सरगुजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अंबिकापुर, 22 मई। अंबिकापुर प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिला पंचायत में पत्रकारों से वार्ता करते हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा- जबसे भाजपा की सरकार प्रदेश में आई है, हमारे जवान नक्सलियों के साथ मजबूती से लड़ रहे हैं और जवानों को सफलता भी मिल रही है। देश के गृहमंत्री अमित शाह नक्सलगढ़ बस्तर में पहुंच कर जवानों के साथ भोजन कर रहे हैं, जवानों की हौसला अफजाई कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं खुद जवानों के साथ कैंप में रात गुजारा हूं, जवानों का उत्साह बहुत बढ़ा हुआ है। यही वजह है कि जवान नक्सलियों के साथ डटकर मुकाबला कर रहे है। नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत नक्सलियों का हेड महासचिव बसवाराजू मारा गया है। नक्सलियों के महासचिव बसवराजू के मारे जाने से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा है, नक्सलियों की कमर टूट गई है।
सरगुजा में रेल विस्तार के प्रश्न पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन का सर्वे हो चुका है,जल्द ही इसे गति प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में रेलवे का बजट 22 गुना बढ़ा है, अभी वर्तमान में 47000 करोड़ का कार्य चल रहा है। तीन नए रेल परियोजनाओं को अभी-अभी स्वीकृति मिली है। अंबिकापुर रेणुकूट रेल लाइन के कार्य को भी शीघ्र संज्ञान में लेकर इस परियोजना को स्वीकृति मिले इसके लिए प्रयास किया जाएगा।
अंबिकापुर-बरवाडीह रेल लाइन में है कई दिक्कत, अलाभकारी बताकर किया जा चुका है खारिज
अंबिकापुर-बरवाडीह रेल लाइन में कई व्यवहारिक दिक्कत हैं। पहले कोल इंडिया से पीपीपी मॉडल में सहभागिता की उम्मीद थी, लेकिन कोल इंडिया ने इस रेल लाइन में निवेश से मना कर दिया, क्योंकि उनकी खदानें इस लाइन के आसपास नहीं हैं। अंबिकापुर-बरवाडीह रेल लाइन का फाइनल सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और डीपीआर जमा कर दिया गया है। लेकिन पूर्व में रेलवे की डीपीआर फाइनल लोकेशन सर्वे रिपोर्ट, प्रोजेक्ट इवोल्यूशन कमेटी रिपोर्ट, छत्तीसगढ़ रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के परामर्शी ठेका रिपोर्ट में अंबिकापुर से बरवाडीह रेल लाइन को अनुपयोगी बताया गया है। वैसे इससे पहले इस रेल लाइन का अब तक छह बार सर्वे हो चुका है और हर बार इसे अव्यवहारिक एवं अलाभकारी बताकर खारिज किया गया है। अभी फिर से अंबिकापुर बरवाडीह रेल लाइन का फाइनल सर्वे हो चुका है अब उसे आगे क्या गति मिलेगी आने वाले समय में रेलवे बोर्ड बताएगा।
अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन की सौंपी जा चुकी है डीपीआर
अंबिकापुर से रेणुकूट रेल लाइन परियोजना की लंबाई करीब 144 किमी है। इसमें 12 नए स्टेशन प्रस्तावित हैं। रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा हो चुका है और डीपीआर रेलवे बोर्ड को सौंपी जा चुकी है। यह रेल लाइन अन्य प्रस्तावित लाइन अंबिकापुर-बरवाडीह की तुलना में कम दूरी और लागत के कारण अधिक व्यवहारिक है। इस रेल लाइन को स्वीकृति दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा में सर्वसम्मति से पूर्व में प्रस्ताव पारित भी किया जा चुका है। लेकिन अभी भी इस रेल लाइन को स्वीकृति नहीं मिली है, जिससे सरगुजा के लोगों में निराशा है।


