राजनांदगांव
भीड़ और भगदड़ से निपटने अभ्यास
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 30 अप्रैल। दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे नागपुर मंडल के सुरक्षा आयुक्त दीपचंद आर्य के निर्देश पर रेल्वे स्टेशन राजनंादगांव में यात्रियों की सुरक्षा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का आंकलन करने 29 अप्रैल को एक संयुक्त मॉकड्रिल (आपातकालीन अभ्यास) का आयोजन किया गया।
इस मॉकड्रिल का उद्देश्य स्टेशन परिसर में संभावित आपात स्थितियों जैसे अत्यधिक भीड़, भगदड़, आगजनी तथा संदिग्ध व लावारिस वस्तु की स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता, समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था। अभ्यास के दौरान प्लेटफार्म पर अत्याधिक भीड़ एवं भगदड़ जैसी स्थिति का सिमुलेशन किया गया। जिसमें रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, स्थानीय पुलिस एवं रेलवे स्टाफ द्वारा तत्काल कार्रवाई करते भीड़ को नियंत्रित किया गया तथा यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। आपातकालीन निकासी मार्ग एवं फुटओवरब्रिज का प्रभावी उपयोग करते स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया गया।
इसी क्रम में प्लेटफार्म क्र. 01 पर एक संदिग्ध लावारिस बैग की सूचना का सिमुलेशन किया गया, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते स्टेशन मास्टर, डॉग स्क्वायड एवं अन्य संबंधित विभागों को सूचित किया गया। सभी टीमों द्वारा मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी की गई तथा यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बीडीडीएस एवं डॉग स्क्वायड द्वारा संदिग्ध बैग की सघन जांच की गई। जिसमें कोई भी संदिग्ध या विस्फोटक सामग्री नहीं पाई गई।
अत्यधिक गर्मी एवं भीड़ की स्थिति को ध्यान में रखते एक यात्री के अचानक बेहोश होने का सिमुलेशन भी किया गया। इस पर त्वरित प्रतिक्रिया देते ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ द्वारा यात्री को प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। उसे पानी पिलाया गया तथा तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने की कार्रवाई का सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया।
इस संयुक्त मॉक ड्रिल में रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, स्थानीय पुलिस, बीडीडीएस, डॉग स्क्वायड, स्टेशन प्रबंधन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। मॉकड्रिल के दौरान सभी विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का प्रदर्शन हुआ तथा किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रेलवे प्रशासन द्वारा आम नागरिकों एवं यात्रियों को आश्वस्त किया जाता है कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा भविष्य में भी इस प्रकार के अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी रूप से निपटा जा सके।


