सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 23 अप्रैल। नगर के भाथूपारा तालाब की भूमि पर किए गए अवैध समतलीकरण और निर्माण के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज कर दी है। नगर निगम द्वारा पूर्व में दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के बाद अब अतिक्रमण हटाने के लिए निगम की विशेष टीम गठित कर दी गई है।
अधिकारियों के अनुसार शीघ्र ही तिथि निर्धारित कर सीमांकन के आधार पर तालाब की भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम आयुक्त ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज तालाब की पूरी भूमि को चिन्हित कर जहां-जहां मिट्टी डालकर समतलीकरण किया गया है, वहां से अतिक्रमण हटाया जाएगा। साथ ही इस कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं से ही वसूल किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार भाथूपारा तालाब का क्षेत्रफल बीते एक दशक में लगातार कम होता गया है। राजस्व अभिलेखों में तालाब का मूल रकबा लगभग 3 एकड़ 67 डिसमिल दर्ज है, जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार अतिक्रमण के कारण यह घटकर करीब 1 एकड़ 40 डिसमिल रह गया है। इस विषय को लेकर मोहल्लेवासियों में लंबे समय से असंतोष बना हुआ था।
तालाब की भूमि पर किए जा रहे समतलीकरण और निर्माण कार्य के विरोध में स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए जांच के निर्देश दिए थे। राजस्व और नगर निगम की संयुक्त जांच में अवैध समतलीकरण की पुष्टि होने के बाद अब हटाने की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने निगम की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि तालाब को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण समय की आवश्यकता है और इस तरह के अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति और जल स्रोतों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


