रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 फरवरी। रायपुर से मंदिर हसौद के बीच लेवल क्रासिंग (समपार) पर अब गेट बंद होने पर हज़ारों लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। इस क्रासिंग पर निर्माणाधीन कचना ओवर ब्रिज पर गुरुवार को गर्डर स्थापित कर दिए गए । यह कार्य कल रात से शुरू कर दिया गया था और आज सुबह करीब 2 घंटे के लिए ट्रेनों का संचालन बंद रखा गया।
ओवरब्रिज खमारडीह सीएसईबी ऑफिस के आगे से हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तक होगा। 27 सितंबर 2023 को शुरू हुआ निर्माण
18 महीने के टाइम लिमिट में पूरा न होने से इसके दायरे में आने वाले लगभग ढाई लाख लोगों को परेशान हो रही थी। इसमें वीआईपी स्टेट, अशोका रतन, कचना हाउसिंग बोर्ड, पिरदा, बाराडेरा, जोरा, चंडी नगर, पार्वती नगर, भावना नगर के लोगों को परेशानी होती रही है। कचना रेलवे फाटक पर हर रोज लगभग 1200 छोटे बड़े वाहन गुजरते हैं। जहां पर 1 घंटे के दौरान कई बार रेलवे फाटक बंद होता है।
ब्रिज का रोड साइड काम पूरा हो गया था केवल रेल लाइन के उपर ब्रिज पर गर्डर लगाने का काम रूका हुआ था। पीडब्ल्यूडी का सेतु संभाग सिंगल गर्डर से ब्रिज बनाना चाहता था और रेलवे अपने मानकों के अनुसार डबल गर्डर से। दोनों एजेंसियों के इस द्वंद्व में यह काम अब तक रूका हुआ था। पिछले दिनों डबल लेन ब्रिज का फैसला होने के बाद गर्डर लगाने का कार्य आज किया गया। इस ब्रिज पर कुल 6 गर्डर लगाए गए हैं।
इस ओवरब्रिज पर यातायात शुरू होने के बाद आम लोगों को शंकर नगर से रिंग रोड तीन और मंदिर हसौद, बिलासपुर, बलौदा बाजार के लिए वैकल्पिक रास्ता मिलेगा।
48 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से साथ 871 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़े कचना ओवर ब्रिज का निर्माण केसी राव कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है। इसमें से लोक निर्माण विभाग ने 35 करोड़ 34 लाख रुपए में ठेका दिया। इस ओवर ब्रिज को अप्रैल 2025 तक पूरा होना था।


