रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 फरवरी। हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू) का 9वाँ दीक्षांत समारोह 22 फरवरी (रविवार) को आयोजित किया गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति सूर्यकांत, मुख्य अतिथि के रूप में दीक्षांत उद्बोधन देंगे। उनके साथ न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं कुलाधिपति 6 पीएच.डी., 88 एलएल.एम. तथा 148 वी.ए. एलएल.वी. (ऑनर्स) स्नातकों को उपाधि प्रदान करेंगे। दीक्षांत समारोह से पूर्व श्री सूर्यकांत एचएनएलयू परिसर में 50 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले नए ऑडिटोरियम परिसर का शिलान्यास और नव स्थापित आर-हास (रिसर्च हब एंड स्पोक) ब्लॉक का उद्घाटन करेंगे।
दीक्षांत समारोह का आयोजन दोपहर 2 बजे से 4.45 बजे तक एक निजी होटील में होगा। इसमें विशिष्ट अतिथि सीएम विष्णु देव साय, सुुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा, न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, न्यायमूर्ति पी. सैम कोशी, उच्च न्यायालय तेलंगाना, न्यायमूर्ति जी. रघुराम, पूर्व निदेशक, राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल समेत अन्य न्यायाधिकारी उपस्थित रहेंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वीसी विवेकानंदन ने पत्रकारवार्ता में बताया कि दीक्षांत समारोह में 10 सातक एवं 3 बातकोत्तर विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षगिक उपलब्धि के लिए कुत 35 स्वर्ण पदक प्रदान किए जारेंगे।
प्रो. विवेकानंदन ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि हेल्थ शोल्ड कार्यक्रम के अंतर्गत चिकिल्ला प्रतिपूर्ति 9.000 से बढ़ाकर 30,0001 रुपये 1 करोड़ की प्रारंभिक निधि के साथ स्टाफ कम्पैशनेट फंड नीति शुरू की गई है। छत्तीसगढ़ के लिए जलवायु परिवर्तन विधायन पर परियोजना (वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा स्वीकृत)। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद की प्रमुख शोध परियोजना अबूझ माडिय़ा भाषा, संस्कृति एवं समाज का अध्ययन।
प्रोजेक्ट जस्टिस कनेक्ट अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा 3.35 करोड़ का अनुदान (2025-2028) के लिए दिया गया है। जिसमें 30 अनुसंधान कक्ष एवं एक बोर्ड रूम सम्मिलित हैं।


