राजनांदगांव
महिला लिपिक ने डीएफओ से की शिकायत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 9 अप्रैल। डोंगरगढ़ में पदस्थ वन विभाग की एसडीओ पूर्णिमा राजपूत विवादों में फंस गई है। उन पर विभाग की एक महिला लिपिक ने जाति सूचक टिप्पणी करने के अलावा गैर छत्तीसगढिय़ा होने पर तंज कसने का आरोप लगाया है। महिला लिपिक ने इस मामले की सीधे डीएफओ आयुष जैन से शिकायत की है। खबर है कि डीएफओ ने तत्काल एक महिला अफसर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। आरोपी महिला अफसर की कार्यप्रणाली को लेकर वन विभाग के निचले कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक डोंगरगढ़ में पदस्थ एसडीओ पूर्णिमा राजपूत पर उत्तर बोरतलाव परिक्षेत्र में पदस्थ लिपिक सिवानी श्यामकर ने डीएफओ के नाम एक शिकायती पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि एसडीओ द्वारा अपमानजनक, भेदभावपूर्ण एवं जाति सूचक शब्दों समेत बुरा बर्ताव किया जाता है। इससे महिला लिपिक ने अपनी मानसिक स्थिति खराब होने की बात कही है। शिकायत में इस बात का स्पष्ट जिक्र है कि महिला अफसर श्रीमती राजपूत द्वारा पीडि़त लिपिक को महाराष्ट्र से आकर बसने पर कई बार ताना कसा है।
दरअसल 21 मार्च 2026 को एसडीओ ने फोन पर कुछ आवश्यक शासकीय काम पूर्ण करने को निर्देश दिया। शनिवार होने की वजह से महिला लिपिक घर पर थी। इस बात को सुनकर भडक़कर महिला अफसर ने खरी-खोटी सुनाते हुए महाराष्ट्र से आकर बसने का ताना कसा। महिला लिपिक ने जब कहा कि ईद पर शासकीय अवकाश होने की जब बात कही, तो एसडीओ ने क्या तुम मुसलमान हो, आफिस नहीं आए हो, ऐसी भी टिप्पणी की। लगातार डोंगरगढ़ वन एसडीओ का रवैया महिला लिपिक के खिलाफ रहा है। वह आहत होकर डीएफओ से शिकायत करते महिला अफसर के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
बहरहाल वन विभाग में कुछ अन्य महिलाओं के साथ भी खराब रूख अपनाकर काम करने का आरोप लग रहा है। इस संबंध में महिला एसडीओ श्रीमती राजपूत ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि शिकायत की मुझे जानकारी नहीं है, शिकायती पत्र देखने के बाद ही इस पर वह प्रतिक्रिया देंगी। उधर एसडीओ के खिलाफ यह मामला अनुसूचित जाति, जनजाति शासकीय कर्मचारी संघ तक पहुंच गया है। यह मामला अब आगे तूल पकड़ सकता है।


