रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 फरवरी। छत्तीसगढ़ आम आदमी पार्टी पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। महासचिव वदूद आलम ने कहा कि आत्मानंद स्कूल के अव्यवस्था, 50000 शिक्षकों के पद रिक्त होने, प्रदेश के छात्रों को नरेंद्र मोदी की विचारधारा इंडिया पढ़ेगा, इंडिया बढ़ेगा को असफल बताते हुए ना इंडिया पढ़ेगा, ना इंडिया बढ़ेगा की नीति पर आत्मानंद स्कूल में बजट का प्रावधान न होना,जहां बच्चियां पढ़ती है वहां शौचालय की व्यवस्था न होना, छत्तीसगढ़ के पीएससी जैसे परीक्षाओं में पुन: मुन्ना भाई लोगों का शामिल होना, छत्तीसगढ़ के छात्रों के उपेक्षा पूर्ण नीति का परिणाम है। आम आदमी पार्टी इसके लिए आंदोलन कर सरकार को धेरने का निर्णय लिया है।
प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ़ ने कहा कि हाल ही में प्रदेश सरकार ने आरटीई की 44173 सीटों की बजाय 19466 सीटों पर ही एडमिशन देने का निर्णय लिया। मतलब 24 हजार से ज्यादा सीटें खत्म कर दी गयीं हैं।
प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग ) विजय कुमार झा ने कहा कि युक्तियुक्तकरण में 10 हजार स्कूल बंद कर दिये, ग्रामीण इलाकों में स्कूलों की जजऱ्र स्थिति है। 50 हजार शिक्षकों की भर्ती नहीं की जा रही है। सरकारी मुफ्त शिक्षा की बजाय निजी स्कूलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह सरकार शिक्षा विरोधी सरकार है।
प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सरकार से मांग करती है कि सभी आत्मानंद स्कूलों को तत्काल नियमित और पूरा फंड जारी करने, आरटीई के तहत नर्सरी, पीपी -1 और पीपी-2 से प्रवेश की पुरानी व्यवस्था बहाल करे। रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान ने कहा कि यदि सरकार ने शिक्षा के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में पार्टी इसे प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप देगी।


