रायपुर

फर्जी लोन एप इंटरनेशनल नम्बर से ठगी, पुरानी बस्ती में बाप-बेटी के खाते से ढाई लाख गायब
19-Feb-2026 5:59 PM
फर्जी लोन एप इंटरनेशनल नम्बर से ठगी, पुरानी बस्ती में बाप-बेटी के खाते से ढाई लाख गायब

पासबुक एंट्री कराने पर हुआ खुलासा, बाहरी लिंक की आशंका

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 19 फरवरी। राजधानी में फर्जी लोन एप से ठगी का मामला सामने आया है। टाटीबंध स्थित पार्थिवी कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. के कर्मचारी बोधीसत्व घोष ने थाना आमानाका में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि कुछ अज्ञात लोग कंपनी के नाम और पुराने पते का दुरुपयोग कर गूगल प्ले स्टोर पर फर्जी लोन एप संचालित कर रहे हैं।

शिकायत के अनुसार डे-डे लोन और आरवी 5 लोन नाम से एप संचालित किए जा रहे हैं। एप में कंपनी का नाम और पुराना पता — महाराष्ट्र्र भवन के पास, चौबे कॉलोनी, रायपुर है। एप के जरिए लोगों को आसान शर्तों पर लोन देने का झांसा दिया जाता है।

कंपनी प्रबंधन को तब संदेह हुआ जब कुछ लोगों ने लोन प्रक्रिया और वसूली से जुड़े कॉल कंपनी कार्यालय में करने शुरू किए। पूछताछ में पता चला कि कंपनी का इन एप से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद बोधीसत्व घोष ने थाना आमानाका में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि एप का संचालन अलग-अलग मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी से किया जा रहा है। एप से जुड़े संपर्क नंबरों में पाकिस्तान और थाईलैंड के अंतरराष्ट्र्रीय कोड वाले नंबर भी मिले।साइबर अपराध के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। कंपनी ने साइबर क्राइम पोर्टल और मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स में भी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब एप संचालकों की डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है।

दूसरी ओर, पुरानी बस्ती थाना इलाके में ऑनलाइन ठगी केमामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।अवधपुरी कॉलोनी निवासी निर्मला मल्लिक (44) और उनकी पुत्री सपना मल्लिक के बैंक खातों से कुल 2,57,596 रुपए पार कर लिए गए।

पीडि़़ता ने बताया कि 11 से 15 फरवरी के बीच उनके स्टेट बैंक ऑफ इंडिया खाते से 1,57,998 रुपए और उनकी पुत्री के खाते से 99,598 रुपए कट गए।इसके लिए उसने न तो ओटीपी आया और न ही किसी प्रकार का कॉल प्राप्त हुआ।

जब बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई तो उसमें ऑनलाइन ट्रांजैक्शन सामने आए। ठगी होने के शक में पीडिता ने पुरानी बस्ती थाना में धोखाधड़ी की रिपोर्ट की।

पुलिस ने संदेह जताया है कि यह मामला फिशिंग, कार्ड क्लोनिंग या इंटरनेट बैंकिंग हैकिंग से जुड़ा हो सकता है। साइबर सेल की मदद से ट्रांजैक्शन की तकनीकी जांच की जा रही है।


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