राजनांदगांव

विधेयक नहीं, कई और कृत्यों के लिए देश की महिलाओं से माफी मांगे मोदी - पिंटू
24-Apr-2026 4:26 PM
विधेयक नहीं, कई और कृत्यों के लिए देश की महिलाओं से माफी मांगे मोदी - पिंटू

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 24 अप्रैल
। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता कमलजीत पिंटू ने कहा कि 18 अप्रैल को अपने संबोधन में नरेंद्र मोदी ने संसद में तीन विधेयकों के पैकेज को पारित न करा पाने पर देश की माताओं और बहनों से ‘माफी मांगी’।
हालांकि बीते कुछ सालों में ऐसे कई मौके सामने आए हैं, जहां प्रधानमंत्री मोदी का माफी मांगना ज्यादा उपयुक्त होता। सबसे पहले यह स्पष्ट कर लेना जरूरी है कि पिछले सप्ताह संसद में विपक्षी दलों द्वारा जिस विधेयक को खारिज किया गया, वह महिला आरक्षण विधेयक 2026 नहीं था, बल्कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 था। इस विधेयक का उद्देश्य परिसीमन (डिलिमिटेशन) के जरिये लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना था, लेकिन मोदी सरकार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने में विफल रही और विधेयक पारित नहीं हो सका।

इसमें लोकसभा की सीटों को बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव भी था। जिससे दक्षिणी और पूर्वी राज्यों के हित प्रभावित होते, इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी सरकार यह दावा करती रही कि उसने महिला आरक्षण के लिए पूरा प्रयास किया, लेकिन यह नहीं बताया कि 2023 का वास्तविक महिला आरक्षण विधेयक उसी वर्ष पारित हो चुका था और विपक्ष ने उसका पूर्ण समर्थन किया था।
दरअसल  विपक्षी दलों का विरोध इस बात को लेकर था कि सरकार ने महिला आरक्षण को चुपचाप परिसीमन से जोड़ दिया। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रीय टेलीविजन पर विपक्ष के खिलाफ  राजनीतिक हमला बोला, जो कि राज्य चुनावों के दौरान सरकारी माध्यमों के उपयोग के नियमों का उल्लंघन माना गया है।

अपने संबोधन में उन्होंने विपक्ष पर (कन्या भ्रूण हत्या) का आरोप लगाया और विशेष रूप से टीएमसी और डीएमके को निशाना बनाया, जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। मोदी ने ‘देश की माताओं और बहनों’ से माफी भी मांगी और कहा कि ‘एक महिला सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती’।


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