राजनांदगांव

डोंगरगांव के बाद डोंगरगढ़ जनपद में भी मामला शांत हुआ
14-Mar-2026 4:16 PM
डोंगरगांव के बाद डोंगरगढ़ जनपद में भी मामला शांत हुआ

अफवाहों के कारण मामला गर्म हुआ था
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 14 मार्च।
विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी जो की अनुशासन के प्रतिपालन में मजबूती के साथ अपने सदस्यों को जोड़े रखती है, पिछले दिनों डोंगरगांव एवं डोंगरगढ़ जनपद में अफवाहों के बाजार गर्म होने के कारण जनपद सदस्यों में नाराजगी सार्वजनिक रूप से प्रकट होने पर संगठन ने इसे गंभीरता से लिया और आपसी सांमजस्य कर मामले का पटाक्षेप किया ।

विदित हो कि डोंगरगढ़ जनपद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के खिलाफ  भाजपा के 12 जनपद सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के विषय पर शुक्रवार  को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कड़ा रूख अपनाते घटना का संज्ञान लिया और भाजपा के सभी 17 सदस्यों को राजनांदगांव बुलाकर बातचीत की। जिसमें विधायक प्रतिनिधि संतोष अग्रवाल, सचिन बघेल, जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, महापौर मधुसूदन यादव, भरत वर्मा, सौरभ कोठारी, डीकेश साहू एवं मंडल अध्यक्ष गण ने सभी जनपद सदस्यों एवं अध्यक्ष-उपाध्यक्ष से बातचीत की और वास्तविक स्थिति को समझा और आपसी सामंजस्य बनाकर सर्वानुमति से सभी 17 सदस्य भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत के साथ कलेक्टारेट पहुंचकर जिलाधीश से मिले और दो दिनों पूर्व प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव के पत्र को वापस लेने का आवेदन दिया।
भाजपा मीडिया सेल के अनुसार बैठक में यह बात सामने आई कि कांग्रेसियों द्वारा भाजपा के जनपद सदस्यों को दिगभ्रमित कर गलत जानकारी दी गई थी। जिसके आक्रोश में यह अविश्वास प्रस्ताव का मुद्दा उछला, परन्तु आज जब भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ जनपद सदस्य आपस में बैठे तो वास्तविक स्थिति का संज्ञान हुआ इसके पश्चात तुरंत ही सभी 17 सदस्य कलेक्टोरेट पहुंचकर अपनी गलती को सुधार कर  अविश्वास प्रस्ताव के आवेदन को वापस लेकर मामले का पटाक्षेप किया ।


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