राजनांदगांव
पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर ने कांग्रेस का रखा पक्ष
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 26 अप्रैल। महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। बिल पर कांग्रेस का पक्ष रखते हुए पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर ने कहा कि पार्टी सदैव महिला आरक्षण बिल की हिमायती रही है। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) सितंबर 2023 में पास हो चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन गया है।
शनिवार को स्थानीय प्रेस क्लब में पूर्व विधायक श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि 16 अप्रैल को भाजपा ने एक साजिश के तहत परिसीमन बिल के इरादे से महिला आरक्षण बिल को मुखौटा बनाया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भाजपा के नाकाम इरादों पर पानी फेर दिया। इस हार से बौखलाहट में भाजपा और केंद्र सरकार देश में विपक्षी दलों के खिलाफ महिला विरोधी होने का दुष्प्रचार कर रही है।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि विपक्षी दल जनगणना के बाद आंकड़ों के आधार पर परिसीमन करने की मांग कर रही है। केंद्र सरकार ने जाति गणना करने का वादा भी किया है। कांग्रेस इस बात पर भी जोर दे रही है, जब 33 फीसदी महिलाओं का आरक्षण देना है तो मौजूदा लोकसभा की संख्या के आधार पर केंद्र क्यों फैसला नहीं कर रही है।
श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि 2023 में बिल पास होने के बावजूद महिला आरक्षण को भाजपा लागू नहीं कर रही है। इसके पीछे केंद्र सरकार की साजिश है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रारंभ से ही महिला आरक्षण की पक्षधर रही है। पंचायतों-निकायों में 1989 में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया गया था। पत्रकारवार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष विपिन यादव, शहर अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार, पूर्व महापौर हेमा देशमुख, शारदा तिवारी समेत अन्य कांग्रेसजन उपस्थित थे।


