रायपुर

रविवि में दो सहायक प्राध्यापकों की भर्ती पर उठे सवाल
02-Feb-2026 6:50 PM
रविवि में दो सहायक प्राध्यापकों की भर्ती पर उठे सवाल

पहले से तय नाम को लेकर की जा रही भर्ती की प्रक्रिया

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 2 फरवरी। रविशंकर विश्वविद्यालय,  के ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स एवं लेजऱ टेक्नोलॉजी विभाग में सहायक प्राध्यापक की भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की पात्रता से संबंधित गंभीर अनियमितताओं, चयन समिति के गठन में वैधानिक उल्लंघनों तथा आवश्यक अर्हताओं के संबंध में एआईसीटीई मानकों की  अनदेखी का मामला सामने आया है।

ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स एवं लेजऱ टेक्नोलॉजी में इनोवेटिव प्रोग्राम (एमटेक) के अंतर्गत सहायक प्राध्यापक की भर्ती प्रक्रिया के संदर्भ में विश्वविद्यालय ने  6 सितंबर 23 तथा  3 अक्टूबर 24 जारी किए थे। विज्ञापन के अनुसार दो पृथक विभाग हैं—(1) इलेक्ट्रॉनिक्स एवं फोटॉनिक्स (क्रमांक 10) तथा (2) इनोवेटिव प्रोग्राम रू.ञ्जद्गष्द्ध. ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स एवं लेजऱ टेक्नोलॉजी (क्रमांक 11)। अत: यह स्पष्ट है कि ये दोनों पृथक विभाग हैं तथा चूँकि एमटेक कार्यक्रम एआईसीटीई से अनुमोदित है, इसलिए इस पर उसके मानक नियम  लागू होंगे।

बावजूद इसके संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया को पूर्वनिर्धारित स्क्रिप्ट के तहत संचालित किया गया है, ताकि अपने खास अभ्यर्थियों का चयन किया जा सके,  जिनके पास ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स एवं लेजऱ टेक्नोलॉजी अथवा फोटॉनिक्स में एमटेक अनिवार्य  अर्हता नहीं है। छत्तीसगढ़ के ऐसे योग्य अभ्यर्थियों की उपलब्धता के बावजूद, जिनके पास संबंधित क्षेत्र में एमटेक तथा पीएचडी दोनों हैं, विश्वविद्यालय ने अन्य राज्यों से असंगत अर्हताओं वाले अभ्यर्थियों को आमंत्रित कर चयन करने का षड्यंत्र किया है।

विश्वविद्यालय द्वारा जारी विज्ञापन के विरुद्ध लगभग 35आवेदन आए थे, विश्वविद्यालय ने 7 जनवरी को पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की जिसमें एमएससी इलेक्ट्रॉनिक्स वाले अभ्यर्थियों को पात्र दर्शाया गया था और एमएससी फिजिक्स वाले अभ्यर्थियों को अपात्र सूची में डाल दिया गया था ।

अभ्यर्थियों ने जब आपत्ति लगाई , इसकी शिकायत की तो सबको संतुष्ट करने के लिए आपत्तियों का निराकरण करने के नाम पर सभी सभी आवेदनों को पात्र घोषित कर दिया गया और सभी को इंटरव्यू के लिए बुला लिया गया।

अस्थायी रूप से पात्र अभ्यर्थियों की संशोधित सूची के अनुसार अनेक अभ्यर्थियों के पास केवल एम?एससी डिग्री है तथा उनके पास संबंधित क्षेत्र में एमटेक की अर्हता नहीं है। साथ ही उनकी डिग्री ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक्स एवं लेजऱ टेक्नोलॉजी में भी नहीं है। एआईसीटीई मानकों के अनुसार एमटेक कार्यक्रमों में अध्यापक नियुक्ति हेतु संबंधित विशेषज्ञता में रू.ञ्जद्गष्द्ध./रू.श्व. डिग्री अनिवार्य है। अत: किसी भी मानक व्याख्या के अनुसार ये अभ्यर्थी स्पष्ट रूप से अपात्र हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा  हड़बड़ी में की गई इस गंभीर चूक से स्पष्ट है कि विश्विद्यालय प्रशासन किसी चिन्हित अभ्यर्थी के लिए पहले से ही पक्षपाती रही है । अभ्यर्थियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ के योग्य अभ्यर्थियों (जिनके पास संबंधित क्षेत्र में एमटेक एवं  पीएचडी है) की उपलब्धता के बावजूद, विश्वविद्यालय ने अन्य राज्यों के ऐसे अभ्यर्थियों को आमंत्रित एवं चयन करने का षड्यंत्र किया है जिनकी अर्हताएँ पूर्णत: असंबद्ध हैं।


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