सरगुजा
पानी टंकी निर्माण अधूरा, जल जीवन मिशन योजना का नहीं मिल रहा लाभ
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
लखनपुर, 28 मई। लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के लखनपुर विकासखंड के ग्राम कटिंदा के आश्रित ग्राम बगदेवा के 2 दर्जन से अधिक विशेष आरक्षित पंडो जनजाति परिवार के लोग ढोढ़ी का दूषित पानी पीने को मजबूर हंै।
लखनपुर ब्लॉक मुख्यालय से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति यह आश्रित ग्राम जहां लगभग दो दर्जन से अधिक परिवार निवासरत हंै, लगभग 1 किलोमीटर की दूरी तय कर खेत में बने ढोढ़ी का दूषित पानी लाकर पीने को मजबूर हंै। जबकि ढोढ़ी का दूषित पानी पीने योग्य नहीं है और ढोढ़ी के पानी पीने से आए दिन यहां निवास करने वाले ग्रामीण परिवार बीमार पड़ते रहते हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। प्रत्येक वर्ष गर्मी के मौसम में हैंडपंप ड्राई तथा खराब होने की स्थिति में ढोढ़ी का दूषित पानी उपयोग करते हंै। गांव में दो हैंडपंप ड्राई पड़े हुए हैं, वहीं जल जीवन मिशन योजना के तहत तहत घरों में नल कनेक्शन तो दिए गए हैं, लेकिन उन नलों से पानी नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि पानी टंकी का निर्माण अधूरा पड़ा है।
विशेष आरक्षित पण्डो जनजाति परिवार के द्वारा कई बार हैंडपंप मरम्मत कराने सरपंचों को कहा गया, परंतु इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन योजना के तहत गांव में पानी टंकी का निर्माण करा घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है, परंतु पीएचई विभाग की अधिकारियों की लापरवाही के कारण जल जीवन मिशन योजना का लाभ गांव में निवास करने वाले ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
ढोढ़ी से पानी भरने लंबी कतार
ग्राम बगदेवा के ग्रामीणों ने बताया कि पानी भरने के लिए ऊबड़-खाबड़ रास्तों से 1 किलोमीटर की दूरी तय कर खेत में बने ढोढ़ी तक पहुंचते हैं और कतार में खड़ा होकर ढोढ़ी से पानी भरने अपने पारी का इंतज़ार करते है। यही नहीं पानी भरकर जान जोखिम में डाल पुन: उन्हीं ऊबड़-खाबड़ रास्तों से पानी लेकर अपने घर पहुंच दूषित पानी पीते हंै।
इस संबंध में लुण्ड्रा विधायक प्रतिनिधि राकेश साहू ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पीएचई विभाग के सब इंजीनियर से चर्चा की गई है। दो-तीन दिन के भीतर हैंडपंपों की मरम्मत कार्य कराया लिया जाएगा। मौसम साफ होने की स्थिति में 1 माह के भीतर नया बोर कराया जाएगा।


