रायपुर
करीब तीन मिनट तक कुत्ता बच्चे को दबोचे रखा
पार्षद ने लोगों को कुत्तों के लिए छोड़ रखा...!
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 जनवरी। स्कूल कालेज में कुत्तों की धरपकड़ के लिए तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर शिक्षा विभाग से लेकर जिला, निगम प्रशासन ने शिक्षक प्रोफेसरों की ड्यूटी लगा दी है। लेकिन शहर के गली मोहल्लों में आवारा कुत्तों को लेकर प्रशासन अभी भी आंखें बंद किए हुए है। और कुत्ते बिना भेदभाव किए उन्हें देखकर भागने में असमर्थ बच्चे-बूढ़ों को अपना शिकार बना रहे हैं।
अयोध्या नगर मठपुरैना वार्ड 60 निवासी इस बुजुर्ग सखाराम वर्मा को कुत्तों ने बड़ी बेदर्दी से काट खाया। पैर से लेकर हाथ तक कई घाव दिए। ऐसा नहीं कि यह बुजुर्ग कुत्तों का रोड़ा बने हुए थे। वह घर के पास सुबह सुबह पेपर पड़ते बैठे थे। तभी कुत्ते अकस्मात झपट पड़ा और काट लिया। इस मोहल्ले से चंद फर्लांग दूर कुत्तों ने एक बच्चे को भी काट लिया।बच्चे का नाम श्रेयांश यादव और उम्र 7 वर्ष है। सिमरन सिटी फेज़ 1 निवासी देवेंद्र यादव के बेटे को फेस 3 में काट डाला। इन कुत्तों ने को करीब 10 12 जगह कुत्ते ने काट लिया। इन आवारा कुत्तों के आतंक को लेकर जब रहवासी शहीद चंद्रशेखर आजाद वार्ड के पार्षद रमेश सपहा से शिक्षकायत या आग्रह करते हैं तो वे अनसुना किए हुए हैं। जबकि एक वर्ष पहले हर दुख सुख घटना हादसे में साथ देने का वादा कसम खाकर वोट मांगा था। और निर्वाचित होने के बाद लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। हर रोज की इस जानलेवा समस्या पर पार्षद ध्यान नहीं दे रहे।


