राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 4 मई। जिला चिकित्सालय के प्रसूति वार्ड में कलेक्टर जितेन्द्र यादव को बीती रात आकस्मिक निरीक्षण के दौरान ड्यूटी डॉक्टर नदारत मिले। कलेक्टर इस अव्यवस्था को लेकर सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद से जानकारी ली।
बताया गया कि कलेक्टर को सिविल सर्जन ने ड्यूटी डॉक्टर द्वारा बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के संबंध में अवगत कराया। पिछले दिनों भी ड्यूटी डॉक्टरों के कार्य के दौरान गायब रहने की शिकायतें रही है। डॉ. तरूण कोठारी पर प्रसूति वार्ड में अनुपस्थित रहने के लिए कलेक्टर ने सख्ती दिखाते चेतावनी दी थी। इसके बावजूद जिला चिकित्सालय की चिकित्सकीय व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद पदभार ग्रहण करने के बाद से लगातार व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन चिकित्सकों के मनमाने रवैये के कारण व्यवस्था बिगड़ रही है। इस बीच बीती रात को लगभग 2 बजे कलेक्टर यादव ने महिला वार्ड का अचानक दौरा किया। कलेक्टर को वार्ड में ड्यूटी डॉक्टर डेनियल गायब मिले। इस पर कलेक्टर नाराज हो गए। उन्होंने सिविल सर्जन को हर हाल में चिकित्सकों को तय समय पर काम करने का निर्देश दिया।
बताया जा रहा है कि सिविल सर्जन ने कुछ मामलों को लेकर कलेक्टर को जानकारी दी। खासतौर पर चिकित्सकों की कमी से भी अवगत कराया। कलेक्टर ने डीएमएफ फंड से तत्काल चिकित्सकों की भर्ती करने के निर्देश दिए। जिला चिकित्सालय में आधा दर्जन स्त्री रोग चिकित्सक कार्यरत हैं। जिसमें 2 वरिष्ठ और 3 मेडिकल आफिसर के पद पर कार्यरत हैं। यह भी बात कलेक्टर के सामने आई कि प्रत्येक रविवार को चिकित्सक नियमों के खिलाफ जाकर अवकाश पर रहते हैं। इस वजह से भी रविवार को प्रसूति वार्ड स्टॉफ नर्सो के हवाले होता है।
स्टॉफ नर्सों की ओर से भी चिकित्सकों की अनुपस्थिति को लेकर सिविल सर्जन को बतौर जानकारी दी गई है। कुछ माह पूर्व स्टॉफ नर्सों पर चिकित्सकों की अनुपस्थिति के चलते प्रशासनिक कार्रवाई हुई थी। शासन के निर्देश के मुताबिक स्त्री रोग वार्ड में चिकित्सक की अनुपस्थिति में ही डिलीवरी कराने का प्रावधान है। जिला चिकित्सालय में पिछले सालों से चिकित्सक तय समय पर वार्डों से नदारत रहते हैं। ऐसे में स्टॉफ नर्सों को ही प्रसूति महिलाओं का भार उठाना पड़ता है।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन को अनुपस्थित चिकित्सक पर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि कलेक्टर के कड़े रूख के चलते बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
नेत्र चिकित्सकों को नोटिस देने की तैयारी
सिविल सर्जन द्वारा नेत्र चिकित्सकों को बीते शनिवार को बिना जानकारी के ओपीड़ी से अनुपस्थित रहने को लेकर नोटिस देने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि शनिवार को दोनों नेत्र चिकित्सक ओपीड़ी में नहीं थे। एक व्यक्ति द्वारा चिकित्सकों की अनुपस्थिति के संबंध में शासन तक शिकायत की गई थी। राज्य सरकार से सिविल सर्जन को एक आदेश जारी कर अनुपस्थिति के संबंध में चिकित्सकों को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं- कलेक्टर
बीती रात को आकस्मिक निरीक्षण के संबंध में कलेक्टर श्री यादव ने कहा कि चिकित्सकीय मसलों पर लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने रात को इमरजेंसी वार्ड एवं दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण करने के विषय में बताया कि अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयासरत है।


