आंका जा रहा है। आसपास के घरों को भी क्षति पहुंची है।

फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


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