रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 फरवरी। छत्तीसगढ़ रेरा ने पेंड्रा के बिल्डर डेव्हलेपर पर 10 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। यह दंड अधिनियम की धारा 3 के उल्लंघन पर धारा 59 के अंतर्गत लगाया गया है।
प्रकरण में ग्राम पेंड्रा, जिला जीपीएम स्थित पंचम कॉलोनी परियोजना के प्रवर्तक पंचम केशरी, मनीष केशरी, रजनी केशरी एवं निधिश केशरी द्वारा जानबूझकर भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर क्रश्वक्र्र अधिनियम से छूट प्राप्त करने का प्रयास किया गया।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित परियोजना वास्तविक रूप से आवासीय (हाउसिंग) श्रेणी की थी, किंतु प्रवर्तकों द्वारा इसे गलत रूप से प्लॉटेड परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया गया। पूर्व में दर्ज प्रकरण में प्रमोटरों द्वारा वर्ष 2016 का सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर परियोजना को रेरा पंजीकरण से छूट दिलवाई गई थी।
हालांकि, आबंटिती द्वारा प्राधिकरण में प्रस्तुत शिकायत के आधार पर दर्ज प्रकरण की सुनवाई के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि उसी विकास क्षेत्र में प्रवर्तकों ने सक्षम प्राधिकारी से विधिवत भवन अनुज्ञा प्राप्त कर आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया तथा उनका विक्रय भी किया गया।
इस प्रकार, प्रवर्तकों द्वारा प्राधिकरण को गुमराह कर गलत कथन प्रस्तुत करते हुए अनुचित लाभ प्राप्त किया गया।
सीजी रेरा ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि गलत जानकारी देकर अधिनियम से छूट प्राप्त करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर छल भी है।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, सत्य जानकारी का प्रकटीकरण और कानून का पालन अनिवार्य है। अधिनियम से बचने के किसी भी प्रयास पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि घर खरीदारों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


