रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 फरवरी। छत्तीसगढ़ की राजधानी के हृदय स्थल पर स्थित न्यायालय परिसर एवं कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माण कार्य निरंतर जारी है। इन निर्माण कार्यों को पूर्ण होने में दो-तीन वर्ष का समय लगेगा। कमिश्नर कार्यालय बनने में 2 वर्ष से अधिक का समय लगा। यही स्थिति नवनिर्मित तहसील कार्यालय की भी है। ऐसी स्थिति में दोनों महत्वपूर्ण कार्यालय में आने वाले लोगों को पार्किंग की भयंकर समस्या उत्पन्न हो रही है। जो अपने वाहन रख दिए वह निकालने की स्थिति में नहीं है।
कर्मचारी नेता एवं अधिवक्ता विजय कुमार झा ने बताया है कि दोनों स्थानों पर प्रतिदिन लगभग दो-तीन हजार अधिवक्ता,पक्षकार,आम जनता साक्षीगण,पुलिस,शासकीय कर्मचारी डाक लाने ले जाने में आना-जाना करते हैं। एक दिन में 5 हजार से अधिक दो पहिया वाहन आना-जाना रखना निकलना होते रहता है। ऐसी स्थिति में आगामी 2 वर्ष तक आम जनता, अधिवक्ता, शासकीय कर्मचारी, पुलिस के साथ-साथ अधिकारियों को गंभीर समस्या से गुजरना पड़ेगा। श्री झा ने परिवहन मंत्री से मांग की है कि जिस प्रकार मरीन ड्राइव में सडक़ के किनारे वाहनों की पार्किंग होती है। ऐसी ही पार्किंग नगर निगम मुख्यालय के सामने गार्डन में आधे रोड को धेर कर वाहनों की पार्किंग होती है, वैसे ही कलेक्ट्रेट व सिविल कोर्ट के चारों तरफ सडक़ों पर कम से कम दो पहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जाए तथा छत्तीसगढ़ महतारी के सामने ऑटो स्टैंड को तत्काल हटाया जाए। अन्यथा प्रतिदिन लोगों को गंभीर समस्या से गुजरना पड़ेगा।


