राजनांदगांव

डोंगरगढ़ के चिकित्सक पर महिला ने गलत उपचार करने का लगाया आरोप
19-Jan-2026 3:57 PM
डोंगरगढ़ के चिकित्सक पर महिला ने गलत उपचार करने   का लगाया आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 19 जनवरी। डोंगरगढ़ के एक आयुर्वेदिक चिकित्सक के विरूद्ध एक महिला रोगी ने इलाज के नाम पर शारीरिक तकलीफ बढ़ाने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि एलोपैथी पद्धति से उपचार नहीं करने का लाईसेंस होने के बावजूद चिकित्सक ने जानबूझकर एलोपैथी दवाई से इलाज करने की कोशिश की। जिसके चलते महिला को कई तरह की शारीरिक तकलीफ का सामना करना पड़ा।

सोमवार को राजनांदगांव प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता लेकर कीर्ति डकहा ने महेश कुमार तिवारी नामक चिकित्सक पर कई तरह के आरोप लगाए। जिसमें चिकित्सक द्वारा एमबीबीएस की डिग्री नहीं होने, पैथोलॉजी लैब की रिपोर्ट के बिना, बायोप्सी के बिना 6 माह तक दवाई देकर इलाज किया। जिसके कारण महिला के शरीर में कैंसर का इन्फेक्षन फैल गया। उक्त डॉक्टर के खिलाफ जांच कर पीडि़ता ने सीएमएचओ से लाईसेंस रद्द करने की मांग की है।

 

महिला ने बताया कि 01 अगस्त 2024 को सीना में तकलीफ होने पर उक्त डॉक्टर के द्वारा 10 दिन की दवा लिखकर दिया गया, किन्तु उन्हें कोई आराम नहीं मिला। पुन: 11 अगस्त 2024 को इलाज कराने गई, तब चिकित्सक ने अंग्रेजी दवा लिखने के बाद सोनोग्राफी करवाया। इसके बाद उसकी तकलीफ बढऩे लगी। चिकित्सक द्वारा महिला को एक छोटी गांठ का आपरेशन करने की जानकारी दी, तब सब कुछ सामान्य होने का दावा किया। इस बीच चिकित्सक ने महिला को बेहोश कर ऑपरेशन किया।  ऑपरेशन के पहले बायोप्सी की जांच नहीं की गई। मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं होने के बावजूद चिकित्सक ने कई तरह के प्रयोग किए। इसके बाद नागपुर स्थित एक अस्पताल में इलाज कराने पर महिला को कैंसर होने की जानकारी मिली।  महिला ने आरोप लगाया कि डोंगरगढ़ के चिकित्सक महेश तिवारी ने गांठ का इलाज करने के लिए काफी समय लिया। जिसके कारण महिला के शरीर में कैंसर फैल गया। इस तरह महिला ने कई तरह के आरोप लगाए। महिला ने चिकित्सक पर इस मामले में बातचीत करने के दौरान जातिगत गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया गया है। महिला ने आरोपी चिकित्सक के विरूद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की।


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