सारंगढ़-बिलाईगढ़

मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज न होने का आरोप
23-Jan-2026 4:38 PM
मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज न होने का आरोप

तहसीलदार ने कोतवाली के बाहर किया अनशन, रिपोर्ट दर्ज होने पर माने

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 23 जनवरी। सारंगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र में मारपीट के एक मामले में एफआईआर दर्ज न होने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार वंदे राम भगत ने थाना परिसर के बाहर गुरुवार शाम करीब 6 बजे से अनशन शुरू किया। तहसीलदार का कहना है कि उनके पुत्र राहुल भगत के साथ सार्वजनिक स्थान पर मारपीट की घटना हुई थी, जिसकी शिकायत किए जाने के बावजूद कोतवाली पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।

दोषियों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद तहसीलदार ने रात 12 बजे अनशन खत्म किया।

तहसीलदार वंदे राम भगत के अनुसार, उन्होंने अपने पुत्र के साथ हुई घटना को लेकर कई बार थाना स्तर पर आवेदन दिया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में उन्होंने कोतवाली के मुख्य द्वार पर अनशन शुरू किया। अनशन की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग भी थाना परिसर के बाहर एकत्रित हो गए।

घटना को लेकर तहसीलदार का कहना है कि यदि एक शासकीय अधिकारी को शिकायत दर्ज कराने के लिए इस तरह का कदम उठाना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति को समझा जा सकता है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

स्थानीय प्रशासन व पुलिस के बीच समन्वय के माध्यम से मामले के समाधान की प्रक्रिया चली और दोषी पर एफआईआर दर्ज होने के बाद तहसीलदार ने रात 12 बजे अनशन खत्म किया।

 एसडीओपी  स्नेहिल साहू ने बताया कि जैसा आवेदन दिया गया था, उसी अनुसार कार्रवाई की। इस मामले को लेकर पुलिस ने प्रारंभिक जांच की है और पाया गया कि यह घटना असंज्ञेय अपराध की श्रेणी में आती है। इसलिए पीडि़त के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर धारा 323 के तहत मामला दर्ज किया गया है।


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