सुकमा

एम्बुलेंस नहीं मिली, 6 किमी खाट पर शव गांव ले गए परिजन
13-Dec-2025 1:36 PM
एम्बुलेंस नहीं मिली, 6 किमी खाट पर शव गांव ले गए परिजन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सुकमा, 13 दिसंबर। सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र के चिमलीपेंटा में एक युवक की तबीयत खराब होने पर समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। परिजनों के अनुसार, इलाज के लिए ले जाते समय युवक की मृत्यु हो गई, जिसके बाद शव ले जाने के लिए भी एम्बुलेंस नहीं मिल पाई। जिसके कारण 6 किमी दूर गांव खाट पर शव ले गए।

यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर जगरगुंडा क्षेत्र के चिमलिपेंटा गांव की बताई जा रही है। 

परिजनों के अनुसार,  बारसे रामेश्वरम को हाथ-पैर में सूजन और पेट दर्द की शिकायत थी। पहले उसका इलाज चिमलीपेंटा गांव से 6 किमी दूरजगरगुंडा अस्पताल में कराया गया था। बाद में घर पर अचानक तबीयत बिगडऩे पर परिजनों ने एम्बुलेंस के लिए संपर्क किया।

परिजनों का कहना है कि कई बार फोन करने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद वे युवक को दुपहिया वाहन से अस्पताल ले जाने निकले, लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।

परिजनों ने बताया कि मृत्यु के बाद शव को ले जाने के लिए फिर से एम्बुलेंस की मांग की गई, लेकिन उन्हें अवकाश का हवाला देकर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद परिजन खाट पर शव को घर ले गए।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में एम्बुलेंस नहीं मिलने से उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

चिमलीपेंटा के सरपंच इरपा कृष्टा ने बताया कि रामेश्वरम पिछले एक महीने से लगातार बीमार था। गुरुवार को अस्पताल में उपचार के बाद परिजन तो घर ले गए, लेकिन शुक्रवार को फिर से लाने की सलाह देकर शाम को डिस्चार्ज कर दिया गया था। शुक्रवार सुबह जब हालत ज्यादा खराब हुई तो परिजन उसे बाइक से लेकर अस्पताल जा रहे थे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रामेश्वरम की मौत हो गई। अस्पताल में एंबुलेंस खड़ी थी, लेकिन ड्राइवर छुट्टी का हवाला देकर देने से मना कर दिया। मजबूरन शव को चारपाई पर लादकर ले जाना पड़ा। 

इस संबंध में कलेक्टर देवेश ध्रुव ने कहा कि वे मामले की जानकारी लेकर जांच कराएंगे।


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