रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 6 जून। मालवीय रोड स्थित श्री आदिनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर (लघु तीर्थ) में चल रहे 10 दिवसीय श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर' के छठे दिन ज्ञान और क्रिया का अनूठा संगम देखने को मिला।
प्रात: कालीन सत्र में बच्चों को जैन धर्म की सबसे महत्वपूर्ण दैनिक क्रियाओं का व्यावहारिक व सूक्ष्म ज्ञान दिया गया। सांगानेर एवं रायपुर के जैन विद्वानों ने सभी नन्हे शिविरार्थियों से जिन अभिषेक एवं विश्व-शांतिधारा की पावन क्रियाएं संपन्न कराया।
बच्चों की पाठशाला में आज 'जैन धर्म शिक्षा भाग-2' के पाठ-5 के माध्यम से बच्चों को सच्चे देव, शास्त्र और गुरु की सही पहचान व उनके स्वरूप के बारे में बताया गया। इसके साथ ही पाठ-8 के अंतर्गत षट्लेश्या (छह लेश्याओं) का अत्यंत रोचक और सूक्ष्म अध्ययन कराया गया। प्रौढ़ एवं युवा वर्ग की पाठशाला में सुप्रसिद्ध जैन ग्रंथ छहढाला की ढालों का क्रमबद्ध और मार्मिक विवेचन किया गया, जिसमें श्रावकों ने आत्म-कल्याण के सूत्रों को समझा। सभी बच्चों को पढ़ाई के लिए नोटबुक (कॉपी), पेन और आवश्यक स्टेशनरी सामग्री का निशुल्क वितरण कर हौसला बढ़ाया गया। यह पूरा सत्र अभिषेक जैन शास्त्री, शरद जैन शास्त्री एवं रायपुर के सौरभ जैन शास्त्री की अगुवाई में हुआ।


