सरगुजा

आरएसएस का वर्ष प्रतिपदा उत्सव व शारीरिक प्रकटोत्सव
31-Mar-2025 8:25 PM
आरएसएस का वर्ष प्रतिपदा उत्सव व शारीरिक प्रकटोत्सव

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अम्बिकापुर, 31 मार्च। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वर्ष प्रतिपदा उत्सव एवं शारीरिक प्रकटोत्सव कार्यक्रम रविवार को सायं 6 बजे से गांधी स्टेडियम में मुख्य वक्ता नारायण नामदेव सह प्रांत प्रचारक छत्तीसगढ़ की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

वर्ष प्रतिपदा उत्सव कार्यक्रम की शुरुवात केशव अर्चना एवं आध्य सर संघचालक प्रणाम से हुई। ध्वजारोहण कर शारीरिक प्रकटोत्सव कार्यक्रम की शुरुवात की गई। स्वयंसेवकों द्वारा दंड, नियुद्ध, समता एवं घोष का प्रयोग किया गया, इसके पश्चात सभी गणवेशी स्वयंसेवकों ने व्यायाम योग, आसन एवं गीत गाये।

मुख्य वक्ता नारायण नामदेव ने कहा कि आज वर्ष प्रतिपदा नवरात्रि आरंभ, गुड़ी पड़वा,चेट्रीचंड्र के अवसर पर उपस्थित सभी सज्जन शक्ति, माताएं, बंधु, भगिनी एवं सभी स्वयंसेवक, पत्रकार गण को हार्दिक शुभकामनाएं। हम बहुत ही भाग्यशाली है जो संघ के शताब्दी वर्ष के योजना के भागीदारी बनने जा रहे हैं। भारत बहुत ही वैभवशाली देश है जहाँ वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप, गुरु घासीदास जैसे अनेक वीरों एवं संतों ने जन्म लिया और उनके किए गए कार्य हमारे लिए प्रेरणा एवं ऊर्जा देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि पूरे भारत वर्ष में उत्सव के सभी आयोजनों को देखेंगे तो करीब 2600 से ज्यादा आयोजन वर्ष भर में होते हैं, अर्थात प्रतिदिन 7 से ज्यादा कार्यक्रम होते हैं, इसलिए हम भारत को उत्सवों का देश कहते हंै, आज हमारे आध्य सर संघचालक डॉ. केशव बलिराम पंत हेडगेवार जी का जन्म दिन है।

अत: उन्हें आदर पूर्वक आध्य सर संघचालक प्रणाम किया जाता है । उनके द्वारा शुरू किए गए इस पुनीत कार्य के 100 वर्ष इसी वर्ष पूर्ण हो रहे है .ऐसे समय यह आवश्यक हो जाता है कि भारत की यूवा एवं बाल पीढ़ी को इस देश की सही तस्वीर की जानकारी देवे।

श्री नामदेव ने कहा कि संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा जो 21 से 23 मार्च तक बंगलुरु में हुई उसमें जो प्रस्ताव पारित हुए उसमे से महत्व पूर्ण प्रस्ताव हाल में बांग्ला देश में अल्प संख्यकों पर हो रहे अत्याचार के बारे में धार्मिक असहिष्णुता ,मानवाधिकारों का उल्लंघन की कड़ी निदा करते हुए वैश्विक समुदाय से निर्णायक कार्यवाही करने का आग्रह किया गया है ।

सामाजिक व्यवस्था पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरे भारत में एक जागरूकता का वातावरण समाज में दिख रहा है लेकिन हमें समाज में सामाजिक समरसता का भाव समाज के अंतिम व्यक्ति एवं ग्राम तक जगाने की आवश्यकता है। हमारे समाज का मुख्य आधार हमारी कुटुंब व्यवस्था है इस और भी हमारे कुटुंब प्रबोधन के कार्यक्रम नियमित चलते रहना चाहिए।  पर्यावरण संरक्षण एक नियमित किए जाने वाले कार्यक्रम है। पर्यावरण संरक्षण मात्र एक नारा नहीं होना चाहिए इस हेतु शहर से लेकर गाव तक पर्याप्त कार्य करने की आवशक्ता है ,हमे जल बचाना है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से लगातार भारत माँ को परम वैभव के शिखर पर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है । उक्त जानकारी नगर कार्यवाह अनुज दुबे ने दी।


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