सरगुजा
अंबिकापुर, 25 जनवरी। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज़ आलम गांधी ने भाजपा की साय सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि दो वर्षों के कार्यकाल में सरकार ने प्रदेश की जनता को निराशा के अलावा कुछ नहीं दिया। उपलब्धियों के दावे करने वाली साय सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की 17 महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं को दुर्भावनापूर्ण तरीके से बंद कर दिया है, जिससे आम जनता सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों, महिलाओं, युवाओं, गरीबों और वंचित वर्ग के हित में शुरू की गई योजनाओं को भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही एक-एक कर समाप्त कर दिया। इन योजनाओं से प्रदेश की जनता को आर्थिक संबल, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मिल रही थी, जिसे वर्तमान सरकार ने छीन लिया है।
उन्होंने बताया कि बंद की गई प्रमुख योजनाओं में बिजली बिल हाफ योजना, राजीव मितान योजना, गोधन न्याय योजना, बेरोजगारी भत्ता, रीपा, मुख्यमंत्री कर्ज माफी योजना, सिंचाई कर माफी, महिला समूहों की ऋण माफी, मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ परब सम्मान निधि, कोदो-कुटकी-रागी खरीदी योजना, नरवा-गरवा-घुरवा-बारी, मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, धरसा विकास योजना, शहरी गरीबों को पट्टा एवं आवास, छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक एवं मुख्यमंत्री सुपोषण योजना शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से किसानों को आय का सहारा, युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और गरीबों को सम्मान मिल रहा था। लेकिन भाजपा सरकार के कार्यकाल में अनाप-शनाप बिजली बिल, अधिकारियों-कर्मचारियों की मनमानी और दादागिरी बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के हितों को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने कहा कि साय सरकार दो वर्षों में पूरी तरह विफल साबित हुई है और यह सरकार विकास के बजाय जनविरोधी फैसलों के लिए जानी जा रही है। जनता अब यह समझ चुकी है कि भाजपा की नीतियां केवल घोषणाओं तक सीमित हैं, जमीनी स्तर पर कोई ठोस लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता के अधिकारों की लड़ाई सडक़ से सदन तक लड़ेगी और बंद की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को पुन: लागू कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा।


