रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
अभनपुर, 23 जनवरी। ग्राम खिलोरा में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस में प्रसिद्ध कथावाचक पं. युवराज पांडे ने भगवान शिव की महिमा बताते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का एकमात्र लक्ष्य भगवत प्राप्ति होना चाहिए। मनुष्य को अपने परिवार के प्रति कर्तव्य निभाते हुए भगवत भक्ति भजन करना चाहिए न की वन में जाना चाहिए गृहस्थी सबसे बड़े आश्रम है, क्योंकि भगवान अब तक गृहस्थी में ही अवतार लिए हैं न कि वैरागी के घर, मनुष्य को सत्य धर्म का पालन करते हुए मानवता के अधिकारी होना चाहिए।
आगे कहा- सत्य के बराबर तप नहीं है सत्य से बढक़र दूसरा और कोई नहीं है। गुरु घासीदास बाबा का भी सत्य के संदेश को सुनाते हुए पंथी गीत गायन किया, जिसमें भक्त झूमने लगे।
कथावाचक पंडित युवराज पांडे ने शिव महिमा का विस्तार से वर्णन किया। पं. युवराज पांडे ने कहा कि सच्ची लगन और मां की तड़प उसे एक दिन मंजिल तक पहुंचा ही देती है। प्रेम का वर्णन करते हुए कथा वाचक ने कहा कि प्रेम में समर्पण होता है और इसी समर्पण के बल पर अंत में माता सती पार्वती को प्राप्त हो जा होती है। हमें अपने जीवन को सार्थक बनाने के लिए भगवान शिव की भक्ति करनी चाहिए, उन्होंने कहा कि शिव महापुराण की कथा में भगवान शिव की लीला और उनके उपदेशों का वर्णन किया गया है। शिव हमेशा भक्तों का कल्याण करते हैं,जो व्यक्ति शिव का भक्ति करता है उसका जीवन पुण्यमय हो जाता है। इस कथा प्रसंग के बाद संध्या आरती कर कथा विराम दी गई। रेत से बनाई गई कथावाचक पं. युवराज पांडे की विशाल प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसे देखने श्रोतागणों की भीड़ लगी रहती है।


