रायपुर
सडक़, ओवरब्रिज और एक्सप्रेस-वे की बड़ी योजना, रायपुर को आधुनिक शहर बनाने निर्णायक कदम
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 जनवरी। गुरुवार को एनएचएआई, स्टेट हाईवे, लोनिवि, एनएच के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने घोषणा की कि जून 2026 में कुम्हारी टोल प्लाजा पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इससे लाखों नागरिकों को वर्षों पुरानी परेशानी से स्थायी राहत मिलेगी।
सांसद श्री अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जून में दुर्ग–आरंग बायपास के प्रारंभ होते ही कुम्हारी टोल प्लाजा बंद होगा, साथ ही मार्च 2026 के बाद किसी भी नए टेंडर पर रोक लगाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।
बैठक में उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2026 से भारतमाला एक्सप्रेस-वे के शुभारंभ के साथ रायपुर को एक नए आधुनिक एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलेगी, जिससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि औद्योगिक, आर्थिक और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।
राजधानी के समग्र विकास की ठोस रूपरेखा
श्री अग्रवाल ने राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सडक़, ओवरब्रिज, अंडरपास और एलिवेटेड रोड जैसी बुनियादी परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
कचना ओवरब्रिज का कार्य मार्च तक पूर्ण करने निर्देश
तेलीबांधा से जोरा ओवरब्रिज को वीआईपी रोड से एंट्री-एग्जिट देने की योजना और भनपुरी से जोरा तक रेल लाइन के किनारे एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेस-वे का रायपुर विस्तार एवं रायपुर से लखनादौन (वाया सिमगा, कवर्धा) तक नई कनेक्टिविटी पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है साथ ही
रायपुर-बलौदाबाजार–सारंगढ़ रोड के उन्नयन की समीक्षा की।
इसके साथ ही ङ्कढ्ढक्क चौक और रिंग रोड पर जाम की समस्या को देखते हुए सर्विस रोड हटाने के निर्देश कमल विहार सहित अन्य क्षेत्रों में ग्रेड सेपरेटर बनाने को कहां और रिंग रोड़ 1 पर डीडीयू नगर के पास अंडरपास बनाने और महावीर नगर से ङ्कढ्ढक्क रोड अमलीडीह तालाब के ऊपर पुल बनाने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में पंडरी में लगने वाले जाम से जनता को राहत दिलाने के लिए खालसा कॉलेज से मोवा तक 4.5 किमी लंबे पुल और अमलेश्वर से कुम्हारी तक खारुन नदी किनारे सडक़ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर चर्चा की।
इसके अतिरिक्त, बलौदाबाजार में सीमेंट फैक्ट्रियों से जुड़े भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने हेतु डेडीकेटेड कॉरिडोर की योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए।


