रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 जनवरी। छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनी ने इन पांच श्रेणी के अपने अधिकारी कर्मचारियों को पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सोलर पैनल लगवाने की अनिवार्यता से मुक्त कर दिया है। साथ ही उन्हें बिजली बिल में दी जा रही छूट को बरकरार रखने का आदेश जारी किया है।
पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के उप महाप्रबंधक विकास श्रीवास्तव ने बताया कि पावर कंपनियों के सभी नियमित अधिकारी/कर्मचारियों को अपने आवासीय परिसरों में रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने निर्देश जारी किये गये थे। इसके मुताबिक
25 नवंबर 25 तक सूर्य घर योजना में पंजीयन नहीं करवाये जाने की स्थिति में उन्हें दी जा रही बिजली बिल में विशेष रियायत की सुविधा को माह नवम्बर 2025 की खपत पर जारी होने वाले देयक जो कि 1 दिसम्बर 25 से जारी होंगे, से स्थगित करने का प्रावधान किया गया था।
समीक्षा के दौरान यह संज्ञान में आया है कि, कुछ अधिकारी/कर्मचारी तकनीकी एवं अन्य अनिवार्य बाधाओं के कारण सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने में असमर्थ हैं। अत: निर्णय लिया गया है कि, विशेष श्रेणियों के अंतर्गत अधिकारियों / कर्मचारियों को अनिवार्य स्थापना से छूट प्रदान किया जाए।
अनिवार्य स्थापना से छूट हेतु निर्धारित विशेष श्रेणियों-1- कंपनी आवास : यदि अधिकारी/कर्मचारी वर्तमान में कंपनी द्वारा आवंटित क्वार्टर या फ्लैट में निवासरत है एवं छत्तीसगढ़ में किसी भी स्थान पर उनका एवं उनके पति/पत्नी के नाम पर स्वयं का आवास नहीं है।
2- किराए का आवास एवं छत्तीसगढ़ में निजी घर का अभाव यदि कर्मचारी किराए के मकान में रह रहे हैं और संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी स्थान पर उनका स्वयं का एवं उनके पति/पत्नी के नाम पर निजी आवास उपलब्ध नहीं है।
3- संयुक्त परिवार में निवासरत एवं विद्युत कनेक्शन उनके नाम पर नहीं है यदि कर्मचारी परिजनों के साथ संयुक्त परिवार में निवासरत हैं और विद्युत कनेक्शन संबंधित अधिकारी /कर्मचारी के नाम पर अथवा पति/पत्नी के नाम पर दर्ज नहीं है।
4- तकनीकी एवं संरचनात्मक बाधाएँ यदि निजी आवास की छत की बनावट सोलर पैनलों का भार सहने हेतु तकनीकी रूप से उपयुक्त नहीं है।
5- बहुमंजिला इमारत यदि अधिकारी/कर्मचारी अथवा उनके पति/पत्नी किसी ऐसे अपार्टमेंट में रहते है, जहाँ साझा छत की बाधा है और वर्चुअल नेट मीटरिंग या अन्य माध्यमों से भी स्थापना संभव
नहीं है।


