राजनांदगांव
पुरूलिया जिले में सभी 7 सीटों पर टीएमसी का सफाया
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 4 मई। पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों ने भाजपा में उत्साह भर दिया है। चुनावी परिणाम को पक्ष में लाने की कवायद में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा ने भी दिन-रात जमीनी स्तर पर सत्तारूढ़ दल टीएमसी के खिलाफ रणनीतिक तौर पर मोर्चा सम्हाले रखा।
नतीजतन उनके प्रभार वाले विधानसभा में भाजपा जीत सुनिश्चित हो गई है। वहीं पुरूलिया जिले के सभी 7 सीटों पर भाजपा ने बढ़त बनाए रखा है। ‘छत्तीसगढ़’ से चुनावी परिणाम पर चर्चा करते श्री शर्मा ने कहा कि दो माह तक वह पार्टी नेतृत्व के दिशा-निर्देश पर तैनात रहे। भाजपा के लिए जीत का मार्ग प्रशस्त करना आसान नहीं था। इसके पीछे वजह यह है कि बंगाल का चुनावी इतिहास काफी हिंसात्मक रहा है, लेकिन बेहतर चुनावी प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के सामने इस बार हिंसा कहीं पर भी नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि बंगाल की जीत एक तरह से भय पर भरोसे की जीत है। अब ममता बनर्जी सरकार का डेढ़ दशक का जंगलराज खत्म हो गया।
श्री शर्मा ने कहा कि इसके लिए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी का कुशल नेतृत्व, गृहमंत्री की ठोस रणनीति और राष्ट्रीय अध्यक्ष का सशक्त मार्गदर्शन सकारात्मक परिणाम लेकर आया है। श्री शर्मा ने अपने प्रभार वाले विधानसभा के अलावा समूचे पश्चिम बंगाल क ी जनता को बधाई देते कहा कि उनके प्रभार वाले मान बाजार विधानसभा में 15 साल से टीएमसी की संध्यारानी टुडो (वर्तमान मंत्री) को भाजपा की मायना मुर्मू ने लगभग परास्त कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सही मायने में पश्चिम बंगाल में अब सुशासन का उदय हुआ है। डबल इंजन की सरकार अब विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब हिन्दूत्व व सनातन का वर्चस्व रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी गतिविधियों के दौरान हिंसा से परे नतीजे आए हैं। इससे यह साबित हो गया कि केंद्र सरकार ने पुख्ता इंतजाम किया और लोगों ने निर्भिक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
0 नीलू 7वीं बार चुनावी गतिविधियों में रहे आगे
पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा को केंद्रीय नेतृत्व ने चुनावी प्रबंधन का जिम्मा सौंपा था। श्री शर्मा 7वीं बार गैर छत्तीसगढ़ राज्य में चुनावी गतिविधियों को संचालित करने के लिए आगे रहे। इससे पहले वह बिहार में भी अपनी रणनीतिक कौशलता की बदौलत पार्टी के लिए जीत सुनिश्चित करने में कामयाब रहे। वह 2021 में भी असम में धुंआधार प्रचार के लिए गए थे। वहां भी भाजपा की ताजपोशी हुई। इसके अलावा नीलू अन्य राज्यों में भी पार्टी के निर्देश पर चुनावी प्रबंधन से लेकर अन्य गतिविधियों को संचालित करने के लिए जा चुके हैं।


