राजनांदगांव

आवासीय विद्यालय में प्रताडऩा : शिक्षकों के समर्थन में पहुंचे भाजपा नेता, बवाल, वीडियो फैला
19-Jan-2026 3:58 PM
आवासीय विद्यालय में प्रताडऩा : शिक्षकों के समर्थन में पहुंचे भाजपा नेता, बवाल, वीडियो फैला

कांग्रेस विधायक ने कार्रवाई की मांग की

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 19 जनवरी। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं की पिटाई और दुव्र्यवहार के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष दिलीप वर्मा शुक्रवार को समर्थकों के साथ विद्यालय पहुंच गए, और उन्होंने मारपीट-प्रताडऩा के आरोप से घिरे शिक्षकों को अपनी तरफ से क्लीन चिट दे दी। वर्मा का वीडियो वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस विधायक इंद्रशाह मंडावी ने भाजपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

दो छात्राओं की आत्मघाती प्रयास से चर्चा में आए मोहला-मानपुर जिले के चौकी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में गजब ही हो गया। यहां विद्यार्थियों द्वारा मारपीट और प्रताडऩा की शिकायत के बाद पहुंची प्रशासनिक टीम ने वार्डन व प्राचार्य को हटाने और तीन व्याख्याता को नोटिस जारी किया है। उन पर कार्रवाई से पहले ही भाजपा नेता दिलीप वर्मा शुक्रवार को  एकलव्य परिसर पहुंच गए। उन्होंने प्राचार्य और तीनों व्याख्याता को माफ करने की घोषणा कर दी।

वीडियो वायरल होने के बाद आदिवासी बच्चों के प्रताडऩा से जुड़े पॉक्सो एक्ट के तरफ  जा रहे इस मामले में राजनीतिक खलबली मची हुई है। कांग्रेस विधायक इंद्रशाह मंडावी ने एसपी व कलेक्टर को पत्र लिखकर  दिलीप वर्मा के खिलाफ  तत्काल वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। इधर भाजपा अध्यक्ष के छात्र-छात्राओं के मामले में प्रशासनिक अमले की जांच से ऊपर उठकर राजनीति करने से आदिवासी समाज भी उद्धेलित है।

उल्लेखनीय है कि पिछले पखवाड़ेभर से चौकी स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में हाईस्कूल की बच्चियों को प्रताडि़त करने का मामला गूंज रहा है। 10वीं और 11वीं की दो छात्राओं ने एक के बाद एक आत्महत्या की कोशिश भी की थी। मगर भाजपा जिला अध्यक्ष दिलीप वर्मा के दखल के बाद मामला राजनीतिक रंग ले लिया।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कर दिया माफी का ऐलान

एकलव्य परिसर में भाजपा जिला अध्यक्ष का विद्यालय के स्टाफ  और बच्चों से चर्चा का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें दिलीप वर्मा पहली गलती होने की वजह से माफ  करने की बात कहते सुनाई और दिखाई दे रहे हैं। हालांकि वे दूसरी बार ऐसी गलती ना करने के लिए स्टाफ  को ताकीद करते भी सुनाई दे रहे हैं।

एफआईआर दर्ज करे प्रशासन- विधायक

वहीं इस मामले में स्थानीय विधायक इंद्रशाह मंडावी ने कहा है कि आदिवासी नाबालिग छात्र-छात्राओं के मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष कैसे जांच अधिकारी बन गए? किसके परमिशन से भीड़ लेकर परिसर में घुसे? बच्चों के शोषण में वो कौन होते हैं माफ  करने वाले? उन्होंने कहा कि इस मामले में तत्काल कलेक्टर व एसपी को कार्रवाई के लिए पत्र प्रेषित किया गया है।

 

केवल परिजनों और अफसरों को परिसर में प्रवेश की इजाजत- कलेक्टर

मामले में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कहा है कि एकलव्य परिसर में परिजनों और जांच के लिए भेजे गए अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति है, शेष किसी को नहीं। अगर कोई गया है तो यह उनका निजी निर्णय होगा।

किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई -  एसपी

उधर इस मामले में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के एसपी वाईपी सिंह ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर एकलव्य विद्यालय परिसर में घुसने और जांच करने की अनुमति नेताओं को नहीं दिया गया था।


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