राजनांदगांव
राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 24 अप्रैल। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा एवं बौद्धिक विकास की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं हस्तलिखित ग्रन्थों अन्य धरोहरों को संरक्षित एवं सुरक्षित करने के उद्देश्य से ज्ञानभारतम मिशन प्रारंभ किया गया है। इस मिशन अंतर्गत पांडुलिपियों, ताड़पत्रों, दुर्लभ हस्तलिखित ग्रन्थों व चित्रकारी के संस्थागत (निजी एवं सरकारी) संग्रह केन्द्रों एवं व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं का चिन्हीकरण व सर्वेक्षण किया जाएगा।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में ज्ञानभारतम मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इस सर्वेक्षण अभियान के क्रियान्वयन तथा पाण्डुलिपियों की पहचान एवं दस्तावेजीकरण गतिविधियां संचालित करने हेतु जिले अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों को नोडल अधिकारी व सर्वेक्षणकर्ता नियुक्त किया गया है। सर्वेक्षण कार्य गूगल प्ले स्टोर पर नि:शुल्क डाउनलोड हेतु उपलब्ध मोबाइल एप्लीकेशन ज्ञान भारतम मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा सर्व संबंधित विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों एवं सर्वेक्षणकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने एवं सर्वेक्षण कार्य से संबंधित अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। ज्ञानभारतम मिशन के तहत राजनांदगांव जिला अंतर्गत अब तक 3 पाण्डुलिपियां प्राप्त हुई है। जिसमें पहला पाण्डुलिपि दिग्विजय कॉलेज राधाकृष्ण मंदिर में प्राप्त हुआ है। जिसमें संस्कृत भाषा में धार्मिक श्लोक व मंत्र इत्यादि लिखे हुए हैं। दूसरा पांडुलिपि दिग्विजय कॉलेज में इतिहास के प्राध्यापक डॉ. शैलेन्द्र सिंह के पास हस्तलिखित पाण्डुलिपि प्राप्त हुआ है, जो धार्मिक एवं अवधि भाषा (सन 1870 से 1890 ई.) में लिखा हुआ है।
तीसरी पांडुलिपि छुरिया विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम रतनभाट में रहीम मियां के घर एक ताम्रपत्र प्राप्त हुआ है। जिसमें हथेली का निशान निर्मित है। इसमें फारसी एवं उर्दू में कुरान के संदेश लिखे हुए हैं। यह ताम्रपत्र रहीम मियां के घर 3-4 पीढ़ी पूर्व से रखे हुए हैं।
राजनांदगांव जिला अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पाण्डुलिपि स्थित होने के संभावित क्षेत्र संस्कृति महाविद्यालय, निजी एवं सरकारी पुस्तकालय, संग्रहालय, शिक्षण एवं शोध संस्थान, संस्कृत पाठशालाएं, मंदिर, मठ, आश्रम, गुरूकुल, ट्रस्ट एवं निजी संग्रहकर्ता, पुरोहित, धर्माचार्य, ज्योतिषाचार्य, आयुर्वेदाचार्य, संस्कृत एवं प्राचीन भाषाओं के विद्वानों अन्य को चिन्हीकरण व सर्वेक्षण का कार्य किया जाएगा।
जिले अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कहीं भी पाण्डुलिपि की उपलब्धता के आधार पर नागरिकों द्वारा स्व-प्रेरणा से स्वयं भी यह सर्वेक्षण कार्य ज्ञानभारतम मोबाईल एप के माध्यम से किया जा सकता है। जिससे संबंधित जानकारी हेतु जिला स्तर पर नियुक्त मास्टर ट्रेनर्स प्रणीता शर्मा के मोबाइल नंबर 8120758970, केपी विश्वकर्मा के मोबाइल नंबर 9827152229, शतदल पात्रों के मोबाइल नंबर 7879088180, कल्याणी सिन्हा के मोबाइल नंबर 8103757894 पर संपर्क किया जा सकता है।
इसी क्रम में जिला प्रशासन राजनांदगांव द्वारा नागरिकों से भी यह अपील किया गया है कि यदि उनके पास किसी प्रकार की प्राचीन पाण्डुलिपि, ताड़पत्र, दुर्लभ हस्तलिखित ग्रन्थ व चित्रकारी आदि उपलब्ध हैं एवं उसकी जानकारी इस सर्वेक्षण में दर्ज कराये जाने हेतु सहमत हों, तो वे मास्टर ट्रेनर्स से संपर्क कर सकते हैं।


