सारंगढ़-बिलाईगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़-बिलाईगढ़, 16 अप्रैल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा 15 अप्रैल को पुष्प वाटिका में एक जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष (शून्य से शतक)’ रखा गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ प्रांत के सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में संघ की स्थापना से अब तक की गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करता रहा है। उन्होंने शताब्दी वर्ष को संगठन के लिए संकल्प का वर्ष बताया और स्वयंसेवकों से समाज के विभिन्न वर्गों के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन जैसे विषयों पर भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गुरुमाता सेत बाई रामनामी (अध्यक्ष, रामनामी समाज, छत्तीसगढ़ केंद्र चंदलीडीह) रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में समाज और संस्कृति के संरक्षण से जुड़े विषयों पर विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संघचालक डॉ. फिरत राम निराला ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि का स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों की उपस्थिति रही। अंत में ‘वंदे मातरम’ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।


