रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 जनवरी। राजधानी के अलग-अलग थाना इलाकों में मारपीट, गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी और गाड़ी में तोडफ़ोड़ के मामले सामने आए हैं। पुलिस ने शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
उरला पुलिस के मुताबिक जेसीबी चालक गुड्डू कुमार सेन ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह पिछले करीब 5 वर्षों से कन्हैया लाल गुप्ता के यहां जेसीबी चला रहा है। बीते करीब 15 दिनों से वह ग्राम बाना स्थित प्राइम इस्पात कंपनी में जेसीबी से मिट्टी फैलाने का कार्य कर रहा था।
21 जनवरी 2026 को कंपनी के इंचार्ज भगवान सिंह के निर्देश पर वह कंपनी के पास स्थित खाली मैदान में मिट्टी फैला रहा था। इसी दौरान सुबह 10.30 बजे राजेश चक्रधारी एवं उसके अन्य साथी मौके पर पहुंचे और स्वयं को जमीन का मालिक बताकर विरोध करने लगे। इस बीच आरोपियों ने गाली गलौज शुरू कर दी। मना करने पर हुए जान से मारने की धमकी देकर हाथ-मुक्कों व कड़े से हमला कर दिया। इस घटना में चालक गुड्डू सेन को चोट आई, वहीं आरोपियों ने जेसीबी में तोडफ़ोड कर नुकसान पहुंचाया। इसकी सूचना उसने कंपनी इंचार्ज चन्द्रभान पांडे एवं भगवान सिंह को दी। घायल का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उधर सिविल लाइन इलाके में ऑटो चालक मुज्जमिल हुसैन निवासी मोतीनगर, टिकरापारा ने मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। उसने पुलिस को बताया कि 20 जनवरी की शाम वह मेकाहारा से सवारी लेकर तेलीबांधा की ओर जा रहा था। शाम करीब 6 बजे मल्टीलेवल पार्किंग स्टैंड, तेलीबांधा रोड पर एक महिला सवारी को बैठाने के दौरान दूसरे आटों के चालक देवराज खरे एवं प्रियांशु नेवारे से विवाद हो गया।दोनों ने गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। धरसीवां के चौकी सिलयारी क्षेत्र के ग्राम निनवा में जमीन विवाद को लेकर मारपीट के मामले में सतरूपा यादव ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने बताया कि 18 जनवरी को दोपहर 1.30 बजे वह अपने घर पर थी, तभी बाहर गाली-गलौच की आवाज सुनाई दी।
बाहर निकलने पर देखा कि द्वारिका यादव पुराने जमीन विवाद को लेकर उसके पति के साथ गाली गलौज कर रहा था। विरोध करने पर द्वारिका यादव और उसके साथियों ने जान से मारने की धमकी देकर उसके पति और बेटियों के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। शिकायत पर पुलिस ने अलग-अलग मामले में धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।


