रायपुर

कृषि-पशु सखियों को पुलिस ने कलेक्टोरेट से पहले रोका
19-Feb-2026 5:54 PM
कृषि-पशु सखियों को पुलिस ने कलेक्टोरेट से पहले रोका

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 19 फरवरी। एनआरएलएम बिहान योजना में प्रदेश भर में कार्यरत कृषि एवं पशु सखी संघ की महिलाएं गुरुवार को राजधानी पहुंची। वह अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल और सीएम साय के नाम ज्ञापन देने कलेक्टोरेट जा रही थी। 4 बसों में  सवार इन महिलाओं को  पुलिस ने उन्हें राजीव प्रतिमा के पास रोक लिया । पुलिस ने केवल 4 प्रतिनिधियों को ही जाने की अनुमति दी। इनका नेतृत्व स्कीम वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की प्रांताध्यक्ष - ऐश्वर्या राय महासचिव रामेश्वरी राजपूत , सलाहकार विश्वजीत हाशेटे कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि वे सभी  राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न विभागीय योजनाओं को ग्रामीण स्तर पर कार्यान्वित करती हैं। इसके अलावा उनसे अन्य कई विभागों का कार्य करवाया जाता है।  लोकोस, वीपीआरपी एवं लखपति दीदी का ऑनलाइन कार्य आदि बहुत सारे काम हमें करने होते हैं। लेकिन दुख की बात है कि  मानदेय 1910/- रु मासिक दिया जाता है जो बहुत ही कम है। जबकि इससे अधिक राशि विभाग के काम करने में ही खर्च हो जाती है।  अपने व्यक्तिगत मोबाइल में ऑनलाइन काम करना होता है। मोबाइल का रिचार्ज भी 300 रु से 350रु हो चुका है। लगातार कलस्टर और जनपद में ट्रेनिंग मीटिंग ली जाती है। इसके अलावा भी हमें कई बार जनपद या क्लस्टर आना जाना पड़ता है जिसका हमें कोई यात्रा भत्ता नहीं दिया जाता। यह भी देखने में आया है कि कुछ ब्लॉक में या कुछ क्षेत्रों में यह 1910 रुपया भी 4-6 महीने में एक बार दिया जाता है और वह भी बैंक खाते में नहीं दिया जाता और बेमतलब पैसा काट कर दिया जाता है। उन्होंने नियमितिकरण कर

कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय देने छत्तीसगढ़ शासन न्यूनतम वेतन अधिनियम के अनुसार दिया जाए। सभी कैडरों को मोबाइल भता, नेट खर्च, दैनिक भत्ता व यात्रा भत्ता देने, ऑनलाइन कार्य का पैसा जल्द से जल्द हमें दिया जाए। कई वर्षों से कार्यरत इन महिलाओं को जबरदस्ती कार्य से हटाने की बात कही जा रही है।


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