रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 मई। पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बाल अपराध की रोकथाम, नाबालिगों के पुनर्वास तथा उन्हें पुन: अपराध की दुनिया में जाने से रोकने के उद्देश्य से शनिवार को नवोदय - नई सुबह की ओर अभियान शुरू किया। इसके प्रथम चरण में डाइवर्जन प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत बच्चों के रहन-सहन, पारिवारिक स्थिति, सामाजिक परिस्थितियों एवं मानसिक अवस्था का अध्ययन कर आवश्यक सहयोग एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही बाल कल्याण अधिकारियों एवं किशोर न्याय बोर्ड के माध्यम से बच्चों को विधिक संरक्षण एवं आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास , स्वास्थ्य, श्रम विभाग, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं सहित कुल 08 विभागों को जोड़ा जाएगा ।
कार्यक्रम में काउंसिल फॉर सोशल जस्टिस एवं यूनिसेफ के वॉलिंटियर्स सक्रिय भूमिका निभाएंगे। नाबालिगों बालकों एवं उनके परिवारों को आवश्यक परामर्श देने तथा उन्हें विभिन्न विभागों की योजनाओं से जोडऩे का कार्य करेंगे।
कार्यक्रम के आगामी चरणों में मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा, जिनके माध्यम से बार-बार छोटे अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले बच्चों की नियमित काउंसलिंग की जाएगी। साथ ही उनके परिजनों की भी नियमित काउंसलिंग कर अपराध प्रवृत्ति को समाप्त करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
इस अभियान के अंतर्गत प्रारंभिक रूप से तेलीबांधा, गंज, खमतराई, टिकरापारा एवं डीडी नगर थाना क्षेत्रों का चयन किया गया है। इन क्षेत्रों में रहने वाले एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए बालकों की सूची तैयार कर उनके पुनर्वास एवं सुधार के विशेष प्रयास किए जाएंगे।कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर एसीपी अमित तुकाराम कांबले, एसीपी मुख्यालय डॉ अर्चना झा , श्रीमती रुचि वर्मा मुख्यालय श्रीमती नंदिनी ठाकुर, यूनिसेफ की स्टेट कॉर्डिनेटर सुश्री चेतना देसाई , काउंसिल ऑफ सोशल जस्टिस से राम वर्मा , रमेश , पुरुषोत्तम , संबंधित थाना प्रभारी , बाल कल्याण अधिकारी, एवं वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे।


