राजनांदगांव

डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करें- दिलीप
15-Apr-2026 4:03 PM
डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करें- दिलीप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 15 अप्रैल।
भारतीय संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती समारोह देवरी बंगला परिक्षेत्र स्तरीय कार्यक्रम 14 अप्रैल को बालोद जिले के जनपद पंचायत डौंडीलोहारा के अंतर्गत ग्राम किसना में धूमधाम से मनाया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय बौद्ध महासभा जिला बालोद के अध्यक्ष दिलीप मेश्राम तथा अध्यक्षता बौद्ध महासभा परिक्षेत्र देवरी के अध्यक्ष सुनील रंगारे ने की। बाबा साहब की जयंती पर ग्राम फरदफोड़ से रैली प्रारंभ होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। जिसमें बड़ी संख्या में बाबा साहब के अनुयायी उपस्थित थे।
इस अवसर पर दिलीप मेश्राम ने बाबा साहब डॉ. भीम राव अंबेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन, वंचित, शोषित और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके उत्थान के लिए समर्पित किया। उनके जीवन और विचार समाज को समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूक करते हैं। उन्होंने लोगों से आव्हान किया कि डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सशक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

सुनील रंगारे ने कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा हासिल कर पूरी दूनिया में पहचान स्थापित की। बाबा साहब एक महान अर्थशास्त्री, विधिवेत्ता और समाज सुधारक थे, जिन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंडल अध्यक्ष विवेक वैष्णव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का नारा दिया था। उन्होंने समाज के अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
आदिवासी हल्बा समाज के रामलाल नायक ने कहा कि बाबा साहब ने नौकरी में काम के घंटे 12 से घटाकर 8 घंटे लागू करने में अहम भूमिका  निभाई। वे सामाजिक समरसता के प्रतीक थे। अस्पृृश्यता निवारण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। विजय चौहान शिक्षक के मार्गदर्शन में स्कूली बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसे लोगों ने काफी सराहा। विशेष आमंत्रित रत्ना मेश्राम ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का मानना था- शिक्षा उस शेरनी के दूध के समान है, जो पीयेगा वो दहाड़ेगा।  श्रीमती मेश्राम ने कहा कि भले ही दो रोटी कम खाएं, पर अपने बच्चों को अवश्य पढ़ाएं।

आदिम जाति कल्याण विभाग के से.नि. परियोजना प्रशासक डीपी लोन्हारे ने जयंती समारोह को सफल बनाने में जिन्होंने अपना प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग प्रदान किया, उनके प्रति हृदय से आभार जताया। इस अवसर पर विशेष अतिथि जिला पंचायत सभापति प्रभा नायक, जनपद पंचायत अध्यक्ष डौंडीलोहारा कांतिप्रकाश सोनबरसा, ब्लॉक अध्यक्ष के अलावा सरपंच डोमेश्वरी यादव, हिना साहू, गैंदलाल सिन्हा ने भी अपने विचार प्रकट किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में देवेन्द्र कुमार मेश्राम, पीएस लोन्हारे, जीएस श्रीरंगे,  अरविंद गौतम, आरआर सुखदेवे,  आरआर रामेटेके, राकेश मेश्राम, जेपी मेश्राम का विशेष योगदान रहा।


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