सुकमा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सुकमा, 14 फरवरी। महाशिवरात्रि के अवसर पर सुकमा जिले के कोंटा में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले में लगाए जा रहे झूलों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। के. सुब्बाराव, संभागीय सचिव, छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने संभावित दुर्घटनाओं की आशंका जताते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर झूलों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
ज्ञापन में हाल ही में हुए दो बड़े झूला हादसों का उल्लेख किया गया है। सूरजकुंड मेले में हुए झूला हादसे में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मृत्यु और कई लोगों के घायल होने की घटना सामने आई थी। वहीं 10 फरवरी 2026 को शिवरीनारायण मेले में चल रहे ‘आकाश झूले’ की कुर्सी टूटकर गिरने से दो युवतियां गंभीर रूप से घायल हो गईं।
इन घटनाओं के मद्देनजर कोंटा में लगाए जा रहे झूलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
तकनीकी खामियों का आरोप
ज्ञापन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित कमियां पाई गईं-झूलों के मुख्य ढांचे, लोहे के एंगल्स और जोड़ में भारी जंग लगी हुई है। पुराने और जर्जर सामग्री का समुचित रखरखाव नहीं किया गया है। बिना सुरक्षा ऑडिट और फिटनेस प्रमाण पत्र के झूलों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है। सुब्बाराव ने आशंका जताई है कि यदि इन झूलों का संचालन बिना तकनीकी जांच के शुरू किया गया, तो गंभीर दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ज्ञापन में प्रशासन से आग्रह किया गया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए झूलों की स्थापना और संचालन पर तब तक रोक लगाई जाए।
जब तक कि तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जांच कर सुरक्षा संबंधी ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ जारी न कर दिया जाए।
इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।


